हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

प्रस्तावना :

Essay on Hockey in Hindi : हॉकी एक लोकप्रिय खेल होने के साथ भारत का राष्ट्रिय खेल भी है। जिसको विश्व भर के सभी देशों द्वारा खेला जाता है I हॉकी खेल की लोकप्रियता क्रिकेट खेल के जेसे ही दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है I

निबंध 1 (100 शब्द)

हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है। हॉकी एक ऐसा खेल हैं जिसमे दो टीम एक दूसरे जे विरूद्ध खेलती है। एवं हॉकी स्टिक कि मदद से विरोधी टीम के खेमे में गेंद गोल में डालकर गोल करने का प्रयास करती है। हॉकी के वर्तमान में अनेक प्रकार है यथा फील्ड हॉकी, आइस हॉकी आदि है । भारत मे हॉकी जा खेल बहुत पुराना एवं प्रिय है।

हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi
हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

ओलंपिक खेलों में हॉकी में भारत का गौरव पूर्ण स्थान रहा है। १९२६ से १९५६ तक का समय भारतीय हॉकी के लिए स्वर्णिम रहा है। इस दौरान भारत ने ६ सुवर्ण पदक लगातार हॉकी स्पर्धा में प्राप्त किये थे। ध्यानचंद भारतीय हॉकी का खिलाड़ी है जिन्हें हॉकी का जादूगर कहा गया है

“तुम भी मेजर ध्यानचंद क़ी
राह पर चल सकते हो,
हुन्नर है, तुम भी हॉकी का
जादूगर बन सकते हो।”

निबंध 2 (150 शब्द)

हॉकी बहुत ही प्रसिद्ध खेल है और भारत के राष्ट्रीय खेल के रूप मे जाना जाता है । इसे नियमित रूप से खेलना हमारे लिए बहुत तरह से उपयोगी है I यह अच्छा स्वस्थ्य प्रदान करने के द्वारा शरीर की सहन शक्ति को सुधारने में हमारी मदद करता है I इस खेल को खेलने वाले व्यक्ति के लिए अधिक प्रयास और लगन को नियमित रखने की आवश्यकता है I यह मैदान मे खेले जाने वाला खेल है I और भारतीय युवा के द्वारा आमतौर पर पसंद किया जाता है I

हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi
हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

यह बहुत आसान नहीं है, हालाकि इस खेल का नियमित अभ्यास विजेता में बहुत अधिक मदद कर सकता है I दोनों टीमों में ११-११ खिलाड़ी होते है I ५ आगे फॉरवर्ड, २ पूरी तरह से पिछे की और (पुल बेक), ३ थोड़े पिछे की और (हाफ पुल बेक) और एक गोल कीपर के रूप मे बंटे होते है I यह ५ या १० मिनट के दो अंतरालों के साथ ३५ मिनट के दो हिस्सों में खेला जाता है I

यह अधिक रुचि और आनंद का खेल है I जो दर्शकों को आसानी से इसे देखने के लिए प्रेरित करता है I यह खिलाडियों के स्वास्थ्य के बहुत ही लाभदायक है I और उन्हें वित्तीय लाभ भी प्रदान करती है I इस खेल में रुचि रखने वाला एक व्यक्ति आसानी से अपने अच्छे भविष्य का निर्माण कर सकता है I

निबंध 3 (200 शब्द)

भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी विश्व के लोकप्रिय खेलों में से एक है। हॉकी भारत मे वर्षो से खेला जाने वाला प्राचीन खेल है। यह तेज खेला जाने वाला खेल है जो दो टीमो के बीच मे खेला जाता है। दोनों टीमो में ११-११ खिलाड़ी होते है। सभी खिलाड़ियों का लक्ष्य अधिक अंक प्राप्त करने के लिए बोल को दूसरी टीम के नेट पर मारना होता है। हॉकी स्फूर्ति और शक्ति का खेल है। यह मैदान में खेले जाने वाला खेल है और भारतीय युवाओं के द्वारा आमतौर पर पसंद किया जाता है।

हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi
हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

ओलंपिक खेलों मे हॉकी में भारत जा गौरव पूर्ण स्थान रहा है। १९२८ से १९५६ तक का समय भारतीय हॉकी का सुवर्ण काल के रूप में जाना जाता है। स्वर्णिम दौर के प्रसिद्ध खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद थे ओर उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों की वजह से उन्हें हॉकी के जादूगर के रूप में जाना जाता है।भारत लगातार हॉकी के अपने स्वर्ण युग के दौरान ६ ओलंपिक स्वर्ण पदक और लगातार २४ हॉकी मैच जीता था। हॉकी के स्वर्ण युग को भारत ने वापस लाने के लिए भारतीय सरकार के द्वारा अधिक प्रयास , लगन और समर्थन की आवश्यकता है।

“मेरी वास्तविकता की रंगत तुम्हारी कल्पना से फीकी पड़ी,
मित्र, बड़े कमाल की है तुम्हारी जादू कि छड़ी।”

निबंध 4 (250 शब्द)

हॉकी एक अच्छा खेल है और आमतौर पर देश के युवाओ द्वारा खेला जाता है I यह दुनिया भरके अन्य देशों में भी खेला जाता है यद्यपि यह भारत का राष्ट्रीय खेल है, क्योंकि भारत इस खेल में बहुत अच्छी जीतो के माध्यम से कयी बार गौरवान्वित हुआ है I भारतीय हॉकी के क्षेत्र मे लगातार कयी सालो तक विश्व विजेता रह चुका है I

अब यह खेल अन्य देशों जेसे होलेन्ड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड आदि में भी प्रसिद्ध हो गया है I यह रफ्तार का खेल है, जिसमें जब कभी भी खेल रफ्तार लेता है, तो खिलाड़ी को हर समय दौड़ना पड़ता है I यह दो टीमों के बीच खेला जाने वाला खेल है, जिसमें दोनों टीमों में ११-११ खिलाड़ी होते है I जब तक कि खेल की समाप्ति नहीं होती, खिलाड़ियों को तब तक हर समय चौकन्ना रहना पड़ता है I

हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi
हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

इस खेल में पूरे समय खिलाडियों की भारतीय हॉकी के स्वर्णकाल के नायक मेजर ध्यानचंद, धनराज पिल्लै, अशोक कुमार, उधम सिंह, बाबु निमल आदि थे I वे सभी वास्तविक नायक थे जो भारतीय हॉकी के क्षेत्र को बड़ी सफ़लता की और ले गए थे I

ध्यानचंद एक प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ी थे, जिन्हें अभी भी हॉकी के जादूगर के रूप मे बुलाया जाता है I १९२८ में भारत हॉकी में विश्व चैंपियंस पहली बार बना था और एम्सटर्डम ऑलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था I उस वर्ष के बाद, भारतीय हॉकी ने अपनी विश्व चैम्पियनशिप बनाए रखा, जब तक कि वे रोम ऑलंपिक में नहीं हारे I बादमें, मांट्रीयल ऑलंपिक में भारतीय हॉकी को सातवा स्थान प्राप्त हुआ, मॉस्को ऑलंपिक में स्वर्णपदक १९८० लेकिन १९८४ मे फिरसे स्वर्णपदक हार गए I

निबंध 5 (600 शब्द)

हॉकी एक लोकप्रिय खेल है जिसको विश्व भर के सभी देशों द्वारा खेला जाता है I हॉकी खेल की लोकप्रियता क्रिकेट खेल के जेसे ही दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है I इस खेल को ६०० इसा पूर्व के दौरान प्राचीन यूनान में खेला जाता था I पहली बार साल १९०८ में हॉकी को ऑलंपिक खेलों में शामिल कर लिया गया था I उस वर्ष केवल आयरलैंड, स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, वेल्स, जर्मनी तथा फ्रांस द्वारा ही इस खेल को खेला गया था I

  • इतिहास और उत्पति :

हॉकी का खेल भारत में कई वर्षो पहले से खेला जाने वाला प्राचीन खेल है I यह खेल हॉकी की लकड़े की छड़ी और बॉल के साथ खेला जाता है I यह १२७२ ईसा पूर्व से पहले आयरलैंड में और ईसा ६०० पूर्व के दौरान प्राचीन यूनान में खेला जाता था I

हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi
हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

हॉकी के बहुत से रूप है, जेसे मैदानी हॉकी, आइस हॉकी, स्लेज हॉकी, रोलर हॉकी, सड़क हॉकी आदि I आजकल, मैदानी हॉकी को आमतौर पर खेला जाता है I आइस हॉकी, मैदानी हॉकी के बिल्कुल विपरीत है, जो कनाडा और उतरी अमेरिका के बर्फीले मैदानों में खेली जाती है I

पुराने ज़माने में इस खेल को खेलने के लिए एक साधारण गेंद होती थी और एक लकड़ी की छड़ी होती थी, जो कि वर्तमान हॉकी स्टिक की तरह ही मुड़ी हुई नहीं होती थी I वर्तमान हॉकी से मिलता जुलता खेल पहले इंग्लैंड में ही खेला जाता था I इंग्लैंड से ही हॉकी में नियमों और कायदों का विकास हुआ था, लेकिन पुराने ज़माने में अगर कोई खिलाड़ी १४ मीटर दूर से गोल कर्ता था तब उसे गोल नहीं माना जाता था I हालाकि अब नियमों में सुधार करके इस नियम को बदल दिया गया है I

हॉकी खेल की बढ़ती हुई लोगों के प्रति लोकप्रियता को देखते हुए १८८६ में हॉकी एसोसिएशन की स्थापना हुई I इसके बाद तो हॉकी खेल में एक नयी जान आ गई थी क्योंकि इसके बाद प्रत्येक देश द्वारा इस खेल को अपनाया जाने लगा था I

  • भारत में हॉकी का भविष्य :

जेसे की हम सभी जानते है कि, वास्तव मे हॉकी के खेल का भारत मे स्वर्णकाल के बाद अच्छा समय अब बीत गया है I यह हॉकी में रुचि और हॉकी के योग्य खिलाडियों की कमी के साथ ही भविष्य में इस खेल को नियमित रखने के लिए युवाओं को आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण हुआ है I

हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi
हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

हॉकी के स्वर्ण युग को भारत में वापस लाने के लिए भारतीय सरकार के द्वारा अधिक प्रयासों, लगन और समर्थन की आवश्यकता है I भारतीय हॉकी लोग, हॉकी टीम को बढ़ाने के लिए कुछ प्रभावशाली रणनीतियों को लागू करने की योजना बना रही है I आने वाले ३ सत्रों में भारतीय हॉकी और ऑस्ट्रेलिया हॉकी के बीच अनुकूल समझोता हुआ है I

  • भारत का हॉकी खेल में योगदान :

भारत का हॉकी के खेल में बहुत बड़ा योगदान है I भारत मे हॉकी की लोकप्रियता क्रिकेट खेल की तरह ही यहा पर हॉकी के खिलाडियों को सम्मान की नजरों से देखा जाता है I भारत में हॉकी की बढ़ती हुई लोकप्रियता को देखते हुए १८८५-८६ हॉकी क्लब की स्थापना कोलकाता में की गई थी I

भारतीय खिलाडियों ने हॉकी खेल में पहली बार १९२८ के एम्सटर्डम मे खेले गए ओलिंपिक से अपना पहला कदम रखा था I उस वर्ष भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीता था I इसके बाद तो भारतीय टीम ने हॉकी खेल में स्वर्ण पदक की झड़ी लगायी थी I क्योंकि १९२८ से १९५६ की बीच खेले गए ऑलंपिक में भारत ने ६ स्वर्ण पदक जीते थे I

हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi
हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

इस युग को भारत का स्वर्णकाल युग मे कहा जाता है I भारतीय हॉकी खेल के इतने अच्छे प्रदर्शन के कारण सभी देश के लोग भारतीय खिलाडियों को सम्मान की नजरों से देखने लगे थे I भारत को स्वर्ण पदक जितने वाले खिलाड़ियों में से सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी ” मेजर ध्यानचंद ” थे, जिन्होंने भारतीय हॉकी खेल को नयी ऊँचाई तक पहुंचाया था I १९३६ की भारतीय हॉकी खेल के कप्तान मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर भी कहा जाता है क्योंकि वे इतनी तेजी से गोल करने थे उतनी तेजी से कोई गोल नहीं कर पाता था I और आजतक उनका यह रिकॉर्ड कोई भी नहीं तोड़ पाया है I

हॉकी के स्वर्णिम युग के उत्कृष्ट खिलाडियों के नाम कुछ इस प्रकार है – मेजर ध्यानचंद, धनराज पिल्लै, बाबु निमल, बलबीर सिंह, गगन अजित सिंह, लेस्ली क्लोडियस, अजित पाल सिंह, अशोक कुमार, उद्धम सिंह, मोहम्मद शाहिद आदि थे I इन्हीं खिलाडियों के कारण भारत को हॉकी का सम्राट कहा जाता है I इसी कारण भारत द्वारा हॉकी खेल को भारत का राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया था I

  • हॉकी खेल के नियम

(१) हॉकी १५-१५ मिनट के चार क्वाटर में खेला जाता है I

(२) अगर मैदान मे किसी खिलाड़ी के ५ मीटर के दायरे मे कोई अन्य खिलाड़ी हो तो वह खिलाड़ी अपनी हॉकी स्टिक को १८ इंच ऊपर नहीं उठा सकता है I और अगर कोई खिलाड़ी एसा कर्ता है तो ” इसे हाई बेईक ” लिफ्ट कहा जाता है । इसके बाद रेफरी सिटी बजाकर फ्री हिट का इशारा कर्ता है I

(३) अगर हॉकी खेलते वक़्त गेंद किसी खिलाड़ी के पांव या जूते से टकराती है तो उसे ” कैरड फाउल ” कहते है I इसके बाद रेफरी सिटी बजाकर फ्री हीट का इशारा करता है I

हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi
हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

(४) हॉकी खेलते वक्त गेंद को जोर से मारकर उछाल नहीं सकते है एसा करने पर ” रेज्ड बॉल फाउल ” माना जाता है I और रेफरी द्वारा फ्री हीट दी जाती है I लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हॉकी बॉल को उछालकर पास नहीं किया जा सकता I अगर किसी खिलाड़ी को बॉल को उछालकर अपनी टीम के खिलाड़ी को पास करना है तो उसे देखना होगा कि दूसरे खिलाड़ी के पास कोई अन्य खिलाड़ी नहीं है और साथ ही उसके पास भी अन्य खिलाड़ी नहीं होना चाहिए I

(५) हॉकी के मैदान मे आमतौर पर गेंद को छुने की मनाई होती है लेकिन अगर हवाई शॉट मारा गया हो तो गेंद को कैच लिया जा सकता है लेकिन इसमें भी एक नियम है जो भी खिलाड़ी गेंद को कैच लेता है उसको तुरंत गेंद को अपने सटीक पर रखना होता है I

(६) हॉकी के मैदान पर कोई २ टीम खेल रही है और अगर रेफरी को एसा लगता है कि खिलाड़ी आपस में लड़ रहे है या फिर कोई दुर्घटना हो सकती है तो रेफरी सिटी बजाकर ” डेन्जरस प्ले ” का इशारा कर्ता है और फ्री हीट मिल जाती है I

हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi
हॉकी पर निबंध | Essay on Hockey in Hindi

(७) हॉकी खेल में गोल के आगे बनी वृताकार लाइन के अंदर गोल होने से बचाने के लिए सिर्फ गोलची ही बचा सकता है I अगर अन्य कोई खिलाड़ी गोल होने से बचाने का प्रयास कर्ता है तो यह फाउल माना जाएगा I और रेफरी ” पेनाल्टी स्ट्रोक ” दे देगा, इसका मतलब गोल मुख के सामने दूसरी टीम के खिलाड़ी सिर्फ ७ गज शॉट लेंगे और उसे बचाने के लिए खड़ा होगा आपका गोलची ।

  • उपसंहार :

इसतरह भारत में और पुरे विश्व में हॉकी की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। भारतीय सरकार और हॉकी बॉर्ड के द्वारा किये जाने वाले प्रयास भारत के युवाओ में हॉकी के प्रति क्रिकेट के तरह ही सकारात्मक विचार ला रहे है। और भारत के बच्चो में भविष्य में भारतीय आंतरराष्ट्रीय हॉकी टीम मेसे खेलने की उत्शुकता बढ़ रही है। भारतीय सरकार और हॉकी बॉर्ड को यह पूरी उम्मीद है की आने वाले भविष्य में भारतीय आंतरराष्ट्रीय हॉकी टीम, मेजर ध्यानचंद की हॉकी टीम की तरह सुवर्ण कल लेकर आएगी।

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