गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

प्रस्तावना :

Essay on poverty in hindi :किसी भी व्यक्ति की अपने जीवन जरूरी वस्तु खरीदने के पूर्ण रूप से सक्षम न होना जिसे गरीबी कहते है। निर्धनता एक ऐसी स्तिथि है , जो अधिक जनसंख्या , बीमारिया आदि का भोग बनाती है। आज हम देश की गंभीर समस्या गरीबी पर एक निबंध के रूप में बात करने वाले है।

निबंध 1 (200 शब्द)

देश के आजाद होने के बाद हमे जिस दैत्य का सामना करना पड़ रहा है वो है गरीबी I गरीबी संसार की सबसे विकट समस्याओं में से एक है I समान्य जरूरत के लिए धन की कमी होना भी गरीबी है I

गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

गरीबी बीमारियाँ फैलाती है क्योंकि गरीबी लोगों के पास रहने के लिए स्वच्छ वातावरण नहीं होता है I गरीब बस्तियों में साफ पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं होती है I भारत में गरीबी के मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या, कमजोर कृषि, भ्रस्टाचार, बेरोजगारी, अशिक्षा, संक्रामक रोग आदि है I बढ़ती हुई जनसँख्या की वजह से रोजगार में कमी आयी है और लोगों को रोजगार के साधन कम मिल रहे हैं I

गरीबी एक इसी परिस्थिति है जिसका कोई भी अनुभव नहीं करना चाहेगा I भारत की लगभग आधी आबादी गरीबी के कारण मुश्किल जीवन गुजार रही है I गरीब परिवार के बच्चों को कभी उचित शिक्षा, पोषण और खुशनुमा बचपन नसीब नहीं हो पाता I

गरीबी अपराधों को जन्म देती है क्योंकि भूखा इंसान भूख मिटाने के लिए गलत रास्तों का भी सहारा ले सकता है I कुछ लोग पेट भरने के लिए आतंकवादी भी बन जाते है I गरीबी की वजह से उत्पन्न होने वाली सबसे बड़ी समस्या बाल मजदूरी है क्योंकि घर चलाने के लिए घर के हर सदस्य को कार्य करना पड़ता है I गरीब व्यक्तियों को समाज मे बड़ी ही हीन भावना से देखा जाता है I समाज का यह नजरिया गलत है क्योंकि इसमें गरीब व्यक्ति की ज्यादा गलती नहीं है I

गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

कुछ भ्रष्ट नेताओं के कारण भी गरीब और ज्यादा गरीब होते जा रहे है क्योंकि वो उनको मिलने वाली सुविधाओं का खुद पर उपयोग करते है और उन तक पहुचने नहीं देते I गरीबी को जड़ से उखाड़ ने के लिए हर एक आदमी का एकजुट होना बहुत ही आवश्यक है I गरीबी को दूर करने के लिए सबसे पहले कृषि एवं कुटीर उद्योग का विकास करके उत्पादन बढ़ाना होगा I देश के ગરીબો का भी कर्तव्य है कि वे खुद को गरीबी की रेखा से ऊपर आने के लिए कुछ प्रयास करे I

निबंध 2 (250 शब्द)

गरीबी को एक ऐसी स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें परिवार के सदस्य कमजोर होते हैं और जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं जैसे भोजन, आवास और वस्त्र को पूरा नहीं कर सकते हैं।

इससे कुपोषण, बेरोजगारी और शिक्षा की कमी होती है। जाहिर है, एक व्यक्ति जिसके पास खाने और पहनने के लिए कुछ नहीं है, वह शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकता और इस तरह बेरोजगार रहता है। इस प्रकार, गरीबी दुनिया में उत्पन्न होने वाली हर समस्या का मूल कारण है। नेल्सन मंडेला के एक महान व्यक्तित्व के अनुसार – गरीबी प्राकृतिक नहीं है, बल्कि मानव निर्मित है।

और यह कथन पूरी तरह से सत्य है क्योंकि हम इसके विभिन्न कारणों की गणना कर सकते हैं लेकिन सबसे बुनियादी कारण अधिक जनसंख्या है। बढ़ती जनसंख्या देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ डाल रही है और संसाधन दिन-ब-दिन कम होते जा रहे हैं। जाहिर है, इतनी बड़ी संख्या में सरकार के लिए भोजन, आश्रय और शिक्षा देना संभव नहीं है।

गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

हालांकि, वे अभी भी जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए प्रयास कर रहे हैं। गरीबी के अन्य मुख्य कारणों में नौकरियों की कमी, शिक्षा की कमी, प्राकृतिक आपदाएं, राजनीतिक कारण और कई अन्य शामिल हैं। हालाँकि, रोजगार की कमी ही वह कारण है जिसके कारण दुनिया के अधिकांश लोग जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

बुनियादी ढांचे की कमी गरीबी के पीछे एक और कारण है जैसे कि शहरों में कोई उद्योग या बैंक नहीं हैं तो कोई रोजगार नहीं होगा। युद्ध अफ्रीका जैसे गरीबी से पीड़ित देशों के पीछे भी कारण है। अधिकांश धन और संसाधन आमतौर पर सामान्य आबादी के लिए कुछ भी नहीं छोड़ने वाले युद्धों पर खर्च किए जाते हैं। बाढ़, चक्रवात, भूकंप जैसे प्राकृतिक आपदाएं गरीबी और मृत्यु का भी कारण बनती हैं। सरकार गरीबी को कम करने और हर किसी के जीवन में संतुलन बनाने के लिए कई प्रयास कर रही है।

इसके कुछ उपायों में 14 साल की उम्र तक बच्चों के लिए अनिवार्य और नि: शुल्क शिक्षा शामिल है, छात्रों के योग्य छात्रों, गैस सब्सिडी और बहुत कुछ। तो, गरीबी कुछ ऐसा है जिसे केवल समय और धन के साथ उन्मूलन किया जा सकता है।

निबंध 3 (300 शब्द)
  • प्रस्तावना :
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

सुप्रसिद्ध नाटककार श्री मोहन राकेश ने अपने सुप्रसिद्ध नाटक ” अषाढ का एक दिन ” में गरीबी का एक सही और मर्मस्पर्शी चित्र खींचते हुए कहा है कि… ” दरिद्र वो कलंक है, जो छिपाए नहीं छिपता, केवल छिपता ही नहीं, लाख लाख गुणों को छिपा देता है I “

इस तरह दरिद्रता अर्थात गरीबी वास्तव मे अत्यंत कष्टकारी और दुखकारी है I इसे गोस्वामी तुलसीदास ने अत्यंत गंभीरता पूर्वक अपने महाकाव्य ” रामचरित मानस ” में कहा है…

” नहीं दरिद्र सम दुख जग माही,
संत मिलन सम सुख कछ नाही I “

  • गरीबी के प्रभाव :

गरीबी के प्राय: सभी महामानव ने न केवल गंभीरतापूर्वक समजा बल्कि समझाने का भी प्रयास किया है I अपितु इसे बहुत बड़ा पाप और अभिशाप भी कहा है I एसा इसलिए कि इससे अनेक प्रकार के कष्ट, दुख और अभाव आ घिरते है I इससे जीवन विकास की गति ही धीमी नहीं पड़ती, अपितु समान्य और छोटी-छोटी आवश्यकताएं धक्के खा कर घिस-पिट जाती है I फलतः जीवन असहाय और सर्वथा उपेक्षित और ध्रुणा का पात्र बन कर अलग-थलग पड़ जाता है I इस प्रकार गरीब व्यक्ति अपनी सभी प्रकार की आवश्यकताओं की पूर्ति करने की हिम्मत नहीं कर पाता ।

  • गरीबी के स्वरुप :
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

गरीबी के प्रभाव बड़े ही दुख और कष्टदायक होने के कारण इसके स्वरूप भी बहुत विद्रूप और अशोभनीय होते है I इससे घृणा, घिनौनेपन और अस्पृश्यता के स्वरूप और भाव स्पष्ट रूप से प्रकट होते है I फलत गरीब व्यक्ति बहुत ही अभिशापित जिंदगी जीने के लिए विवश हो जाता है I

  • गरीबी के कारण :

गरीबी के कारण एक नहीं अनेक है I भाग्यवादी होना गरीबी का एक प्रमुख कारण है I इससे व्यक्ति निठल्ला और अकर्मण्य बनकर भाग्य पर ही भरोसा कर्ता है I फलतः वह कोई भी कार्य करना उसके लिए बहुत ही दूर की बात है I वह किसी काम की शुरुआत भी नहीं कर पाता है I इस तरह कोई कार्य भी नहीं होगा, तो उसका फल भी कुछ नहीं होगा I इस तरह किसीसे भी कुछ भी प्राप्त करने की गुंजाइश नहीं होती है I

गरीबी का दूसरा कारण है अर्थिक विषमता I हमारे देश मे अर्थिक विषमता इतनी ऊंची है कि एक और टाटा, बिरला और अम्बानी महान उद्योगपति है, तो दूसरी और भूखे बच्चे और कंगाल की दुनिया I इस तरह गरीबी के कारण एक नहीं अनेक है और यह सब विकट और असाध्य है I

  • उपसंहार :

सचमुच में गरीबी मानवता का घोर कलंक है I यह मानवता को पशुता की और ले जाने वाली बहुत बड़ी अदृश्य शक्ति है I इसे दूर करने के उपाय समाज और शाशन दोनों के लिए जरूरी है I यह तभी सम्भव है जब गरीबी अपनी पुरानी मान्यताओं और धारणाओं की खोल से बाहर निकले I इसके लिए सरकार के सहयोग की बहुत बड़ी आवश्यकता है I गरीबी के लिए सहायताआर्थ योजना के द्वारा धन सुविधा देकर सरकार को आगे कदम बढ़ाना चाहिए I

निबंध 4 (400 शब्द)

” आलस कर रहता सदा जो परिवर्तनहीन,
यही कर्म फिर-फिर करे, कहे खुद को दिन I “

इस संसार मे हर मनुष्य की अपनी अलग पहचान है, चाहे वो सामाजिक क्षेत्र मे हो या अर्थिक क्षेत्र मे I इसमें कयी लोगों को अमीर की संज्ञा दी जाती है तो कयी लोगों को गरीब कहा जाता है I गरीबी किसी भी मनुष्य के लिए एक रोग की भाँति होती है जिसमें व्यक्ति दो वक्त की रोटी के लिए दर-दर मारा फिरता है I

दूसरे शब्दों मे कहा जाए तो जो व्यक्ति अपनी दैनिक आवश्यकताओं रोटी, कपड़ा और मकान को पूरा करने मे असमर्थ है, वह गरीब कहा जाता है I लेकिन जरा सोचिए जिस भारत को ” सोने की चिड़िया ” कहा जाता था वह इतने भयंकर तौर पर गरीबी को चपेट में केसे आ गया ? तो ऐसे माना जाता है कि गरीबी सिर्फ धन की कमी नहीं है, बल्कि गरीबी मनुष्य की सामाजिक गतिशीलता, स्वास्थ्य रेखा, सूचना की कमी, शिक्षा व न्याय तक पहुचने की कमी, अज्ञानता व अन्य तथ्यों पर आधारित होती है I

गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

हम एक ऐसे समाज मे जीवन जीते है जहा यह माना जाता है कि पैसा ही सर्वोपरि है तथा पैसों से ही दुनिया की हर एक चीज खरीदी जा सकती है I तो याद कीजिए वो राजा की कहानी जिसने वरदान मांगा था कि वो जिस भी चीज को छुए वो सोना बन जाए जिसके कारण वह भूखा प्यासा और यहा तक कि अपनी पुत्री को भी छू नहीं पता था I इससे शिक्षा मिलती है कि गरीबी को सिर्फ धन से ही नहीं बल्कि अंतर्मन से भी तोला जाता है I

हाल ही कुछ वर्ष में गरीबी की रेखा को परिभाषित करने के लिए रोटी, कपड़ा और मकान के अलावा इसमे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, वाहन, शौचालय, ईंधन, मनोरंजन और रोजगार आदि को भी शामिल किया गया है I

गरीबी के कयी रूप है जो कि अर्थिक आधार पर न होकर जातीय भेदभाव, वैचारिक मतभेद आदि को उजागर कर देता है I आज भी लोग धन से ज्यादा अपने विचारों के कारण ज्यादा गरीबी की चपेट में आ रहे है I एक उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो आज भी कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का है तो उसे गांव के सार्वजनिक कुए से पानी पीने नहीं दिया जाता दूसरी और कोई अशिक्षित व्यक्ति है मगर वह आर्थिक रूप से मजबूत है तो इस व्यक्ति को भी शैक्षिक गरीब की संगत में ही रखा जाएगा I

गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

अत: आज आवश्यकता है कि गरीबी को केवल धन से ही नहीं बल्कि विभिन्न विचारों, दृष्टिकोण, शिक्षा आदि से जोड़ा जाए और हमे यह पूर्ण विश्वास है कि जिस दिन हमारे समाज से यह जातिगत भेदभाव, अंधविश्वास, अशिक्षा आदि कलंक हट जाएंगे तब से ही हमारा देश गरीबी से अमीरी की तरफ उन्मुख हो चलेगा I

इसके लिए आवश्यकता है कि प्रत्येक व्यक्ति जो जागरूक होने की, अपने अंदर अच्छे विचारों का समावेश करने की और पूर्ण संकल्प के साथ कह सकता है कि जिस दिन इस मार्ग पर हर व्यक्ति अग्रसर हो जाएगा उस दिन देश तो क्या पूरे विश्व से गरीबी को हटाना आसान होगा I

” तू जिंदा रख अपने अंदर के फौलाद को,
कर श्रम और पिघला पार्वत नीरो को,
चाह रख कुछ कर गुजरने की दिल मे,
एक दिन गरीबी भी हर जानी है तुझमे I”

निबंध 5 (500 शब्द)
  • प्रस्तावना :

गरीबी एक इसी स्थिति है जिसमें लोग जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं जेसे की भोजन, कपड़े और आसरे की अपर्याप्तता से वंचित रह जाते है I भारत मे अधिकतर लोग अपने दो समय के भोजन को ठीक से नहीं पा सकते है, सड़क के किनारे सोते है और गंदे और पुराने कपड़े पहनते हैI उन्हें उचित और स्वस्थ पोषण, दवाये और अन्य आवश्यक चीज नहीं मिलती है I

शहरी आबादी में वृद्धि के कारण शहरी भारत में गरीबी बढ़ रही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों रोजगार पाने या कुछ वित्तीय गतिविधि करने के लिए शहरो और कस्बों में पलायन करना पसंद करते है I लगभग ८ करोड़ शहरी लोग कि आय गरीबी रेखा से नीचे है I और ४.५ करोड़ शहरी लोगों गरीबी के स्तर की सीमारेखा पर है I बड़ी संख्या मे लोग झुग्गी में रहते है जो निरक्षर है I कुछ पहल के बावजूद गरीबी में कमी के सबंध में कोई संतोषजनक परीणाम नहीं दिखा है I

  • गरीबी के कारण :

भारत मे गरीबी के मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या, गरीब कृषि, भ्रस्टाचार, पुराने रीतिरिवाज, गरीब और अमीर लोगों के बीच बहुत बड़ी खाई, बेरोजगारी, अशिक्षा, महामारी रोग आदि है I भारत में लोगों का एक बड़ा प्रतिज्ञत कृषि पर निर्भर है जो गरीब है I गरीबी का कारण आम तौर पर लोग खराब कृषि और बेरोजगारी के कारण भोजन की कमी का सामना करते है I

गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

काफी बढ़ती जनसंख्या भी भारत में गरीबी का कारण है I अधिक जनसंख्या का अर्थ है अधिक भोजन, धन और मकान I बुनियादी सुविधाओं की कमी में गरीबी तेजी से बढ़ती है I अतिरिक्त मिर और अतरिक्त गरीब बनना और और गरीब लोगों के बीच एक विशाल चौड़ी खाई बनता है I अमीर लोग अमीर हो रहे हें और गरीब लोग गरीब होते जा रहे है जो दोनों के बीच अर्थिक अन्तर पैदा करता है I

  • गरीबी का प्रभाव :

गरीबी कयी मायनों में लोगों के जीवन को प्रभावित करती है I गरीबी के विभिन्न प्रभाव है जैसे अशिक्षा, खराब आहार और पोषण, बालश्रम, गरीब आवश, गरीब जीवन शैली, बेरोजगारी, गरीब स्वच्छता, गरीबी का स्त्रीकरण आदि I गरीब लोग स्वस्थ आहार की व्यवस्था नहीं कर सकते है, नहीं अच्छी जीवनशैली बनाए रख सकते है, घर, अच्छे कपड़े, उचित शिक्षा आदि पैसों की कमी के कारण जो अमीर और गरीब के बीच बहोत बड़ा अन्तर पैदा करता है I यह अन्तर अविकसित देश की और जाता है I गरीबी छोटे बच्चों को कम खर्च पर काम करने के लिए मजबूर करती है और स्कूल जाने के बजाय उनके परिवार की अर्थिक मदद करती है I

  • गरीबी उन्मूलन के उपाय :
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi
गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi

इस ग्रह पर मानवता की भलाई के लिए गरीबी की समस्या को तत्काल आधार पर हल करना अधिक आवश्यक है I गरीबी की समस्या को हल करने में कुछ उपाय जो बड़ी भूमिका निभाते सकते है I वे है – किसानों के अच्छी कृषि के साथ-साथ उसे लाभकारी बनाने के लिए उचित और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए, जो लोग अनपढ़ है, उन्हें जीवन की बेहतरी के लिए आवश्यक परीक्षण दिया जाना चाहिए I बढ़ती जनसंख्या और इस प्रकार गरीबी की जांच के लिए लोगों द्वारा परिवार नियोजन का पालन किया जाना चाहिए I गरीबी को कम करने के लिए दुनियाभर में भ्रस्टाचार को समाप्त किया जाना चाहिए I प्रत्येक बच्चे को स्कूल जाना चाहिए और उचित शिक्षा लेनी चाहिए I रोजगार के एसे रास्ते होने चाहिए जहा सभी श्रेणियों के लोग एकसाथ काम कर सके I

गरीबी केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है बल्कि यह एक राष्ट्रीय समस्या है I इसे प्रभावी समाधानों को लागू करके तत्काल आधार पर हाल किया जाना चाहिए I सरकार द्वारा गरीबी को कम करने के लिए कयी तरह के कदम उठाए गए है लेकिन कोई स्पस्ट परिणाम नहीं दिख रहा है I लोगों, अर्थव्यवस्था, समाज और देश के सतत और समावेशी विकास के लिए गरीबी का उन्मूलन आवश्यक है I गरीबी का उन्मूलन प्रत्येक और हर व्यक्ति के एकजुट प्रयास से प्रभावी ढंग से किया जा सकता है I

संबंधित जानकारी :

भ्रष्टाचार पर निबंध

मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल गरीबी पर निबंध | Essay on poverty in hindi अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

इस आर्टिकल की इमेज गूगल और pinterest से ली गई है।

धन्यवाद❤️

Leave a Comment