गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi

प्रस्तावना :

Ganesh Chaturthi Essay : भारत एक ऐसा देश है जिसमे त्योहारों का सबसे अधिक महत्व है। भारत देश में अलग अलग लोको द्वारा हर दिन कोई न कोई त्यौहार आनंद के साथ मनाया जाता है। कई त्यौहार सिमित लोको द्वारा मनाए जाते है। परन्तु भारत में कई ऐसे त्यौहार है जो पूरा भारत देश एक जुत होकर मनाता है। जैसे की रक्षाबंधन , दिवाली , होली , ईद। इसी त्योहारों की तरह गणेश चतुर्थी भी अत्यंत भावना, आनंद , उल्लास के साथ मनाया जाता है।

निबंध 1 (200 शब्द)

गणेश चतुर्थी हिन्दू धर्म के लोग द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है। यह त्योहार अगस्त या सितंबर के महीने में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र है। गणेश जी को विघ्नहरता भी कहते है। गणेश जी के १०८ नाम हैं। भगवन गणेश को बच्चे बहुत पसंद है, और बच्चे उन्हे मित्र गणेश कह कर बुलाते है।

गणेश चतुर्थी के कुछ दिन पहले ही बाजार में बहुत चहल पहल रहती है। एस दिन बाजार में गणेश जी की सुंदर सुंदर मूर्तियां बिकती है। शिवजी द्वारा गणेश जी को वरदान मिला था की किसी भी कार्य की पूजा में सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाएगी। गणेश चतुर्थी ११ दिनों का लंबा हिन्दू उत्सव है। जो चतुर्थी के दिन घरों में व मंदिरों में मूर्ति स्थापना से शुरू होता है।

गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi
गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi

तथा गणेश विसर्जन के साथ अन्नत चतुर्दर्शी को खत्म होता है। सभी लोग गणेश जी की पूजा करते हैं, भक्ति गीत गाते है, आरती करते है, बुद्धि और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करते है। घरों में पकवान और स्वादिष्ट मिष्ठान बनते है। सबसे ज्यादा यह उत्सव महाराष्ट्र में मनाया जाता है, लोग पंडाल को फूलो और रोशनी से आकर्षित रूप में सजाते हैं। वहा की गणेश चतुर्थी देखने लोग दूर दूर से आते है।

पूजा की समाप्ति ११वे दिन पर गणेश जी की प्रतिमा को खुशी खुशी विसर्जन करते है और प्रार्थना करते है की वो अगले वर्ष फिर से पधारे और अपना आशीर्वाद दे और गणपति बप्पा मोरिया बोलते है। इस उत्सव को विनायक चतुर्थी भी कहते है।

निबंध 2 (300 शब्द)

गणेश चतुर्थी हिंदुओं का एक प्रसिद्ध त्योहार है। यह पर्व भाद्रपद मास की चतुर्थी को हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रारंभ होता है, यह पर्व माता पार्वती के प्रिय पुत्र और पिता शिव के प्रिय गणेश जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, यह पर्व लगभग 11 दिनों तक चलने वाला एक लंबा त्योहार है।

गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi
गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi

यह त्यौहार देश के विभिन्न राज्यों में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है I लेकिन यह महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है! गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों में गणेश प्रतिमा के दर्शन करने आते हैं कि गणेश जी जब घर आते हैं तो अपने साथ सुख-समृद्धि भी लाते हैं। लोग सुख-समृद्धि पाने के लिए गणेश जी की पूजा करते हैं, सुबह-शाम गणेश जी की आरती करते हैं, गणेश जी को मोदक के लड्डू आदि कई चीजें चढ़ाते हैं। गणेश जी को प्रिय है मोदक!

लोगों का एक समूह गणेश की पूजा के लिए एक पंडाल तैयार करता है। पंडाल को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। 1893 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेश चतुर्थी को उत्सव के रूप में शुरू किया। इसका उद्देश्य समाज को संगठित करना और भारतीयों को ब्रिटिश शासन से बचाना था। भगवान गणेश को देवताओं का देवता, ज्ञान का देवता, धन और समृद्धि का देवता कहा जाता है।

गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi
गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi

गणेश चतुर्थी की तैयारी अनंत विसर्जन के दिन की जाती है। रंग-बिरंगे फूलों से सजाई गई गणेश प्रतिमा की स्थापना की जाती है, पूरे शहर या गांव में बड़ी धूमधाम से जुलूस निकाला जाता है। “गणपति बाबा मोरिया”, “मंगल मूर्ति मोरिया” के नारे लगाते लोग! आखिर गणेश की मूर्ति को किसी तालाब, नदी या समुद्र में विसर्जित कर दिया जाता है। भक्त इस त्योहार को पूरी श्रद्धा के साथ मनाते हैं और भविष्य में भी इसे मनाएंगे।

निबंध 3 (350 शब्द)

हमारे देश में कई बड़े पर्व मनाए जाते है उनमें से एक महापर्व है गणेश चतुर्थी। भारत में गणेश चतुर्थी का पर्व बहोत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व खासतौर से महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु में मनाया जाता हैं। यह त्योहार अगस्त और सितंबर में दस दिनों तक मायना जाति है। गणेश चतुर्थी के दस दिन तक सुबह और शाम को आरती और प्रसाद वितरण किया जाता है।अन्नत चतुर्दर्शी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा की शोभायात्रा निकालकर धूमधाम के साथ नदी, समुद्र, तालाब व शील में विसर्जन किया जाता है।

पौराणिक कथके अनुसार भगवन गणेश को माता पार्वती ने अपने मेल से बनाया था। मां पार्वती जब स्नान करने जा रही थी तब उन्होंने गणेश को आदेश दिया की जब तक में स्नान कर के न लौटू तब तक दरवाजे पर पहरा दे। तभी भगवान शंकर वहा आ जाते है, और वह गणेश को वहा से हटने को कहते है। और काफी आग्रह करने पर भी गणेश वहा से नही हटते।

गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi
गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi

इस बात पर शंकर भगवान क्रोधित हो जाते है और गणेश का शिर काट देते है। इतने में मां पार्वती जी आ जाति है और अपने पुत्र का सर कटा हुवा पाती है तो बोहोत क्रोधित हो उठती है। क्रोध देखकर भगवान शंकर मां पार्वती को वचन देते है की वह गणेश को नया जीवन देंगे।इसके बाद भगवान गणेश को हाथी का सिर लगाया जाता है, इसलिए भगवान गणेश को गजानन भी कहते है।

देवताओं के मूल प्रेरक भगवान गणेश है। सभी देवताओ में सबसे अग्रणी है। भगवान गणेश की प्रतिमा में बड़ा पेट, बड़ा मस्तिस्क, छोटी आंखे, लंबी सूंड, एक दांत तथा हाथ में फरसा पाई जाती है। तथा उनका वाहन एक चूहा है।भगवान गणेश को उनके लंबे पेट के कारण लंबोदर भी कहा जाता है।

भगवान गणेश का स्वागत करने के लिए पहले दरवाजे पर उनकी आरती की जाती है। परिवार के सभी सदस्य भगवान गणेश को विभिन्न प्रकार के भोजन चढ़ाते है। भगवान गणेश को मोदक और लड्डु बोहोत पसंद है इसलिए उन्हें मोदक और लड्डु चढ़ाई जाते हैं। घी और अगरबत्ती, नारियल रखकर भगवान गणेश की आरती एवं पूजा की जाती है।

निबंध 4 (400 शब्द)

गणेश चतुर्थी हिंदुओ का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी पर भगवन गणेश जी की पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग गणेश जी को अपना ईस्ट देवता मानते है। जब भी कोई शुभ कार्य किया जाता है तब सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है

। गणेश चतुर्थी का त्योहार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार हर साल भाद्रपद माह की चतुर्थी ( अगस्त या सितंबर) में मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार भगवान गणेश का जन्म इस दिन हुवा था। यह त्योहार ११ दिन तक चलने वाला सबसे लंबा त्योहार है। गणेश जी का दूसरा नाम विघ्नहरता भी है, क्योंकि वह सबके दुख है लेते है और घर में खुशियां लाते है।

गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi
गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi
  • गणेश चतुर्थी मानने के पीछे इक अत्यंत ही लोकपीर्य कथा है :

एक बार सभी देवता भगवान शिव के पास पोहचे और उनसे पूछा की प्रथम पूज्य किसे माना जाई अर्थात सबसे पहले किस देवता की पूजा की जाई। तब शिव जी ने कहा कि सम्पूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा जो सबसे पहले कर लेगा, उसे ही प्रथम पूज्य माना जाएगा और उसी की पूजा सबसे पहले की जाएगी। यह सुनते ही सभी देवता अपने अपने वाहन पर पृथ्वी की परिक्रमा करने निकल पड़े।

लेकिन गणेश जी का वाहन एक चूहा था और गणेश जी का शरीर स्थूल था, तो ऐसे में गणेश जी कहा पूरी पृथ्वी की परिक्रमा कर पाते। तब गणेश जी ने अपनी चतुराई और समझदारी दिखाते हुए अपने पिता शिव और माता पार्वती की तीन परिक्रमा की और हाथ जोड़ कर खड़े हो गई।

भगवन शिव गणेश जी की समझदारी व अपने माता–पिता के प्रति आदर और आस्था देखते हुए गणेश जी से कहा की तुमसे ज्यादा बुद्धिमान इस संसार में कोई नहीं है। माता और पिता की तीन परिक्रमा करने से तुमने तीन लोक की परिक्रमा पूरी कर ली है, जिसका पुण्य तुम्हे मिल गया है। इसलिए आज के बाद जो भी मनुष्य किसी भी कार्य को आरंभ पहले तुम्हारा पूजन यानी पूजा करेगा, उसे किसी भी प्रकार की कठनायो का सामना नहीं करना पड़ेगा।

गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi
गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi

शिव जी के इस कथन के बाद से ही गणेश जी की पूजा सभी देवी देवता के पहले ही की जाती है। इसलिए गणेश चतुर्थी में गणेश जी की पूजा कि जाती है। और १० दिन उनकी पूजा करने के बाद ११वे दिन गणेश जी का विसर्जन के साथ विदा कर दिया जाता है। और अगले साल गणेश जी के जल्दी आने की कामना की जाती हैं।

निबंध 5 (450 शब्द)

भारत में गणेश चतुर्थी सबसे प्रसिद्ध त्योहार है। इसे हिंदू धर्म के लोग के द्वारा हर साल बड़े ही उत्सव के साथ मनाया जाता है। खास तौर से बच्चे भगवान गणेश को बहुत ही पसंद करते है और उनकी पूजा कर बुद्धि तथा सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करते है। लोग इस पर्व की तैयारी एक महीने पहले, एक हफ्ते पहले, या उसी दिन से शुरू कर देते है।

इस उत्सवी माहोल में बाजार अपनी पूरी लई में रहता है। हर जगह दुकान गणेश की मूर्तियों से भरी रहती है। और लोगो के लिए प्रतिमा की बिक्री को बढ़ाने के लिए हर तरफ बिजली की रोशनी की जाती है।

भक्तगण भगवान गणेश को अपने घर ले आज है तथा पूरी आस्था से मूर्ति की स्थापना करते है। हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है की जब गणेश जी घर पर आते है तो ढेर सारी सुख, समृद्धि, बुद्धि और खुशी ले आते है हालाकि वो जब हमारे घर से प्रस्थान करते है तो हमारी सारी बधाई और परिसानी अपने साथ ले जाते है। भगवान गणेश को बच्चे बहुत प्रिय है, और उनके द्वारा उन्हे मित्र गणेश बुलाते हैं। लोगो का समूह गणेश जी की पूजा करने के लिए पंडाल तैयार करता है। और उस पंडाल को फूलो और प्रकाश के द्वारा आकर्षित रूप में सजाता है।

गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi
गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi

आसपास के बहुत सारे लोग प्रतिदिन उस पंडाल में प्रार्थना और अपनी इच्छाओं के लिए आते हैं। भक्तगण भगवान गणेश को बहुत सारी चीज़ें चढ़ाते है जिसमे मोदक उनका सबसे पसंदीदार है।

यह उत्सव १० दिनों के लिए अगस्त और सितंबर में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी की पूजा दो प्रक्रिया को सामिल करती है; पहला मूर्ति स्थापना और दूसरा मूर्ति विसर्जन (इसे गणेश विसर्जन भी कहा जाता है) हिंदू धर्म में एक रीती प्राणप्रतिष्ठा पूजा की जाती है ( मूर्ति में उनके पवित्र आगमन के लिए) तथा शोधसोपचरा ( भगवान को १६ तारिको से सम्मान देना)

१० दिनों की पूजा के दौरान कपूर, लाल चंदन, लाल फूल, नारियल, मोदक , गुड और दूरवा घास चढ़ाने की परंपरा है। पूजा की समाप्ति के समय गणेश विसर्जन में लोग भरी भीड़ में विघ्नहर्ता को खुशी खुशी विदा करते है।इससे दुखी में मुक्ति मिलने लगी। १९८३ में इसे लोकमान्य तिलक ( सामाजिक कार्यकर्ता, भारतीय राष्टवादी तथा स्वतंत्र सेनानी) के द्वारा इस उत्सव की शुरुवात हुई। उस समय अंग्रेजी शासन से भारत को बचाने के लिए एक गणेश पूजा की प्रथा बनाई।

अब के दिनों में एक गैर ब्राह्मण और ब्राह्मण के बीच की असमानता को हटाने के लिए एक राष्ट्रिय उत्सव के रूप में गणेश चतुर्थी को मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी को कई नामों से जाना जाता है, इसमें से कुछ है एकदंताय, असीम शक्तियों के भगवान, विघ्नहरता , लंबोदरा, विनायक, भगवान के भगवान , बुद्धि– समृद्धि तथा संपति के भगवान आदि। गणेश विसर्जन के पूर्व हिन्दू प्रथा के साथ ११ वे दिन लोग गणेश जी को विदा करते हैं। वो भगवन से प्रार्थना करते है की वो अगले वर्ष फिरसे पधारे और उन्हें आशीर्वाद दे।

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मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल गणेश चतुर्थी पर निबंध | Ganesh Chaturthi Essay in Hindi अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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