मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi

प्रस्तावना :

मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi : रूचि का मतलब होता है , कोई एक वस्तु को पसंद करना। जिसे दूसरे शब्द में हॉबी यानि की शोख भी कहा जाता है। हर व्यक्ति को अपने सर्वांगीविकास के लिए रूचि होना आवश्यक है।मेरी हॉबी (रूचि) पर अफसर विद्यार्थी को लिखने को कहा जाता है। इसी मुद्दे पर आज निबंध के रूप में मेरी रूचि पर जानकारी प्रस्तुत कर रहे है।

निबंध 1

किसी भी वस्तु या कुछ करने का शौक अच्छी चीज है ;जो एक व्यक्ति को बचपन से प्राप्त होता है। उसे किसी भी आयु में विकसित किया जा सकता है हालांकि बचपन से ही किसी शौक का होना अपने में एक अलग महत्व रखता है। हम सभी कुछ कामों को अपनी रुचि के अनुसार करते हैं जो हमें खुशी और आनंद प्राप्त करते हैं वही शौक कहलाता है।

मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi
मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi

कुछ लोगों में अपनी रुचि , पसंद और नापसंद के अनुसार अलग-अलग शौक होते हैं। ऐसे बहुत से शौक जो हम विकसित कर सकते हैं जैसे नाचना, गाना, संगीत सुनना, चित्रकारी करना, इंडोर या आउटडोर खेल खेलना, चिड़ियों को देखना, प्राचीन चीजों को एकत्र करना, फोटो खींचना, लिखना, अलग-अलग चीजों को खाना, पढ़ना आदि।हमारे शोक हमारे जीवन-यापन में मदद करते हैं ; जिसकी मदद से हम सफल कैरियर का निर्माण कर सकते हैं। शौक वह होता है जिसका हम अपने खाली समय में पूरी तरफ आनंद लेते हैं।

मेरा पसंदीदा शोक खाना बनाना, संगीत सुनना और बागबानी करना है। हालांकि मैं हमेशा बागबानी करना ही पसंद करता हूं। मेरे लिए बागबानी करना ध्यान करने जैसा है जो मेरे कार्य करने की क्षमता , रुचि और योग्यता में बदलाव लाती है। यह मुझे उच्च स्तर की शांति प्रदान करती है और मेरे पूरे दिन को उपयोगी बनाती है। हर सुबह में अपने बगीचे में खिलते हुए फूलों और धीरे धीरे बढ़ते हुए पौधों को देखकर आनंद लेता हूं। मैं अपने बगीचे में प्रतिदिन सूरज निकलने और छिपने का भी आनंद लेता हूं। मैं आमतौर पर स्कूल से मिले गृहकार्य को अपने हरे-भरे बगीचे में बैठकर करना पसंद करता हूं।

निबंध 2

मनुष्य जीवन में अनेक प्रकार की भावनाओं और कल्पना , आशा तथा आकांक्षा के भाव आएंगे , मैं उसे सह लेता हूं। दुख और निराशाओ, संकट और संघर्षों से जूझना , टकराना , कभी सुख और दुख ,कभी सफलता और कभी लाभ तथा कभी हानि का सामना करना पड़ता है।

मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi
मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi

शौक – मुझे पढ़ने का बहुत शौक है, चाहे वह किसी किताब, अन्य ज्ञानवर्धक किताब हो या फिर किसी अच्छे लेखक द्वारा लिखी कोई किताब हो। मैं अपने खाली समय में अधिकतर कोई भी कहानियों की किताब , समाचार पत्र , मैगज़ीन और अन्य ऐसे लेखों को पढ़ती हूं जिसमें मेरे प्रयोग में आने वाली जानकारियां उपलब्ध हो। किताबों को पढ़ने की मेरी इस रुचि पर सबसे पहले मेरे पिताजी ने ध्यान दिया और मुझे उन्होंने यहां पर कर प्रोत्साहन दिया कि यह बहुत अच्छी आदत है मेरे बेटे! जो तुम्हें प्राकृतिक रूप से मिली है।

अपनी इस आदत को कभी मत जाने देना और हमेशा इसे अपने अभ्यास में रखना। मैं बहुत छोटी बच्ची थी और मेरे माता-पिता द्वारा दी जाने वाली हर एक बात को मैं अच्छी तरह से मन में रखकर और मेरे रुचि में लाकर उसमें बहुत ही अच्छा परिणाम लाती हूं । मैं आज मेरी रुचि की वजह से ही कामयाब हुई हूं , इसलिए आप सबको अपने अपने रूची के अनुसार ही काम करना चाहिए ; जिससे सफलता का आपसे अंतर बहुत दूर ना रहे ।

निबंध 3

शौक हमारे दैनिक जीवन की गतिविधियां है , जो हमें करनी चाहिए। यहां हमें जीवन के दैनिक कष्ट से बचने में मदद करता है। यह हमें शरीर, मन और आत्मा की असीम खुशी और शांति प्रदान करता है।

मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi
मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi

यह योग और ध्यान की तरफ है और उससे भी अधिक लाभ होता है। यह हमारे दिमाग को रचनात्मकता की और खींचता है और हमें जीवन में कुछ बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करता है। अच्छे-अच्छे नाटक और नाटकीय रूप से हमारे व्यक्तित्व और चरित्र लक्षणों में सुधार आते हैं और हमारे प्रदर्शन में सुधार आते हैं।यह हमारी प्रतिभा और क्षमता को खोजने में मदद करते हैं और उनका सही दिशा में उपयोग करते हैं। हमारे शौक हमें दैनिक जीवन से दूर रखकर हमारे दिमाग को ताजा और शांत बनाता है।

हौबी किसी भी व्यक्ति की अन्य आदत की तुलना में एक विशेष और सच्ची दिलचस्प आदत है। वह भी एक अच्छी चीज है जो हर किसी के पास होनी चाहिए और हर किसी के साथ शौक होना बहुत आवश्यक है क्योंकि यह दिमाग को एक व्यस्त और भूखा बनाता है। यह कभी भी हमें अकेला नहीं छोड़ता और मनोविज्ञान समस्याओं से बचाता है। मुझे ये तब की आदत है की जब मैं 3 साल का था तो आमतौर पर अपना खाली समय में अपने हरे-भरे बगीचे में बिताना पसंद करता था। मुझे अपने पिता के साथ रोज सुबह सुबह बगीचे में जाना बहुत पसंद है। अपने बगीचे मे मेरे पिता आमतौर पर पौधों को पानी देते थे , मुझ पर हंसते थे लेकिन अब वह मुझ पर इतना गर्व करते हैं कि मैं पौधों के जीवन को बचाने के लिए कुछ करता हूं और पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व में अपने मूल्यों और महत्व को समझता हू।

निबंध 4

शौक का मनुष्य के जीवन में अपना अलग ही महत्व है । मनुष्य का रोजगार उसकी भौतिक एवं आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है । जब की मनुष्य का शौक या हॉबी उसकी रुचि पर निर्भर करती है । यह वह कार्य है जिससे करने के लिए मनुष्य की आंतरिक प्रवृत्ति प्रेरणा होती है। सभी लोगों के रोचक कार्य या रुचि भी भिन्न-भिन्न होती हैं जैसे की पेंटिंग, फोटोग्राफी, चित्रकला ,सिलाई बुनाई, संगीत, गायन, नृत्य कला, कविता करना , डाक टिकट अथवा पुराने सिक्के एकत्रित करना, पतंग उड़ाना और बागवानी आदि ऐसे ही विभिन्न शौक है। मेरा प्रिय शौक अपने खाली समय में ज्ञानवर्धक किताबों को पढ़ना है।

मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi
मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi

ज्ञानवर्धक किताबों को पढना मुझे बहुत अच्छा लगता है। किताबों को पढ़ने से मैं अपने खाली समय में अपने को व्यस्त रखता हूं ,साथ ही मुझे अत्यंत खुशी मिलती है ,इससे मुझे ज्ञान, प्रोत्साहन और तरह तरह की सूचना प्राप्त होती रहती है । इस शौक के कारण मैं कभी भी अपने को अकेला या परेशान महसूस नहीं करता हूं। किताबों की पढ़ाई के शौक से मुझे अनेक लाभ हुए है और इससे मेरे ज्ञान में बहुत वृद्धि हुई है । यह आनंद ,ज्ञान और सूचना का अच्छा स्त्रोत है। इससे मेरी भाषा सशक्त, सारगर्भित एवं प्रतिभा संपन्न हुई है। अब मैं यह अच्छी तरह से समझ गया हूं कि किताबों को पढ़ना बहुत ही अच्छी आदत है जो मुझे पुराना बनाती है।

कोई भी ऐसा कार्य जो मुख्य व्यवसाय के अतिरिक्त हो , जिसके पीछे लाभ उठाने की भावना ना हो तथा ऐसा कार्य करने से मन को असीम संतुष्टि मिलती हो, उसे शौक रोचक कार्य अथवा होगी के नाम से जाना जाता है। प्रत्येक व्यक्ति कुछ न कुछ शोक को अवश्य रखता है ।शौक से हमें आनंद की अनुभूति प्राप्त होती है।

निबंध 5

मेरा पसंदीदा शौक खाली समय में पुरानी और ज्ञानवर्धक किताबों को पढ़ना है। जब कभी भी मैं स्कूल से घर जाता हूं , तो अपना गृह कार्य पूरा करने के बाद इस तरह की किताबों को पढ़ना पसंद करता हूं , जिससे मेरा ज्ञान बढे । मैं 12 वर्ष का हूं और कक्षा 7 में पढ़ता हूं। अब मैं यह अच्छी तरह से जानता हूं कि किताबों को पढना बहुत ही अच्छी आदत है ,जो मुझे पूर्ण बनाती है।

यह शौक किसी के भी द्वारा विकसित किया जा सकता है। किताबों को पढ़ना एक व्यक्ति को खुश और व्यस्त बना देता है। यह आनंद , प्रोत्साहन और सूचना का अच्छा स्त्रोत है। यह हमें अनुशासन, न्यायप्रिय समय का पाबंद और इससे भी अधिक महत्वपूर्ण एक सफल व्यक्ति बनाता है।

मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi
मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi

किताबों को पढ़ने के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अकेला और परेशान नहीं रह सकता। मेरा मानना है कि यह आदत संसार में सोने से भी ज्यादा कीमती है । हमें विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए उच्च स्तर का ज्ञान, आदर्श विचार, अच्छी सोच आदि किताबें प्रदान करता है। जो किताबें पढ़ने के शौकीन होते हैं , उनके लिए अच्छी और रुचि पूर्ण किताबें अच्छे मित्र की तरह होती है। जिसके पास यह आदत नहीं है ; चाहे उसके कितने भी अधिक सांसारिक वस्तुएं और सम्मान क्यों ना हो , फिर भी वह अज्ञान की सच्ची दोलत के अभाव में गरीब होता है।

किताब पढ़ने की आदत या शौक को किसी के भी द्वारा युवा अवस्था में प्रयास करके प्राप्त किया जा सकता है। रुचि वह वस्तु है जिससे एक व्यक्ति अपने खाली समय में करना पसंद करता है। एक व्यक्ति के पूर्ण विकास के लिए उसके अंदर रूचि का होना काफी आवश्यक है । आमतौर पर स्कूलों या कॉलेजों तथा निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों के लिए मेरी हॉबी पर निबंध या पैराग्राफ लेखन का कार्य दिया जाता है।

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मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “मेरी रुचि पर निबंध | Essay on my hobby in hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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