जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi

प्रस्तावना :

जन्माष्टमी निबंध : हमारे शास्त्रों और पुराणों के अनुसार समय में चार युगो के आधारित विभाजित है। जब जब पृथ्वी पर पाप बढे है , भगवान ने अवतार लिया है। द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने रोहिणी नक्षत्र में जन्म लिया। भगवान के अवतरण के दिन के रूप में प्रतिवर्ष प्रागट्य दिन के रूप में जन्माष्टमी मनाई जाती है। कैसे जन्माष्टमी मानते है! कथा और बहुत कुछ निबंध के जरिए जानेंगे।

निबंध 1 (150 शब्द)

हिन्दू धर्म के पर्वों में कृष्ण जन्माष्टमी को पूरे देश मे बड़ी ही धूमधाम और उत्साह जोश के साथ मनाया जाता है I यह हिन्दुओ का प्रसिद्ध त्योहार है, क्योंकि इस दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था I कृष्ण जन्माष्टमी को अन्य कयी उपनाम जेसे – गोकुलअष्टमी, जन्माष्टमी और कृष्णाअष्टमी वह श्रीं जयंती नाम से भी जाना जाता है I

जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi

इस दिन भारत के सभी मंदिर सजाये जाते है, वह भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों को सजाते है I देश भर में जांखीया निकाली जाती है I इसमें बड़े बूढे, जवान, महिलाएं सभी बढ़ चढ़ कर भाग लेते है I मथुरा व देश के विभिन्न क्षेत्रों मे कृष्णा जन्माष्टमी के दिन दही हांडी फोड़ने की प्रतियोगिता रखी जाती है I इसमें ऊंचाई पर दही या मक्खन से भरी हांडी को लटकाया जाता है जिसे फोड़ने वाले को पुरस्कार दिया जाता है I

इस पर्व के दिन हिन्दू परिवारों में कुछ लोग व्रत रखते है I देश के मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन लड्डू का प्रसाद बनाया जाता है I इस प्रसाद को कृष्ण भगवान को चढ़ाने के बाद मंदिर में आने वाले लोगों में बांट दिया जाता है I ये पर्व भगवान श्रीकृष्ण के दिखाए पथ पर चलने व उनके आदर्शों का पालन कर मानव जाती के विकास के लिए अपना योगदान देने की तरफ हमे संदेश देता है I

निबंध 2 (200 शब्द)

श्रीकृष्ण जिनका नाम है,
गोकुल जिनका धाम है,
ऐसे मुरली वाले श्रीकृष्ण,
को हम सब का प्रणाम है I

भारत त्योहारों का देश है जहा पर सभी त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाए जाते है I श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हिन्दुओ का एक प्रसिद्ध त्योहार है I यह त्योहार रक्षाबंधन के बाद भाद्रपद माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी पर मनाया जाता है I इसे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिवस के रूप मे मानते है I

जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi

जन्माष्टमी को गोकुल अष्टमी, कृष्ण अष्टमी, श्रीकृष्ण जयंती के नाम से भी जाना जाता है I श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है I इनके पिता का नाम वासुदेव और माता का नाम देवकी था I जन्माष्टमी की रात मध्य रात्रि को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था इसलिए मंदिरों और घरों में रात १२:०० बजे लोग भगवान कृष्ण का अभिषेक, पूजन और आरती करते है I

जन्माष्टमी पर कृष्ण मंदिरों में भव्य समारोह किए जाते है तथा श्रीकृष्ण की झांकियां सफ़ाई जाती है I मथुरा और वृंदावन जहा भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन व्यतित किया था वहा की जन्माष्टमी विश्व प्रसिद्ध है I जन्माष्टमी के त्योहार पर दही-हांडी का विशेष महत्व है I दही-हांडी का प्रदर्शन करने हुए लोग ” नंद घेर आनंद भयों जय कन्हैयालाल की…. ” जेसे गीत गाते है I इस दिन पूरे विश्व में मंगलमय वातावरण होता है I

जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi

इस तरह भारत मे हिन्दू धर्म के लोग तो यह त्योहार मनाते ही है बल्कि साथ साथ सभी अन्य धर्मों के लोग भी यह त्योहार बड़े ही आनंद और हर्षोल्लास के साथ मनाते है I

निबंध 3 (250 शब्द)

भारत त्योहारों का देश है I कृष्ण जन्माष्टमी एक धार्मिक त्योहार है जिसे हिन्दू धर्मों के लोग मनाते है I भारत में सभी त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाए जाते है I जन्माष्टमी का पावन त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूपमें मनाया जाता है I श्रीकृष्ण युगों युगों से हमारी आस्था का केंद्र रहे है I श्रीकृष्ण को भगवान श्रीकृष्ण का आठवां अवतार माना जाता है I श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह में कृष्णपक्ष अष्टमी की मध्य रात्रि को जैल में हुआ था I

जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi

जन्माष्टमी के त्योहार मनाने का ढंग सरल और रोचक है I इस त्योहार को मनाने के लिए सभी श्रद्धालु बहुत सवेरे सवेरे अपने घरों की सफ़ाई करके उसे सजाते है I कयी लोग इस दिन व्रत रखते है वे कृष्णलीला का गान करने है और श्रीकृष्ण का कीर्तन करते है I मध्य रात्रि को श्रीकृष्ण का जन्म मनाया जाता है I तभी पूजा तथा आरती कर भक्तजन अपना व्रत खोलते है I

जन्माष्टमी के दिन देश अनेक जगह दही-हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है I दही-हांडी प्रतियोगिता में सभी जगह के बाल गोविंदा भाग लेते है I छाछ, दही, मक्खन आदि से भरी एक मटकी रस्सी की सहायता से आसमान में लटका दी जाती है और बाल गोविंदा द्वारा मटकी फोड़ने का प्रयास किया जाता है I दही-हांडी प्रतियोगिता में विजेता टीम को उचित इनाम दिया जाता है I

जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व से हमे यह संदेश मिलता है कि पाप का नाश अवश्य होता है I जब जब संसार मे कष्ट बढ़ते है, पाप, अनाचार और भ्रस्टाचार बढ़ता है उसे समाप्त करने के लिए कोई ना कोई महान शक्ति भी जन्म लेती है I

निबंध 4 (300 शब्द)
  • प्रस्तावना :

जन्माष्टमी पर्व को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के रूप मे मनाया जाता है I यह पर्व पूरी दुनिया मे मनाया जाता है I जन्माष्टमी को भारत में ही नहीं परन्तु विदेशों में बसे भारतीय पूरी आस्था एवं श्रद्धा से मनाते है I श्रीकृष्ण युगों युगों से हमारी आस्था का केंद्र रहे है I

  • जन्माष्टमी का महत्व :

जन्माष्टमी का मनुष्य जीवन मे बहुत ही अधिक महत्त्व है I इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शास्त्रों में इसके व्रत को ” व्रतराज ” कहा जाता है I इस दिन व्रत रखने से कयी व्रतों का फल मिल जाता है I इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा करने से संतानप्राप्ति, दीर्घायु, तथा सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है I

जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
  • जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है :

श्रीकृष्ण देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र थे I मथुरा नगरी का राजा कंस था, जो कि बहुत अत्याचारी था I उसके अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे थे I एक दिन आकाशवाणी हुई कि उसकी बहन देवकी का आठवां पुत्र उसका वध करेगा I यह सुन कर कंस ने अपनी बहन को उसके पति सहित काल-कोठरी में डाल दिया I

कंस ने देवकी के पुत्र कृष्ण से पहले के ७ बच्चों को मार डाला था I जब देवकी ने कृष्ण को जन्म दिया तब भगवान विष्णु ने वासुदेव को आदेश दिया कि वे कृष्ण को गोकुल में यशोदा मैया और नंद बाबा के पहुचा आए I उनका पालन-पोषण यशोदा मैया की देखरेख में हुआ I तभी से उनके जन्म की खुशी में प्रतिवर्ष जन्माष्टमी मनाई जाती है I

  • उपसंहार :

जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने का विधान है I अपनी सामर्थ्य के अनुसार फलाहार करना चाहिए I कोई भी भगवान हमे भूखा रहने के लिए नहीं कहता इसलिए अपनी श्रद्धा अनुसार व्रत रखे I पूरे दिन व्रत में कुछ भी न खाने से आपके स्वस्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है I इसलिए हमे कृष्ण के संदेशों को अपने जीवन मे अपनाना चाहिए I

निबंध 5 (400 शब्द)
  • प्रस्तावना :

जन्माष्टमी हिन्दुओं के मुख्य त्योहारों में से एक है जिसे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप मे मनाया जाता है I यह त्योहार भारत के अलावा नेपाल तथा जहा भारतीय लोग निवास करते है वहा वहा मनाया जाता है I

जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
  • इतिहास :

धरती पर अत्याचार व पाप के सर्वनाश करने के लिए तथा लोगों को कंस के अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के अवतार में जन्म लिया I श्रीकृष्ण ने भाद्रपद माह की कृष्णपक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि में भगवान श्रीं हरि विष्णु के आठवें अवतार के रूप मे जन्म लिया I

कंस का अत्याचार बढ़ने के कारण आकाशवाणी हुई थी कि देवकी और वासुदेव का आठवां पुत्र ही कंस की मृत्यु का कारण बनेगा I आकाशवाणी होने के बाद तुरंत कंस ने अपनी बहन देवकी और वासुदेव को कारागार में बंध कर दिया और एक के बाद एक उनकी संतानो को मारता गया I किन्तु जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तब भगवान विष्णु ने वासुदेव को अपनी माया से मोहित कर आदेश दिया कि इस बालक को गोकुल में माता यशोदा व नंद बाबा के पास पहुचा दो और उनकी सन्तान एक पुत्री है , जिसने भी अभी जन्म लिया है, उसे अपने साथ वापस ले आओ I ताकि कंस को एक भ्रम बना रहे की देवकी की आठवीं सन्तान एक कन्या है I तो यही कारण ही की भगवान श्रीकृष्ण को जन्म माता देवकी ने दिया , लेकिन उनका पालन-पोषण मैया यशोदा और नंद बाबा ने किया I

  • जन्माष्टमी की तैयारी :

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन मंदिरों को सजाया जाता है I जन्माष्टमी के पूरे दिन व्रत का विधान है I इस दिन सभी रात १२:०० बजे तक व्रत रखते है I इस दिन मंदिरों में झांकियां सजाई जाती है I लोग श्रीकृष्ण के लिए कपड़े खरीदते है और उन्हें सजाते है I इस दिन लड्डू गोपाल को झुला झुलाया जाता है I रात १२:०० बजे श्रीकृष्ण की आरती की जाती है और प्रसाद में माखन, मिस्री बांटा जाता है I

जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi
  • दही-हांडी उत्सव :

श्रीकृष्ण को बचपन से ही दही और मक्खन बहुत प्रिय था I वह अपने दोस्तों के साथ टोली बनाकर गोपियों के घरसे मक्खन चुराया करते थे I उनकी इस शरारत से बचने के लिए मक्खन को ऊंची जगह पर लटका देती थी I श्रीकृष्ण और उनके सखा एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर मटकी फोड़ दिया करते थे I उनकी इन्हीं शरारत भरी नटखट बाल लीलाओं को याद करते हुए दही-हांडी का उत्सव मनाया जाता है I

  • निष्कर्ष :

श्रीकृष्ण का जन्म, जन्माष्टमी बहुत ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला त्यौहार है I भगवान श्रीकृष्ण की हर लीला हमे कुछ ना कुछ सीख देती है I हमे उनसे सीख लेते हुए अपना कर्म करना चाहिए I यह पर्व हमे धर्म की राह पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है I

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मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल जन्माष्टमी निबंध | Janmashtami Essay in Hindi अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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