मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi

प्रस्तावना :

Essay on Mothers Day in Hindi : सभी के दिलो में माँ का स्थान सबसे अवल होता है। माँ का ऋण तो हम कभी अदा नहीं कर सकते किन्तु सभी लोग माँ को ट्रिब्यूट देने के लिए मातृदिवस मानते है। जिसे मदर्स डे भी कहा जाता है। इस मातृदिवस को मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है।

निबंध 1

हजारो फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए हजारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए हजारों फूल चाहिए समुद्र बनाने के लिए पर “मां” अकेली ही काफी है बच्चों की जिंदगी को स्वर्ग बनाने के लिए….!!!

मात्र का अर्थ होता है मां और दिवस का मतलब होता है दिन अर्थात मां का दिन जो पूरा मां पर समर्पित होता है और इस हर साल मई महीने के दूसरे रविवार के दिन मनाया जाता है।

मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi
मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi

मां बच्च जब दुनिया में आता है, तो उसका पहला रिश्ता मां से होता है। एक मां शिशु को पूरे 9 महीने अपने को कोख में रखने के बाद असहनीय पीड़ा जाते हुए उसे जन्म देती है और इस दुनिया में लाती है। इन 9 महीनों में शिशु और मां के बीच एक अदृश्य प्यार भरा भरा रिश्ता बन जाता है।

यह रिश्ता शिशु के जन्म के बाद साकार होता है और जीवन पर्यंत बना रहता है। मां का दुलार और प्यार फ्री पूचकार ही बच्चे के लिए दवा का कार्य करती है। इसलिए ही ममता और स्नेह के इस रिश्ते को संसार खूबसूरत रिश्ता कहा जाता है। हमारी मां हमारे लिए एक सुरक्षा कवच होती है क्योंकि वह हमें परेशानियों से बचाती है कोई परेशानी हो हमें पता तक नहीं चलने देती है।

और हम चाहे जो कुछ कहे सब सुन लेती है मातृ दिवस के दिन हमें हमारी मां को खुश रखना चाहिए से कोई दुख नहीं देना चाहिए हमें उनकी हर आज्ञा का पालन करना चाहिए। मां हमें जीवन में एक अच्छा इंसान बनता देखना चाहती है इसलिए उसकी हर बात को मानना हमारा कर्तव्य है।

मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi
मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi

मां बच्चे को जरा सी तकलीफ होने पर भी मां बेचैन हो उठती है। संचार महान व्यक्तियों के बिना रह सकता है लेकिन मां के बिना रहना एक अभिशाप की तरह है इसलिए संसार मां का महिमामंडन करता है, उसके गुणगान करता है, इसके लिए मदर्स डे मातृ दिवस यार माताओं का दिन चाहे जिस नाम से पुकारे दिन निर्धारित है। अमेरिका में मदर्स डे की शुरुआत बीसवीं शताब्दी के आरंभ के दौर में हुई। विश्व के विभिन्न भागों में या अलग अलग दिन मनाया जाता है।

निबंध 2

मदर्स डे का इतिहास करीब 400 वर्ष पुराना हैं। प्राचीन ग्रीक और रोमन इतिहास में मदर्स डे मनाने का उल्लेख है। भारतीय संस्कृति में मां के प्रति लोगों में अगाध श्रद्धा रही है, लेकिन आज आधुनिक दौर में जिस तरह से मदर्स डे मनाया जा रहा है उसका इतिहास भारत में बहुत पुराना नहीं है। इसके बावजूद दो तीन दशक से भी कम समय में भारत में मदर्स डे काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

मातृ दिवस समाज में माताओं के प्रभाव और सम्मान का उत्सव है। मातृत्व की छाया में मां न केवल अपने बच्चों को सहेज दी है , बल्कि आवश्यकता पड़ने पर उसका सहारा बन जाती है। मातृ दिवस का आजकल हमारे भारत देश में भी प्रचलन बढ़ रहा है। स्कूल कॉलेज में मातृ दिवस का आयोजन बहुत ही उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसका असर 55 स्कूलों में बिकने लगा है और उसको मैं एक बड़ा कार्यक्रम आयोजन किया जाने लगा है इस दिन बच्चे स्कूल में बहुत सी तैयारी करते हैं जिसमें शिक्षक उनकी मदद करते हैं उत्सव मनाया जाता है, कविता, पासवान इत्यादि तैयार किया जाता है।

मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi
मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi

स्कूल की तरफ से सभी बच्चों की मां को निमंत्रण कार्ड भेजा जाता है। और सभी की मां भी बच्चों के साथ में कविता पाठ, नृत्य भाषण, नाटक, मैं हिस्सा लेती है। और अपनी प्रतिभा दिखाती है। माय अपनी तरफ से स्कूलों में पकवान लेकर जाती है इसे सभी मिलकर खाते हैं। इस प्रकार यह दिन पूरी तरह से पूर्ण के मध्यमा और बच्चों पर ही केंद्रित होता है।

मातृ दिवस को देवता तक मनाते हैं ऋतु में आपको एक कथा सुनाती हूं। वह इस प्रकार है। एक बार की बात है। सभी देवता बहुत मुश्किल में थे। इस समय भगवान शिव जी के साथ भगवान गणेश जी और कार्तिकेय जी भी बैठे थे देवताओं की मुश्किल को देखकर शिव जी ने गणेश जी और कार्तिक से उनकी मदद मांगी और एक प्रतियोगिता करवाई उनके अनुसार जो सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा करेगा वही देवताओं की मुश्किलों को दूर करेगा कार्तिकेय जी तो अपना वाहन लेकर निकल गए पृथ्वी की परिक्रमा करने गणेश जी आए और उन्होंने अपने पिता शिव जी और माता पार्वती के पास गए और उनकी साथ परिक्रमा करने लगे उन से उनकी मां पार्वती जी ने पूछा कि पुत्र तुमने ऐसा क्यों किया तब गणेश जी ने कहा कि माता-पिता में ही पूरा संसार होता है।

निबंध 3

इस प्रकार मां हम आम इंसानों के अलावा भगवान तक पूजनीय मां का स्थान कोई नहीं ले सकता है। मां ईश्वर तुल्य होती है और उसी को एक स्थान दिलाने के लिए मातृ दिवस बहुत ही अच्छा दिन है। जिस दिन मां को महत्व और उनके प्यार को हमें एक महत्वपूर्ण स्थान देते हुए पूरा दिन उनके साथ उनके नाम कर देना चाहिए।

मां के लिए उनकी चरणों में शीश नवाने तथा चरण स्पर्श का नमन का दिन है मातृ दिवस या (मदर्स डे) मातृ दिवस सभी माताओं का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। एक बच्चे की परवरिश करने में माताओं द्वारा शान की जाने वाली कठिनाइयों के लिए आभार व्यक्त करने के लिए यह दिन मनाया जाता है। इस दिन लोगों अपनी मां को ग्रीटिंग कार्ड और उपहार देते हैं।

मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi
मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi

कवि रॉबर्ट ब्राउनिंग ने मातृत्व को परिभाषित करते हुए कहा है – सभी प्रकार के प्रेम का आदि उद्गम स्थल मातृत्व है और प्रेम के सभी लोग इसी मातृत्व में समाहित हो जाते हैं। प्रेम एक मधुर ,गहन ,अपूर्व अनुभूति है लेकिन शिशु के प्रति मां का प्रेम एक स्वर्गीय अनुभूति है। “मां” यह वह लोग एक शब्द है जिसके स्मरण मात्र से ही राम रोम पुलकित हो उठता है। ह्रदय में भावनाओं का अनहद प्रेम उठता है और मनो मस्तिष्क मोतियों के तथा समुद्र में डूब जाता है।

मामू आमोद मंत्र है जिसके उच्चारण मात्र से ही हर पीड़ा का नाश हो जाता है। मां की ममता और उसके आंचल की महिमा को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता हैं। इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है जिसने आपको और आपके परिवार को आदर्श संस्कार दिए। उनके दिए गए संस्कार ही मेरी दृष्टि में आपकी मूल होती है, जो हर मां की मूल पहचान है। मां रूपी सूरज चरैवेति चरैवेति का आवाहन है और उसी से तेजस्विता एक व्यक्तित्व की आभार निखरती है। उसका तापमान की उम्मीदों को कभी जंग नहीं लगने देता। उसका हर संकल्प मुकाम का अंतिम चरण होता है।

निबंध 4

मातृ दिवस हर साल मां और उसके मातृत्व को सम्मान तथा आदर देने के लिए मनाया जाता है। इसे हर वर्ष मई महीने के दूसरे सही वार के दिन मनाया जाता है। इस दिन को बनाने के लिए मां की खास तौर पर उनके बच्चों के स्कूलों के साथ मातृ दिवस के लिए शिक्षक ढेर सारी तैयारियां करते हैं।

एक मां बच्चे के लिए मूल्यवान उपहार होती है जिसे भगवान ने हम सभी को दिया है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान अपने बच्चे की रक्षा के लिए हर जगह नहीं हो सकते हैं इसलिए उन्होंने सबके लिए एक मां बनाई, मां भगवान का ही स्वरूप है जो अपने बच्चों से बहुत प्यार करती है, उनकी सबसे अच्छी दोस्त होती है। मां जीवन में सभी बच्चों के लिए बहुत खास होती है। मां अपने कष्टों को बुलाकर अपने बच्चों का पालन पोषण करती है, उन्हें प्यार करती है।

मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi
मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi

मां जब अपने बच्चे के पास होती है तो बच्चा अपने आप को सुरक्षित महसूस करता है। मित्रता दिवस बच्चे और मां दोनों के लिए खास दिन है। दिन स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। मदर्स डे के दिन सभी बच्चों को अपनी भावनाओं को मां के सामने व्यक्त करके उनके प्यार दुलार के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहिए। मां के बिना हर किसी का जीवन अधूरा होता है। हमें अपनी मां की हर बात का पालन करना चाहिए क्योंकि वह हमेशा अपने बच्चों को जीवन में एक अच्छा इंसान बनाना चाहती है। मातृत्व दिवस पर हर साल स्कूल और कई संस्थानों में मां के सम्मान में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस दिन मां अपने बच्चे के स्कूल जाती है और इस उत्सव में शामिल होती है। यह सच ही कहा गया है कि मां के सुने और त्याग का पृथ्वी पर कोई दूसरा उदाहरण नहीं है।

निबंध 5

मेरी मां बहुत प्यारी है। वे रोज सुबह घर में सबसे पहले उठ जाती है। घर के सब लोगों का ध्यान मेरी मां बहुत अच्छे से रखती है। वे दादी दादा का भी पूरा ध्यान रखती है। मैं अपनी मां को भगवान के समान मानता हूं। मैं उनकी हर बात मानता हूं। मेरी मां बहुत स्वादिष्ट भोजन बनाती है। मेरी मां नौकरी भी करती है।

घर और ऑफिस दोनों की जिम्मेदारी में बहुत ही अच्छे से निभाती है। उनके सरल और सुलझे हुए व्यवहार की तारीफ उनके ऑफिस के सारे लोग करते हैं। मेरी मां सबसे अच्छी दोस्त है। अगर मैं कोई गलती करता हूं तो मेरी मां मुझे प्यार से समझ आती है। उनके प्यार और ममतामई स्पर्श को पाकर मैं अपने सारे दुख भूल जाता हूं। मेरी मां मेरी आदर्श है। मैं मुझे सच के रास्ते पर चलने की सीख देती है। कहते हैं कि मां है ईश्वर द्वारा दिया गया एक वरदान है। मैं अपनी मां से बहुत ही प्यार करता हूं। मैं भगवान को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे दुनिया की सबसे अच्छी मां दी है। इस दुनिया में सबसे आसान और अनमोल शब्द है “मां”।

मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi
मातृ दिवस निबंध | Essay on Mothers Day in Hindi

मां दुनिया का एकमात्र ऐसा शब्द है जिसे किसी परिभाषा की जरूरत नहीं क्योंकि यह शब्द नहीं एक एहसास है। मां प्रेम , प्रयोग और सेवा की मूर्ति है। सचमुच मां ईश्वर का प्रतिरूप है। मेरी मां बहुत समझदार मेहनती और दयालु है। वह हर सुबह सबसे पहले उठ जाती है। मेरे मन की हर बात जान लेती है। वह मुझे मेरे सुख-दुख में साथ देती है।

जब कभी मैं किसी समस्या में होता हूं तब वह मुझ में विश्वास पैदा करती है। मेरे बुरे समय में वह मुझे उम्मीद की रोशनी जलाती है। वह हमेशा मुझे अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित करती है। मेरी मां गरीब असहाय लोगों की मदद करती है। मेरी मां प्यार की देवता है । मैं दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार और भरोसा मेरी मां पर करता हूं । मैं भगवान को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे दुनिया की सबसे अच्छी मां दी मैं बड़ा मुख दुनिया की हर खुशी हो को मां के चरणों में ला दूंगा।

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