समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi

प्रस्तावना :

समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi : समाचारपत्र यानि की किसी भी घटना का लिखित स्वरुप। देश में या फिर पूरी दुनियाभर की खबरे अख़बार के जरिए सभी के घरो में पहुँचती है। एक घटना को प्रसारित करने का माध्यम जिसे समाचारपत्र या अख़बार कहा जाता है। समाचारपत्र व्यावहारिक , आर्थिक , राजनैतिक , कारोबार , सरकारी सभी प्रकार की खबर हमें पहुँचता है। अख़बार एक तरह से नयी नयी खबरों से इंशान को तरसता भी है।

निबंध 1

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। आज हम में से प्रत्येक मनुष्य चिंतित है। कि देश में सुख और समृद्धि किस तरह आएगी। अपने इस प्रयत्न से वहां अपने विचारों को दूसरों तक पहुंचाना चाहते हैं। तथा दूसरों के विचारों से स्वयं अवगत रहना चाहते हैं। इतना ही नहीं वहां अपने आसपास तथा देश विदेश की सारी गतिविधियों पर संसार में होने वाले परिवर्तन तथा घटनाओं को भी जानना चाहता है।यहां संपूर्ण जानकारी हमें समाचार पत्रों के माध्यम से ही मिलती है।

समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi
समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi

हमारा ऐसा मानना है कि समाचार पत्रों का जन्म 3:00 में हुआ था बताया जाता है विश्व का प्रथम समाचार पत्र “पीकिंग गजट” के नाम से प्रकाशित हुआ। भारत का सर्वप्रथम समाचार पत्र “बंगाल गजट”था।

हिंदी मूर्धन्य साहित्यकारों ने भी समाचार पत्रों के विकास मैं अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।”उन्दत मार्तंड”हिंदी का प्रथम समाचार पत्र प्रकाशित हुआ था। स्वतंत्रता से पूर्व निकलने वाले समाचार पत्रों ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई वहां आज भी सराहनीय है। वैसे तो विज्ञान की प्रगति से समाचार जानने के कई साधन है किंतु हम अपने आसपास तथा संसार में कट रही घटना को विस्तृत रूप से जानने के लिए सबसे ज्यादा समाचार पत्रों का आश्रय लेते हैं। विस्तृत रूप से समाचार जानने का सबसे सुंदर और सस्ता साधन समाचार पत्र ही है।

समाचार पत्र कई तरह के होते हैं दैनिक, पाक्षिक, साहित्य, मासिक, संध्याकालीन इत्यादि। समाचार पत्र हमारा ज्ञान तो बढ़ाते हैं मगर साथ साथ मनोरंजन भी करते हैं। यह सामान्य जानकारी देने के साथ-साथ नए उत्पाद, खेलकूद, सिनेमा से जुड़ी खबरें बाजार भाव तथा सरकारी गैर सरकारी इत्यादि सूचनाओं की जानकारी भी देते हैं। समाचार पत्रों द्वारा समाज मैं फैली हुई बुराई और अत्याचारों के विरुद्ध लोगों में क्रांति पैदा करने का कर्म भी किया जाता हैं। समाचार पत्रों प्रजातंत्र के कहां पर है। यह सरकार की उचित आलोचना द्वारा उसे सही मार्ग पर चलने को मजबूर करते हैं। इसीलिए उनको जनतंत्र का सजग प्रहरी कहना गलत ना होगा।

निबंध 2

समाचार पत्र हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अखबार केबिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। यह समाचार पत्र आम जनता को विश्व में होने वाली सभी घटना के बारे में जानकारी देता है।

समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi
समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi

इसमें राजनीति, शिक्षा, व्यापार, खेल, संस्कृति, सामाजिक और दुनिया के वर्तमान मामलों के समाचार शामिल है। अखबार एक व्यवसाई को वर्तमान आर्थिक रोजाना बाजार की नई कीमत नए कानून सरकारी नीति और त्योहार की तारीखों को समझने में मदद करता है। समाचार पत्र पढ़ते ही व्यवसाई समझ जाते हैं कि बाजार में किस चीज की सबसे ज्यादा मांगे ताकि और वे अपना स्टॉक (भंडार माल) पहले से ही तैयार कर सके और लोगों के मांग की आपूर्ति कर सकें। ताकि मैं ज्यादा से ज्यादा लाभ कमा सके समाचार पत्र हमारे ज्ञान कौशल और तकनीकी जागरूकता को बढ़ाने में मदद करता है। अखबार लोगों की समस्या को समझने में मदद करता है।

समाचार पत्र बाजार में लगभग सभी भाषा में अवेलेबल है। समाचार पत्रों के हिंदी और अंग्रेजी के साप्ताहिक विशेष पन्ने में ग्रामीणों को खाना पकाने की नई विधि के बारे में जानने में मदद करता है। नियमित रूप से अखबार पढ़ना बहुत अच्छा आदत है। हम सभी को भी अपने जीवन में प्रतिदिन अखबार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए।

निबंध 3

देश विदेश की खबरें पहुंचाने के साधनों को समाचार पत्रों का तहे देश या विदेश में होने वाली हर दिन घटनाओं का परिचय हमें समाचार पत्रों के माध्यम से मिलता है। समाचार पत्र बहुत ही शक्तिशाली यंत्र है जो कि व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को विकसित करता है। यहां लोगों को और संसार के बीच संबंध स्थापित करता है। हमें अपने देश के नेताओं को विचार धाराओं की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से बड़ी आसानी से कम खर्चे में ही मिल जाती है। दूसरे देशों में क्या चल रहा है इन सारी बातों का ज्ञान हमें समाचार पत्रों में ही देते हैं। अतः समाचार पत्र आज एक बड़ी शक्ति है। किसके बिना ज्ञान अधूरा है।

समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi
समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi

भारत में अंग्रेजों के आने से पूर्व समाचार पत्रों का प्रचलन नहीं था। अंग्रेजों ने ही भारत में समाचार पत्रों का विकास किया। सन 1784 में कोलकाता में भारत का सबसे पहला समाचार पत्र प्रकाशित किया गया चीन का नाम “बंगाल गजट”था। और जिस का संपादन जेम्स इक्की ने किया था। यही वह समय था जिसके बाद समाचार पत्र का विकास हुआ। जिस तरह से मुद्रण का विकास होने लगा उसी तरह से समाचार पत्रों की भी संख्या बढ़ने लगी। अभी वर्तमान समय में देश के प्रत्येक भाग में समाचार पत्रों का प्रकाशन हो रहा है।

समाचार कहां जन्मा सबसे पहले चीन में हुआ था क्योंकि छपाई का काम पहले वही शुरू हुआ था। कुछ लोग समाचार पत्र की जन्मभूमि इटली के रोम शहर को मानते हैं। आज से 400 साल पहले इटली के वेनिस शहर में समाचार पत्र का जन्म हुआ था। 17 वी शताब्दी में इसका प्रचार पूरे यूरोप में हो चुका था। भारत में समाचार पत्र का श्रीगणेश 18 वीं सदी में अंग्रेजों द्वारा हुआ। फिर देखते ही देखते भारत में इसकी बाढ़ सी आ गई।आजकल समाचार पत्र जीवन की सही आवश्यकता बन गया है यहां लगभग सभी भाषाओं में उपलब्ध होता है। जो आजकल हर करो मैं पाया जाता है।

एक समाचार पत्र खबरों के प्रकाशन होती है। जो कागजों पर छापा जाता है। 4 लोगों के घरों में भी विचलित किया जाता है अलग-अलग देश अपना अलग समाचार संगठन रखते हैं। आंख मारे अपने देश में हो रहे घटनाओं के बारे में अपने देश के पड़ोसी देश में हो रही घटनाओं को अवगत कराते हैं। समाचार एक बड़ी शक्ति है। इससे बड़े बड़े नेता भी घबराते हैं कभी-कभी बड़ी-बड़ी सरकारों को उखाड़ फेंकता है। कभी जानता मैं क्रांति की लहर फैलाता है और अच्छी सरकार है स्थापना में मदद भी करता है। समाचार पत्र श्रेष्ठ शिक्षक काफी भूमिका निभाता है। हम घर में बैठे-बैठे देश विदेश में खबरों को जानते हैं। यहां हमारा व्यवहारिक ज्ञान विकसित करता है।

निबंध 4

समाचार पत्रों हमारी जिंदगी की महत्वपूर्ण चीजों मे से एक है। प्रत्येक दिन हम इसका इस्तेमाल करते हैं। यहां हमें हमारा आसपास की खबरें को साथ-साथ देश के विदेश की खबरें को बारे में भी जानकारी प्रदान करता है। समाचार पत्रों में और सितारों की खबर बराबर प्रदान करता है।

चाहे खेल का क्षेत्र हो या राजनीति का या फिर क्षेत्र तकनीकी को समाचार पत्र अपना काम बखूबी निभाता है। समाचार पत्र सूचना क्रांति का एक प्रमुख अंग है वर्तमान में लोगों के सुबह की शुरुआत अखबार पढ़ते हुए हो जाती है हमारे भारत देश में समाचार पत्र कहीं पास आओ जैसे हिंदी अंग्रेजी तमिल पंजाबी कन्नड़ तेलुगु महाराष्ट्र उर्दू इत्यादि है और आजकल तो क्षेत्रीय भाषाओं में समाचार पत्र उपलब्ध है। समाचार पत्र भी अनेक भाषाओं में उपलब्ध होते हैं।

समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi
समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi

सभी अपनी पसंदीदा भाषा को समाचार पत्र का चयन करते हैं। समाचार पत्र किसी भी भाषा में हो लेकिन समाचार पत्र का उद्देश्य में सहायक ही रहता है सही और ज्ञानवर्धक खबर देना। समाचार पत्र सूचनाओं का भंडार होता है इसमें हमें देश विदेश व्यापार राजनीतिक अर्थव्यवस्था समाज रोजगार शेयर मार्केट फसलों के बारे में भाव स्वास्थ्य सुकांति जानकारी विज्ञान अंतरिक्ष उद्योग भोजन और देश-विदेश में कटने वाली छोटी से छोटी घटना का विवरण होता है। समाचार पत्र प्रतिदिन सूचना पाने का सस्ता और सुलभ क्रोध है इसकी पहुंच शहरों लेकर गांव तक है प्रत्येक व्यक्ति को अखबार पढ़ना अच्छा लगता है , क्योंकि इसमें व्यक्ति को आंख मार मैं सब मनोरंजन सामग्री भी उपलब्ध होती है। जहां तक समाचार पत्रों के कार्यों में बात है तो यहां लोकमत का निर्माण सूचनाओं का प्रचार भ्रष्टाचार एवं घोटालों का पर्दाफाश तक समाज की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करने के लिए जाना जाता है।

समाचार पत्रों में हर वर्ग को लोगों को ध्यान में रखते हुए समाचार फीचर एवं अन्य जानकारियां प्रकाशित की जाती है। लोग अपने रुचियां एवं आवश्यकता के अनुरूप समाचार फीचर या अन्य विवि जानकारियों को पढ़ सकते हैं। समाचार पत्रों की शक्ति का अनुमान इसी से लगाया जाता जा सकता है कि कई बार लोकमत का निर्माण करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।

लोकमत के निर्माण के बाद संक्रांति ही नहीं बल्कि अन्य उनके प्रकार का परिवर्तन संभव है। यहां तक कि कभी-कभी सरकार को गिराने में ही यह सफर आते हैं। अभी हमें किसी भी प्रकार की सूचना को जानने की जरूरत पड़ती है तो हम इंटरनेट की मदद से आसानी से बस पल भर में असीमित जानकारी ले सकते हैं।

समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi
समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi

लेकिन आजकल से कुछ साल पहले जब इंटरनेट की दुनिया का विकास नहीं हुआ था उस समय समाचार पत्र के द्वारा ही लोग नई नई जानकारियों के बारे में जानते थे। चाय तक की समाचार पत्र हमारी सभी प्रकार में सहायता ही गलती है लेकिन कई बार समाचार पत्र में छपी हुई शैली और दूषित खबरें के कारण जनहित और राष्ट्रहित को बड़े घातक परिणाम पी भोगने पड़ते थे। भारत में समाचार पत्र अंग्रेजों का द्वारा लाया गया है। उसे पहले भारत में समाचार पत्र नहीं हुआ करते थे।

भारत का सबसे पहला समाचार पत्र”दी बंगाल गजट”कोलकाता में 1780 में प्रकाशित किया गया है और इसके संपादन जेम्स हिक्की थे। इसके बाद भारत में समाचार पत्र की प्रस्तुति पड़ने लगी और यही कारण है कि आज भारत में उनके समाचार पत्र उपलब्ध है। समाचार पत्र रोज बढ़ने से हमें वर्तमान में हो रही घटना को स्पोर्ट्स जानकारी मिलती है। समाचार पत्र रोज पढ़ने से ज्ञान में वृद्धि होती है। यहां हमारी समझने और ध्यान करने की क्षमता को भी बढ़ाता है। समाचार पत्र में वर्तमान की अलग-अलग क्षेत्रों की घटना और संबंधित सूचना प्रदान करता है। समाचार पत्र हर उम्र के लिए होती है। चाहे कोई छोटा हो या बड़ा समाचार पत्र में हर किसी के लिए कुछ ना कुछ खबर उपलब्ध होती है। समाचार पत्र का अध्ययन रोज करने से हमें देश और दुनिया की वर्तमान स्थिति का पता रहता है।

निबंध 5

समाचार संचार का प्रमुख साधन है। समाचार पत्र को अखबार पी कहता है। पत्र से हमें दोस्तों तथा सगे संबंधी का समाचार प्राप्त होता है। समाचार पत्र एक ऐसा साधन है कि जिसके द्वारा हमें देश विदेश का समाचार पर बैठे मिल जाता है। संसार में कटने वाली हर घटना दिन की घटना का पता हमें समाचार पत्रों में मिल जाता है।

कुछ लोग समाचार पत्र का आरंभ चीन से मानते हैं कुछ लोग इटली को इसका जन्म स्थान जानते मानते हैं। इसका जन्म जहां भी हुआ वह पर 17वीं शताब्दी मैं इसका प्रचार पूरे यूरोप में हो चुका था भारत में इसका आरंभ अंग्रेजों ने 18वीं शताब्दी में किया आज भारत में 1172 तरह के समाचार पत्र छपते हैं।

समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi
समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi

समाचार पत्र कहीं प्रकार के होते हैं जो हमारे में दिन छपते हैं। उन्हें दैनिक समाचार पत्र कहां जाता है कुछ समाचार पत्र सप्ताह में एक बार छपते हैं। उसे पत्रों को शताब्दी पत्र कहा जाता है। इस तरह दिन में एक बार छपने वाले पत्रों को पाक्षिक एवं महीने में एक बार छपने वाले पत्र को मासिक पत्र कहा जाता है इन शब्दों में दैनिक समाचार पत्रों की संख्या ज्यादा है दैनिक समाचार पत्र जैसे हिंदुस्तान दैनिक समाचार प्रभात हिंदुस्तान टाइम्स इंडिया इत्यादि है।

समाचार संचार का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। समाचार पत्रों में हमें समाचार तो मिलता ही है साथ ही साथ हमें कहानियां कविताएं तथा पहेलियां भी छपती है। वीडियो तथा टेलिफोनी में हमें क्षेत्रीय समाचार नहीं मिल पाता है उसे सिर्फ बड़ी तथा मुखिया समाचारों को प्राथमिकता दी जाती है। अतः समाचार पत्र संचार का सुलूक साधन है।

समाचार पत्रों में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसलिए उसका दायित्व भी बड़ा बड़ा जाता है। अतः संपादकों को केवल सच्चे समाचारों को ही छपना चाहिए। प्रश्न और उत्तर जनों की तरह को अखबार में छपने से समाज पर इसका बुरा असर पड़ जाता है अतः ऐसी ब्राह्मण चीजों को अखबार में प्रमुखता देने से बचाना चाहिए।

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मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “समाचार पत्र पर निबंध | newspaper essay in hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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