राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi

प्रस्तावना :

राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi : सभी राष्ट्र के अपने अपने राष्ट्रीय ध्वज होते है , जो की स्वतंत्रता का संबोधन है। इसी तरह हमारे भारत देश का भी ध्वज है , जिसे तिरंगा कहा जाता है। जिसे भारत के मुख्य स्वातंत्रीय त्यौहार के दिन बड़े गर्व से लहराया जाता है।

निबंध 1 (100 शब्द)

तिरंगा भारत का राष्ट्रीय ध्वज है। तिरंगा भारत की स्वतंत्रता का प्रतीक है।हमारे देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा आयताकार है। इसमें तीन रंग होते हैं। केसरी सफेद एवं हरा सबसे ऊपर केसरी रंग होता है।

राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi
राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi

जो साहस वीरता और शौर्य का प्रतीक होता है।मध्य में सफेद रंग होता है। जो शांति सो देता कथा सत्यता का प्रतीक होता है।सबसे नीचे हरा रंग होता है।जो सुख समृद्धि तथा विकास का प्रतीक होता है ध्वज के मध्य में नीले रंग का एक चक्र होता है। जिसमें 24 तीलियां होती है। जिसे अशोक चक्र कहा जाता है।चक्र में निरंतर गति से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।तिरंगे का सम्मान करना भारत के प्रत्येक नागरिक को तिरंगा भारत देश की आन,बान और शान है।

निबंध 2 (150 शब्द)

संसार के प्रति के स्थापना जो होता है।राष्ट्रपति देश का प्रतीक होता है।हमारे राष्ट्र में पांच में ऊपर केसरी बीच में सफेद और नीचे हरे रंग की खटिया होती है। इसलिए तिरंगा करते हैं। और बीच में सफेद पट्टी पर नीले रंग का अशोक चक्र होता है। इसमें चारों और 24 किरणों जैसे रेखाएं होती है।

राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi
राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi

स्वतंत्रता आंदोलन के प्रारंभ से स्वतंत्रता प्राप्त होने तक राष्ट्रध्वज में कई परिवर्तन हुए,लेकिन बहुत समय से तीन रंग और बीच में चरखा यही हमारा ध्वज रहा है स्वतंत्रता के बाद चरखे वाला ध्वज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का हो गया।और 24 नीली रेखा वाला राष्ट्रध्वज बना हमारे संडे में केसरी रंग गीता और बलिदान का प्रतीक है। सफेद रंग सत्य अहिंसा बर्मन की पवित्रता का प्रतीक है। तो हरा रंग खुशहाली का प्रतीक है।राष्ट्रध्वज का आदर करना हर नागरिक का प्रथम कर्तव्य होता है। यह बात देश के हर बच्चे, बूढ़े, जवान और स्त्री पुरुष को ध्यान रखनी चाहिए।

निबंध 3 (200 शब्द)

प्रत्येक देश का अपना राष्ट्रीय ध्वज होता है जो उस देश के गौरव और सम्मान का प्रतीक होता है। हमारे भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है जो देश की स्वतंत्रता के बाद से हमारा राष्ट्रीय भवनों पर फरकाया जाता है।

हमारे राष्ट्र की आन,बान और शान का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है। भारत का राष्ट्रीय ध्वज 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था। इसमें तीन रंग की समांतर पट्टी है इसलिए इसे तिरंगा कहते हैं। यहां एक आयताकार ध्वज है। यहां खादी रंग का बना है। पहली पट्टी केसरी रंग की दूसरी पट्टी सफेद रंग की और तीसरी पट्टी हरे रंग की होती है। जो सफेद रंग की पट्टी होती है वह मध्य में अशोक चक्र होता है। यहां अशोक चक्र गहरे नीले रंग का होता है और उसने चौबीस तीलियां भी होती है केसरी रंग की पट्टी साहस और ताकत का प्रतीक है। सफेद रंग की पट्टी पवित्रता और शांति का प्रतीक है। और हरे रंग की पट्टी समृद्धि का प्रतीक है। राष्ट्रीय ध्वज सभी महत्वपूर्ण अवसरों जैसे गणतंत्र दिवस स्वतंत्रता दिवस पर पकाया जाता है हमें अपने राष्ट्रीय झंडे तिरंगे का सम्मान करना चाहिए।

निबंध 4 (250 शब्द)

15 अगस्त का दिन हमारे भारत देश के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन 1947 में भारत देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ। भारत देश को आजाद करने के लिए अपने भारतीय वीरों ने और वीरांगना ने अपना अमूल्य योगदान दिया। महात्मा गांधी जी, पंडित नेहरू, लोकमान्य तिलक, मंगल पांडे, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर भगत सिंह, लाला लाजपत राय, रानी लक्ष्मीबाई, सुभाष चंद्र बोस आदि अनेक स्वतंत्रता सेनानियों देश की आजाद करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi
राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi

चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, सुखदेव,भगत सिंह आदि क्रांतिकारियों ने देश में क्रांति की आग मिला कर अपने प्राणों की आहुति दे दी सभी भारतीयों ने मिलकर सत्याग्रह आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन, असहयोग आंदोलन आदि आंदोलन अंग्रेजो के खिलाफ शुरू किए। आखिर अंग्रेज हमारा देश छोड़कर चले गए। 15 अगस्त हमारे देश का राष्ट्रीय त्योहार है। इस दिन प्रत्येक वर्ष देश के प्रधानमंत्री राजधानी दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फरकाते है। राष्ट्र गीत गाया जाता है। प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संदेश देते हैं। यह दिन सभी विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। आज हम सब भारतवासी स्वतंत्र भारत देश में रहने का आनंद ले रहे हैं। अतः हमारा कर्तव्य है कि हम हमेशा स्वतंत्रता की रक्षा करें। हमारे देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का सच्चे मन से प्रयास करें।

निबंध 4 (400 शब्द)

“तिरंगा” नाम से ही जान पड़ता है। की तीन रंगों वाला है। हमारे राष्ट्रध्वज में तीन महत्वपूर्ण रंगों के साथ अशोक चक्र के रूप मे तिरंगे की शोभा बनाई हुई है। इन सबके अपने-अपने माध्यमिक तथा दार्शनिक मायने है।पर स्पष्ट रूप में बताया गया है।कि इसका कोई सांप्रदायिक महत्व नहीं है। इस तिरंगे की शान और अनेक जान न्योछावर हुई है

राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi
राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi

राष्ट्रध्वज के महत्व व उसकी गरिमा सदैव बनी रहे इस बात को मद्दे नजर रखते हुए तिरंगे के प्रदर्शन तथा प्रयोग पर विशेष नियंत्रण है। भारत राष्ट्र ध्वज संहिता 26 जनवरी 2002 को स्वतंत्रता प्राप्ति के इतने वर्ष पश्चात राष्ट्रीय ध्वज संहिता में संशोधन किया गया राष्ट्रध्वज संहिता में भारतीय ध्वज ने तथा प्रयोग को लेकर बताया गया निर्देश से है। इस संशोधन में आम जनता को अपने करो तथा कार्यालयों में साल के किसी भी दिन भोज को पकाने की अनुमति दी गई बरसात में ध्वज के सम्मान में कोई कभी ना आए इस बात का भी खास ख्याल रखने का निर्देश किया गया सुविधा की दृष्टि से भारत की राष्ट्र ध्वज संहिता को तीन भागों में बांटा गया है।

पहले में ध्वज के सम्मान की बात रही है। दूसरे भाग में जनता निजी संस्था तथा शैसिक राजस्थान आधी द्वारा राष्ट्र भोज के प्रदर्शन का विवरण दिया गया तीसरे भाग में केंद्रीय तथा राज्य सरकार तथा उनके संगठनों को राष्ट्रध्वज के प्रयोग के विषय में जानकारी दी गई है। राष्ट्रध्वज में सम्मान में राष्ट्रपति की ज्ञान प्रतिष्ठा महान तथा गौरव सदा बनी रहे इसलिए भारत कानून के अनुसार ध्वज को सदैव सम्मान के नजर से देखना चाहिए तथा झंडे का स्पर्श कभी भी पानी और जमीन से नहीं होना चाहिए।

राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi
राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi

मेजपोश के रूप में मंच किसी आधारशीला या किसी मूर्ति को ढकने के लिए इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है। 2500 पुरवा गांव का उपयोग किसी भी भाषा तथा वर्दी के रूप में नहीं किया जा सकता था पर 5 जुलाई 2005 के संशोधन के पश्चात से ही इसकी अनुमति दी गई इसमें भी कमर के नीचे के कपड़े व रूमाल तथा लक्ष्य के रूप में इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है।चंदा डूबा या नहीं जा सकता है। तथा जानबूझकर उल्टा नहीं रखा जा सकता है।

राष्ट्रध्वज को फरकाना एक पूर्ण अधिकार है।पर इसका पालन संविधान के अनुच्छेद 51 के अनुसार करना होगा उद्योगपति सांसद नवीन जिंदल द्वारा कोर्ट में याचिका रखा गया है।जिसमें आम नागरिक द्वारा झंडे के पकाने की मांग की गई तथा 2005 में ध्वज संहिता में संशोधन करना निजी क्षेत्र कार्यालयों में झंडे को भड़काने की अनुमति दी गई,पर इसके साथ निर्देश द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि झंडे का पूर्ण रूप से सम्मान किया जाए।

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मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “राष्ट्रीय ध्वज पर निबंध | Essay on National flag in Hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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