मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi

प्रस्तावना :

मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi : शहर यानि की मेरी पहचान। प्रत्येक व्यक्ति का सपना है अच्छे से अच्छे शहर में रहना। अफसर निबंध प्रत्योगिता में मेरे शहर पर निबंध लिखने को कहा जाता है। इस वजह से आज शहर की जानकारी निबंध के रूप में प्रस्तुत कर रहे है।

निबंध 1

मेरा प्रिय शहर कोलकाता ही है। क्योंकि यह एक सबसे अनोखा शहर है। कोलकाता की बात ही कुछ ऐसी है कि मुझे यह सब से ज्यादा पसंद है और यहां के लोग भी मुझे बहुत ही अच्छे लगते हैं।मेरा वादा है कि अगर आप भी एक बार कोलकाता को देखेंगे और उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा सुनेंगे तो आप का भी सबसे पसंदीदा शहर कोलकाता ही बन जाएगा।

मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi
मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi

कोलकाता भारत का एक प्रमुख शहर है और यह पश्चिम बंगाल की राजधानी है। यह हुगली नदी के किनारे पर बसा हुआ है। यह सभी जगहों के भिन्न – भिन्न भाषा के लोग निवास करते हैं। कोलकाता की जनसंख्या करीब 1.4 करोड़ से अधिक है।

कोलकाता “महलों के शहर” के नाम से प्रसिद्ध है । देश-विदेश के लोग यहां के दर्शनीय स्थान देखने आते हैं ; उन स्थानों में चिड़ियाघर, अजायबघर , विक्टोरिया मेमोरियल कालीघाट, पारसनाथ का मंदिर ,राज भवन, बिडला प्लेनेटोरियम , हावड़ा का पुल तथा भूगर्भ रेलवे इत्यादि प्रसिद्ध है। कोलकाता दिन पर दिन विकास कर रहा है। हमें इसकी सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।

कोलकाता शहर सबसे मनमोहक शहर में से एक माना जाता है । इस शहर में कई सारे पर्यटक को विदेश से भी आते हैं क्योंकि कोलकाता की धरती में बात ही कुछ ऐसी है । मैं मेरे इस प्रिय शहर कोलकाता के बारे में जितनी बातें करो उतनी कम है क्योंकि कोलकाता से ज्यादा मुझे कोई शहर अच्छा नहीं लगता है ।

निबंध 2

मेरा सबसे प्रिय शहर मुंबई हैं। और मेरे लिए बात यह है कि में मुंबई शहर में ही रहता हूं। मुंबई महाराष्ट्र राज्य कि राजधानी हैं और ये शहर अरबसागर के किनारे बसा हुआ है।

मुंबई को “भारत का पश्चिमी दरवाजा” के नाम से भी पहचाना जाता है। यहां भारत के हर प्रांत के लोग रहते हैं इसीलिए मुंबई को “पंचरंगी शहर” कहा जाता है क्युकी भाती भाती के लोग के रहने से भाती भाती भाषा , भाती भाती रंग रूप और भाती भाती त्योहार भी शानदार तरीके से मनाए जाते हैं। मुंबई में कई इमारतें तो बहुत ही बढ़िया और आलीशान हैं।

मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi
मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi

इसी लिए तो मुंबई तो एक शानदार शहरों मै से एक माना जाता है। यह एक से बढ़कर एक सिनेमाघर और होटल भी है और हां विश्व प्रसिद्ध ताज होटल भी मुंबई ही स्थित है। यहां पर कॉलेज भी बड़ी मात्रा में हैं इसीलिए शिक्षा के मामले में भी मुंबई बहुत ही आगे है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि महाराष्ट्र सरकार का एक विशाल और रोचक सचिवालय भी मुंबई में ही स्थित है। मुंबई में रानीबाग , गेट वे ऑफ़ इंडिया , हैंगिंग गार्डन , म्यूजियम , नेशनल पार्क आदि कई देखने लायक स्थान है।

क्रिकेट प्रेमी के लिए यहां सबसे मशहूर वानखेड़े स्टेडियम भी मुंबई में ही है। यह कपड़ा , धातु, बिजली के साधन आदि के बड़े बड़े बाजार भी है। यह हर जगह मोजो कि भीड़ ही दिखाई देती है इसीलिए यह ट्रेन में मुसफरी करना बहुत ही कठिन माना जाता है। मुंबई कि आबादी लगभग 1 करोड़ है। सचमुच , मुंबई सारी दुनिया मे प्रसिद्ध शहर है।

निबंध 3

मेरा सबसे प्रिय शहर दिल्ली है। भारत की राजधानी दिल्ली आज के स्वतंत्र भारत की राजधानी है। यह यमुना नदी के दाएं किनारे पर बसी है। वैभव और यश में वर्तमान दिल्ली किसी महानगर से कम नहीं है।

बागों की रानी दिल्ली को बसाने का श्रेय सूर्यवंशी महाराज दिलीप को चाहता है। परंतु समय के फेर में यह नष्ट हो गई ; फिर इसको धर्मराज युधिष्ठिर ने खंडवाप्रस्थ साफ करके इसे बसाया और नाम दिया था इंद्रप्रस्थ। राजा पृथ्वीराज चौहान ने इसका नाम दिल्ली रखा और इसकी बहुत प्रगति हुई परंतु देशद्रोही श्रीचंद्र के कारण यह राजा पृथ्वीराज चौहान के हाथों से निकलकर दिल्ली मुस्लिम शासकों के हाथों में आ गई तथा बाद में उनके हाथों से निकलकर ब्रिटिश शासकों के हाथों में चली गई। उन्होंने इसे भारत की राजधानी बनाया तथा यहां के बहुत सारे गांव को उठा कर उसका विस्तार किया गया तथा उसका नाम दिया गया नई दिल्ली।

मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi
मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi

स्वतंत्रता के बाद 15 अगस्त 1947 से जब भारतीय जनता के हाथों में सत्ता गई तो दिल्ली को ही देश की राजधानी बनाया गया । दिल्ली में रेलवे का बड़ा भारी जंक्शन है । यहां सिले हुए वस्त्रों कि एशिया की सबसे बड़ी बाजार है ; इतना ही नहीं यहां छोटी बड़ी वस्तुएं खरीदने के लिए देश के कोने-कोने से व्यापारी आते हैं ।यहां बाजारों में हर समय चहल-पहल रहती है । यहां शिक्षा का केंद्र भी है , यहां अपना विश्वविद्यालय है इसीलिए यहां का शिक्षण भी बहुत ही अच्छा है। दिल्ली के ऐतिहासिक स्थानों में लाल किला ,जामा मस्जिद, पुराना किला, हिमायू का मकबरा, सिकंदर लोदी का मकबरा ,कुतुबमीनार, सूरजकुंड, जंतर-मंतर, राजघाट, शांतिवन, विजयघाट ,आदि दर्शनीय स्थान है। इसीलिए मेरा सबसे प्रिय शहर दिल्ली ही है।

निबंध 4

मेरा प्रिय शहर राजस्थान का कोटा शहर है। कोटा शहर को शिक्षा का काशी भी कहा जाता है। कोटा शहर राजस्थान का प्रमुख औद्योगिक शहर है। कोटा चंबल नदी के किनारे पर बसा हुआ है। कोटा राजस्थान का सबसे बड़ी तीसरी आबादी वाला शहर है ; कोटा की आबादी लगभग 10 लाख से भी ज्यादा है। कोटा जयपुर से सिर्फ 240 किलोमीटर ही दूर है।

दक्षिण पूर्वी राजस्थान में स्थित कोटा उन शहरों में से एक है जहां बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रीज मौजूद है । कोटा शहर किला , म्यूजियम , कोचिंग सेंटर और बगीचों के लिए लोकप्रिय है।कोटा को औद्योगिक नगरी, शिक्षा नगरी और राजस्थान का कानपुर के नाम से भी जाना जाता है। कोटा शहर हाल ही में वर्ल्ड ट्रेड फोरम की सूची में दुनिया का सातवां सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाला शहर बना है।

मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi
मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi

कोटा शहर का इतिहास काफी पुराना रहा है; कोटा शहर का इतिहास राजा कोटियावीर से जुड़ा हुआ है और कोटा शहर को बसाने का श्रेय इस राजा को जाता है। कोटा को भारत का कोचिंग कैपिटल भी कहा जाता है । यहां पर सिर्फ देश भर से ही नहीं परंतु विदेश से भी कई विद्यार्थियों विश्व लेवल की परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं ; इसीलिए कोटा को युवाओं का शहर भी कहा जाता है । कोटा शहर का शैक्षणिक क्षेत्र यहां की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है । कोटा के बारे में जितनी बेटे करे इतनी कम ही लगती है इसी लिए मेरा प्रिय शहर कोटा हैं।

निबंध 5

मेरे पिताजी कि नौकरी ऐसी हैं कि उसमें बदली होती रहती हैं और इसी लिए हम हमेशा एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते हैं। मेरे बचपन से अब तक मैने 4 शहरों को देखा हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मे जयपुर नहीं देखूंगा तब तक कोई ऐसा भी शहर नहीं देखूंगा जिसे मे वास्तव में घर कह सकूंगा।हमे यहां स्थानांतरित हुए सिर्फ 2 साल हुए हैं ; लेकिन यह सहर में हमे घर जैसा ही लगता है।

मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi
मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi

मुझे इस जगह के बारे में सब कुछ पता भी हैं और पसंद भी हैं। हमारे रहने केंघर से लेकर स्कूल तक, मेरे पड़ोस से लेकर स्थानीय बाजार तक, सुंदर स्मारकों से लेकर भोजन तक – सब कुछ यह काफी अदभुत हैं लेकिन मे इस सहर के बारे में सबसे ज्यादा जो पसंद करता हूं वो हैं यह के लोग।

यहां के लोग बहुत ही जोशीले और मैत्रीपूर्ण है। जब भी मेरे पिता आधिकारिक कार्य से बाहर जाते है तो हमारे पडोश कि आंटी हमेशा मेरी मां को सहायता प्रदान करने के लितेवतैयार रहती है। उनके बच्चे भी उनकी तरह मददगार हैं और उनके बेटे मे मैंने मेरा सबसे अच्छा दोस्त पाया हैं। यहां मैंने अपने स्कूल के दोस्तो को भी बहुत ही करीब बना लिए है। मुझे मेरा शहर हद से ज्यादा पसंद है और में यहां हमेशा के लिए रहना चाहता हुं।

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मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “मेरे शहर पर निबंध | Essay on my city in Hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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