आदर्श विद्यार्थी पर निबंध

प्रस्तावना :

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध : सभी अच्छे गुणों का भंडार जिसे अच्छे छात्र यानि की आदर्श विद्यार्थी के रूप में जाना जाता है। घर हो या अपनी पाठशाला वह सबके साथ सही ढंग से पेश आता है। हर माता-पिता की यह इच्छा होती है की मेरा बेटा आदर्श विद्यार्थी बने और दूसरे बच्चे उससे कुछ सीखे। एक आदर्श विद्यार्थी किसे कहते है इसी मुद्दे पर आज हम आदर्श विद्यार्थी पर निबंध दे रहे है। जिसे बच्चो को आइडियल बनने में आसानी हो सके।

निबंध 1 (200 शब्द)

विद्यार्थी राष्ट्र के कर्णधार होते हैं। उन्हीं पर देश की उन्नति और अवनीत आधारित रहती है एक विद्यार्थी का आदर्श होना आवश्यक होता है। आदर्श विद्यार्थी का अर्थ यह श्रेष्ठ आचरण करने वाला विद्यार्थी वैसे तो मानव जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत कुछ ना कुछ सीखता है परंतु जीवन में विद्या प्राप्त करने की विशेष अवस्था को विद्यार्थी जीवन कहते हैं।

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi
आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi

आदर्श विद्यार्थी का यह अर्थ कदापि नहीं है। कि वह मात्र किताबी कीड़ा बना रहे उसे विद्या अध्ययन के साथ-साथ खेलकूद में भी भाग लेना चाहिए स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। इस बात को ध्यान में रखकर खेल के समय खेल और पढ़ाई के समय पढ़ना चाहिए वर्तमान शिक्षा पद्धति जीविका की शिक्षा देती है।

विद्यार्थी पढ़ लिखकर कमाने खाने योग्य हो जाता यही शिक्षा का उद्देश्य रहता है। और अभिभावक भी यही चाहते हैं ऐसी स्थिति में जिस प्रकार के आदर्श नागरिकों को विद्यालयों में से निकलना चाहिए ऐसे निकल नहीं पाते इससे देश को आगे चलकर हानि उठानी पड़ती है आदर्श विद्यार्थी में सभी प्रकार के अच्छे गुण होते हैं।

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi
आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi

वहां कभी झूठ नहीं बोलते अपने माता-पिता व गुरुजनों का सम्मान करते हैं अपने सहपाठियों भाइयों के साथ प्रेम से बात करते हैं आदर्श विद्यार्थी अपने परिवार समाज और देश के गौरव होते हैं उनका जीवन संयमित और नियमित होता है।

निबंध 2 (250 शब्द)

आदर्श विद्यार्थी अपना एक क्षण भी व्यर्थ नहीं हो जाने देता है संतुलित भोजन करते हैं। सादे वस्त्र पहनते हैं अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। और ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं यदि नहीं उदार स्वभाव और व्यवहार कुशल होते हैं।

समय पर समय समय पर उठना समय पर अध्ययन करना समय पर व्यायाम करना समय पर भोजन करना विद्वानों की संगत में बैठना दूषित विचारों और कुछ संगीत से दूर रहना आदि से आदर्श विद्यार्थी के प्रमुख लक्षण है। आदर्श छात्र कोई ऐसा व्यक्ति नहीं उत्तम है। और प्रत्येक परीक्षा में पूर्ण अंक प्राप्त करता है। या प्रत्येक खेल गतिविधियों जिसमें वह भाग लेता है मैं पदक जीता है।

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi
आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi

आदर्श छात्र वह है , जो अनुशासित रहता है और जीवन में एक सकारात्मक दृष्टि रखता है। आदर्श छात्र वह नहीं है जो कभी भी विफल नहीं होता है। पर विफलता से हार नहीं मानता जब तक वह सफल नहीं हो जाता तब तक वह कोशिश करता रहता है। सारांश तो वह विद्यार्थी जो कुछ संगीत से अपने आप को दूर रखते हुए सद्गुणों को निरंतर अपनाने की चेष्टा करते हैं। तथा गुरुजनों का पूर्ण आदर करते हुए भविष्य की ओर अग्रसर होता है वही एक आदर्श विद्यार्थी होता हे।

“आदर्श विद्यार्थी से स्कूल की तकरीर बदलती है, आदर्श विद्यार्थी से देश की तस्वीर बदलती है, हर समय बस देश में खुशियां दमकती है, विद्यार्थियों के आदर्शों की खुशबू महकती है…”

निबंध 3 (350 शब्द)

विद्यार्थी जीवन को मनुष्य के जीवन की आधारशिला कहा जाता है। इस समय वह चीन गुणों व अवगुणों को अपनाता है। वही आगे चलकर चरित्र का निर्माण करता है। अतः विद्यार्थी जीवन सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है एक आदर्श विद्यार्थी वह है। जो परिश्रम और लगन से अध्ययन करता है। तथा सद्गुणों को अपनाकर स्वयं का ही नहीं अपितु मां-बाप का विद्यालय का नाम ऊंचा करता है। वह अपने पीछे ऐसे उदाहरण छोड़ जाता है।

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi
आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi

जो अन्य विद्यार्थियों के लिए अनुकरणीय बन जाता है। एक आदर्श विद्यार्थी सदैव पुस्तकों की ही अपना सबसे अच्छा मित्र समझते हैं। वह पूरी लगन और परिश्रम से उन पुस्तकों का अध्ययन करता ह। जो जीवन निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी है।उपयोगी पुस्तकों में उसके विषय की पुस्तकों के अतिरिक्त वे पुस्तकों भी हो सकती है जिनमें सामान्य ज्ञान आधुनिक जगत की नवीनतम जानकारियां तथा अन्य उपयोगी बातें भी होती है।

आदर्श विद्यार्थी अपने अध्यापक गुरुजनों का पूर्ण करता है। वह उनके हर आदेश का पालन करता है। अध्यापक उसे जो भी पठन अथवा याद करने के लिए कहते हैं। वह उसे ध्यान पूर्वक पड़ता है कक्षा में जब भी अध्यापक पढ़ाते हैं तब वह उसे ध्यान पूर्वक सुनता है। वहां चले यह मानकर चलता है। कि वह गुरु से ही संपूर्ण ज्ञान प्राप्त कर सकता है गुरुजनों के अतिरिक्त वह अपने माता-पिता की इच्छा एवं निर्देशों के अनुसार ही कार्य करता है।

किसी भी विद्यार्थी के लिए पुस्तक नायक है।परंतु मात्र पुस्तकों के अध्ययन से ही सर्वांगीण विकास नहीं हो सकता है। अतः एक आदर्श विद्यार्थी पढ़ाई के साथ खेलकूद व कार्यकलापों को भी उतना ही महत्व देता है। खेलकूद व व्यायाम आदि भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि इनके बिना शरीर मैं सुचारू रूप से रक्त संचार संभव नहीं है।

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi
आदर्श विद्यार्थी पर निबंध | adarsh vidyarthi

इसका सीधा संबंध मस्तिष्क के विकास से है अपने सहपाठियों के प्रति वह सदैव दोस्त ना संबंध रखता है इसके अतिरिक्त उसे स्वयं पर पूर्ण विश्वास होता है वह अपनी योग्यता और क्षमता को समझता है। तथा अपनी कमियों के प्रति हीन भावना रखने के बजाय उन्हें दूर करने का प्रयास करता है। खेलकूद के अतिरिक्त अन्य संस्कृतिक कार्यकलापों वाद विवाद प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न प्रतिस्पर्धा ओ मैं भाग लेने से उसमें एक नया उत्साह तथा नई विचारधारा की कश्ती है जो उसके चरित्र व व्यक्तित्व के विकास में सहायक होती है।

पुस्तक पर निबंध

मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल आदर्श विद्यार्थी पर निबंध अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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