Women Empowerment Essay in Hindi

प्रस्तावना :

Women Empowerment Essay in Hindi : सशक्तिकरण सामान्य अर्थ यह होता है की -“किसी भी व्यक्ति अपने जीवन के अहम निर्णय स्वयं ले सके।” आज कल देश में चल रहे स्त्रीओ पर हो रहे अत्याचार पर नजर रखते हुए देश में महिला सशक्तिकरण की सख्त जरूरत है। आज हम उसी के संबधित जानकारी निबंध के रूप में देंगे।

निबंध : 1 (200 शब्द)

महिला सशक्तिकरण से महिलाए शक्तिशाली बनती है। जिससे वो अपने जीवन से जुड़े हर फैसले को खुद ले सकती है और अपने परिवार और समाज में अच्छी तरह से रह सकती है।

महिलाओं को अपने वास्तविक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाना महिला सशक्तिकरण कहलाता है। महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य होता है महिलाओं को शक्ति प्रदान करना , जिससे वे हमारे समाज में पीछे न रह सके और पुरुषो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर फैसला ले सके और गर्व से अपना सिर उठाकर चल सके।

Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi

इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को अधिकार दिलाना है। महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि प्राचीन काल में महिलाओं के साथ भेदभाव किया गया, उन्हे दबाया गया। हमारे देश को विकसित करने के लिए आवश्यक है की सरकार , पुरुष और स्वयं महिलाओं द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जय।

भारत एक सुप्रसिद्ध देश है। भारतीय समाज महिलाओं का सम्मान देने के लिए मां , बहन, पुत्री, पत्नी सभी को उचित अधिकार मिलने चाहिए, जिनके लिए उनका शिक्षित होना जरूरी है। एन जी ओ और कही संस्थाएं महिलाओं के हित के लिए प्रयास करती है।

इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। बाल विवाह रोकथाम, अनिवार्य शिक्षा व विवाह के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया। महिलाओं को पुरुषो के समान संपत्ति में अधिकार दिलाने के लिए कानून बनाए गई। हमे महिलाओं का सम्मान करके उन्हें देश के विकास के लिए अग्रसर करना चाहिए।

निबंध : 2 (350 शब्द)
  • महिला सशक्तिकरण

महिला सशक्तिकरण इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है, की महिलाओं में उस शक्ति का प्रवाह होता है , जिससे वो अपने जीवन से जुड़े फैसले स्वयं ले सकती है। समाज में उनके वास्तविक अधिकार प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना ही महिला सशक्तिकरण है।

 Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi

आज के आधुनिक युग में महिला सशक्तिकरण एक विशेष चर्चा का विषय है। हमारे आदि ग्रंथों में नारी के महत्व को यहां तक कथाया गया है की ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यत्ते , रमंते यत्र देवता:’ अर्थात जहा नारी की पूजा होती है, वहा देवता निवास करते है। महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्थिति मैं सुधार लाना है।ताकि उन्हें रोजगार , शिक्षा , आर्थिक विकास में बराबरी के अवसर मिल सके।

जिससे वह सामाजिक खांतप्रथा तथा तरक्की प्राप्त कर सके। यह वह प्रथा है, जिसके द्वारा महिलाएं भी पुरुषो की तरह अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर सके। भारत मैं महिला सशक्तिकरण आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि प्राचीन भारत में लौकिक असमानता थी और पुरुषप्रधान समाज था।

प्राचीन भारतीय समाज दूसरी भेदभाव पूर्ण दस्तुरो के साथ सती प्रथा , नगर तथु व्यवस्था , दहेज प्रथा , यौन हिंसा, बाल मजदूरी , बाल विवाह आदि परंपरा थी।

Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi

इनमे से कई सारी प्रथाएं आज भी समाज में उपस्थित है। भारत सरकार द्वारा महिला – सशक्तिकरण के लिए कई सारी योजनाएं चलाई जा रही है। महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्रालय तथा भारत सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बेटी बचाओ – बेटी पठाओ योजना , महिला हेल्पलाइन योजना, उज्ज्वला योजना, महिला शक्ति केंद्र जैसी योजनाएं चलाई जा रही है।

जिस तरह भारत सबसे तेज आर्थिक विकास प्राप्त करने वाले देशों मैं सामिल हुवा है, उसे देखते हुए नजदीक के भविष्य में भारत को महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने पर ही ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है । हमे महिला सशक्तिकरण के इस कार्य को समझने की आवश्यकता है। क्योंकि इसी के द्वारा देश में लौकिक समानता और आर्थिक विकास को प्राप्त किया जा सकता है।

भारतीय समाज में वात्सव में महिला सशक्तिकरण लाने के लिए महिलाओं के खिलाफ बुरी प्रथाओं के मूर्ख कारण को समझना और उन्हें हराना होगा। जो की पितृस्त्रत्मक और पुरुष प्रधान मुक्त व्यवस्था है। जरूरत है की हम संवैधानिक और कानूनी प्रथाओं को भी बदले।

निबंध : 3 (450 शब्द)

अपनी निजी स्वतंत्रता और स्वयं के फैसले के फैसले लेने के लिए महिलाओं को अधिकार देना तथा समाज मे उनके वास्तविक अधिकार को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना ही महिला सशक्तिकरण है। भारतीय संस्कृति में हमेशा से ही महिलाओं को उच्च स्थान मिला हुवा है। ऐसा कहा जाता है जहा नारी का सम्मान होता है वहा देवताओं का वास होता है। देश समाज और परिवार के उज्ज्वल भविष्य के लिए महिला सशक्तिकरण बेहद जरूरी है। एकलिये ८ मार्च को पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।

Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi

भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्य को मरने वाले उन सभी बुरी सोच को खत्म करना जरूरी है, जैसे दहेज प्रथा, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा , यौन हिंसा , अशिक्षा , कन्या भ्रूण हत्या, असमानता , बाल मजदूरी, यौन शौषण, वेश्यावृति , इतियादी। देश की आजादी के बाद, भारत को बहुत चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। जिससे शिक्षा के क्षेत्रों में पुरुषो और महिला के बीच एक बड़ा अंतर पैदा हवा।

महिला को उनके मौलिक और सामाजिक अधिकार जन्म से ही मिलने चाहिए। महिला सशक्तिकरण तब माना जा सकता है जब महिला को यह निम्नलिखित अधिकार दिए जाई।

१. वह अपनी जीवन शैली के अनुसार स्वतंत्र रूप से जीवन जी सकती है चले वो घर हो या बाहर।

२. किसी भी प्रकार की शिक्षा प्राप्त करते समय उनके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

३. समाज के सभी क्षेत्रों में पुरुष और महिला दोनो को बराबरी में लाना जरूरी है।

४. वह घर पर या बाहर काम के स्थान पर या सड़क पर सुरक्षित आ जा सके।

५.उसे एक आदमी की तरह समाज में समान अधिकार मिलना चाहिए।

६.महिलाओ के प्रति लोगो के मन में समान भावना होनी चाइए।

७. वह अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र महेससु करनी चाहिए।

Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi
  • महिला को सशक्त बनाने के लिए संसद द्वारा पास की गई कुछ अधिनियम

१. अनैतिक व्यापार(रोकधाम) अधिनीयम १९५६

२. दहेज रोक अधिनियम १९६१

३. लिंग परीक्षण तकनीक एक्ट १९९४

४. बाल विवाह रोकथाम २००६

५. मेडिकल ट्रामनेशन एक्ट१९८७

६. एक बराबर पारिश्रमिक एक्ट १९७६

७. कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन शौषण एक्ट २०१३

women empowerment essay in hindi
women empowerment essay in hindi

हमारे देश के राष्टपिता महात्मा गांधी जी ने कहा है की सभी महिला और पुरुष साथ मिलकर काम नही करेंगे तबतक हमारे देश का पूरी तरह से विकास नही होगा । पिछले कई वर्षो में हमे महिला सशक्तिकरण का लाभ मिलता है। महिलाए अपने स्वास्थ्य और शिक्षा , नोकरी, तथा परिवार , देश और दुनिया के प्रति जिम्मेदारी को लेकर ज्यादा सचेज रहती है। वो हर क्षेत्र में प्रमुखता से भाग लेती है और अपनी रुचि दिखती है। कई वर्षो के संघर्ष के बाद सही राह पर चलने के लिए उनको अधिकार मिला है। आज महिलाओं ने साबित कर दिया है की वह पुरुषो के समान ही नहीं बल्कि आगे है। जो घर संभालने के साथ साथ बाहरी दुनिया में भी अपना नाम रोशन करती है।

निबंध : 4 (500 शब्द)
  • प्रस्तावना :

आज हमारे देश में महिला सशक्तिकरण की आवाजे और नारे बार बार उठते है, और हर जगह यही बोला जाता है की महिलाओं की इस समाज में उन्नति हो लेकिन जिस तरह से समय – समय पर महिलाओं पर दुराचार, शोषण, छेड़खानी, और अन्य इस तरह के मामले सामने आते है। तो वह एक बोहोत बड़ा सवाल महिला सशक्तिकरण की मुहिम पर उठता है। आज हमारा देश कई मामले में पूरी दुनिया मैं प्रथम स्थान रखता है, वही जब ऐसी घिनौनी चीज़े हमारे देश में होती है तब यह हमारे देश को सबसे पिछड़े देश में सामिल कर देता है

  • वैदिक काल :

वैदिक काल से ही हमारे देश में नारी का विशेष स्थान रहा है। हमारे पौराणिक ग्रंथों में नारी को पूजनीय एवं देवी तुल्य माना गया है। हमारी धारणा रही है की देव शक्ति वही पर निवास करती है जहा पर समस्त नारी जाति को प्रश्नता व सम्मान दृष्टि से देखा जाता हो। कोई भी परिवार , समाज या राष्ट्र तब तक सच्चे अर्थों में प्रगति की ओर अग्रेशर नही हो सकता जब तक वह नारी के प्रति भेदभाव, निरादन अथवा हीनभाव का त्याग न करे।

Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi

प्राचीन काल में में भारतीय नारी को विशिष्ट स्थान एवं पूजनीय दृष्टि से देखा जाता था सीता, सती सावित्री, अनसूया, गायत्री आदि नारियों ने अपना विशिष्ट स्थान सिद्ध किया है। प्राचीन काल में किसी भी विशिष्ट कार्य के संपादन में नारी की उपस्थिति महत्त्वपूर्ण मानी जाती थी।

  • मध्यकाल :

मध्यकाल में भारतीय महिलाओं की दशा अत्यंत चिंतनीय हो गई है। उसे अबला की संज्ञा दी जाने लगी दिन प्रतिदिन उसे उपेक्षा और तिरस्कार का सामना करना पड़ा।

राष्टकवि “ मैथिली शरण गुप्त ” ने अपने कल में बड़े ही संवेदनशील भावो से नारी की स्थिति को व्यक्त किया है।

” अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी,
आंचल में ही दूध और आंखो में पानी “

Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi

भारतीय नारी के हनन करते हुई इस पुरुष का आश्रित बना दिया गया है। दहेज प्रथा, बाल विवाह, सती प्रथा, पुनर्विवाह पर रोक, बहुविवाह जैसी कुरीतिओ के मध्यम से ही नारी जाति का शोषण आरंभ हो गया। स्वतंत्र के सारे अधिकार छीन कर उसे चारदीवारी के अंदर कैद कर लिया गया। इसके बावजूद अनेक नारियों ने संघर्ष करते हुई राजनीति, साहित्य, शिक्षा और धर्म जेसी अनेक क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर सम्मान पाया। राजिया सुलतान, गॉड रानी दुर्गावती , रानी नुर्जाहा , रानी लक्ष्मी बाई जैसी महिलाओं ने नारी जाति का गौरव प्रदान किया है।

इंदिरा गांधी १९६६ में देश की प्रथम महिला प्रधान मंत्री बनी। सुचेता कृपालानि यू पी की मुख्यमंत्री, किरण बेदी प्रथम महिला आई पी एस कमल जीत संधू एसिमन गेम्स में प्रथम गोल्ड पदक धारी, छेद्रीपाल एवरेस्ट पर प्रथम भारतीय महिला, मधर टैरिस को नोबेल पुरस्कार, फातिमा बीबी प्रथम महिला जज सुप्रीम कोर्ट , मेघा पाटकर सामाजिक कार्यकर्ता जैसी अनेक महिलाओं ने पुरुषप्रधान समाज की सोच बदली है और अपनी बुद्धिमत्ता, नेतृत्व क्षमता, से इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित किया है।

  • उपसंहार

आज नारी पुरुषो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। विज्ञान व तकनीकी सहित लगभग सभी क्षेत्रों उसने अपनी उपयोगिता सिद्ध की है। नारी की स्थिति में निरंतर सुधार राष्ट्र की प्रगति का मापदंड है। सभी लोगो को नारी को कमजोर नही समझना चाहिए और पुरुष और महिला एन दोनो में भेदभाव नहीं करना चाहिए।

निबंध : 5 (550 शब्द)

हमारे भारतीय समाज में नारी को प्राचीन समय से ही देवतुल्य माना जाता है। वह कभी एक बेटी के रूप में , कभी पत्नी , कभी मां के रूप में इस विश्व का सर्जन करती है। इस सच को कभी नकारा नहीं जा सकता की, किसी समाज को जागृत करने के लिए, महिलाओं का जागृत होना जरूरी है। क्योंकि एक स्त्री जब अपना कदम उठाती है तो एक परिवार आगे बढ़ता है, एक गांव आगे बढ़ता है तथा एक राष्ट्र उन्नति को और बढ़ता है।

  नारी सरस्वती का रूप हो तुम,
  नारी लक्ष्मी का स्वरूप हो तुम,
   बाढ़ जाई जब अत्याचारी,
   नारी दुर्गा, काली का रूप हो तुम।

Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi

वर्तमान समय में यदि हम इतिहास के कुछ पुष्ठो को पलटकर देखे तो हम यह देखते है की प्राचीन समय में स्त्रीओ आत्माधिक सम्मान प्राप्त था वह भी धार्मिक कर्म–काल में हिस्सा लिया करती थी । उस समय में कई वसुधियो जैसे की अपाला, घोसा, लोपसुद्रा, रूपवादी से महिलाओं को महान दर्जा प्राप्त हुवा। किंतु उतरवैधिक कल में स्थितियां काफी विपरीत है। मध्यमकाल के आगमन के साथ ही पर्दा प्रथा, लौकिक असमानता इतियादी कुरीतिया समाज में मंडराने लगी तथा महिलाओं की स्थिति और दशनीय होती चली गई।

१९ मि शताब्दी में सती प्रथा,बाल विवाह इतियादी दुराइओ को कई महापुरुषों ने रोक लगाई किंतु तबतक कई महिलाओं ने अपनी आहुति दे दी थी।

  जब बैठी होगी आग में तू,
  अंबर भी रोया होगा,
  करू रो रहा होगा गरज गरज कर…
  नारी तुझे ईश्वर ने कैसे बनाया होगा…।

Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi

वर्तमान समय की बात करे तो महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार आया है। आज वह हर एक क्षेत्र में पुरुष के समान कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। चाहे वो राजनीतिक हो या सामाजिक, आर्थिक हो या धार्मिक हर क्षेत्र में स्तियो ने अपना पचरम लहराया है। सुषमा स्वराज, कल्पना चावला, पी. वि.सिंधु , जुलन गोस्वामी, मीरा कुमारी इतियादी स्त्रियों के उदाहरण है जिसे भारत में ऊंचा दर्जा मिला।

अब हम देखते है की जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते है, उसी प्रकार नारी जीवन के भी दो पक्ष है : सकारात्मक व नकारात्मक। जहा महिलाए असमानता की ऊंचाई सर कर रही है। वही दूसरी और उनकी स्थिति काफी दैनीय है। जहा स्त्रियों को केवल विलास का साधन समझा जाता है तथा उनकी तुलना पैर के जूते से की जाती है।

आज भी कई महिलाएं दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा, यौन शौषण इतियादी को शिकार होती है। कैसी विडंबना है की आज हमारे राष्ट्र में इन सब कुनितिओ को हटाने के लिए कानून का सहारा लेना पड़ रहा है। क्यों आवश्यकता पड़ रही है हमे, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, भ्रूण हत्या निषेध, दहेज प्रथा अन्मुलन इतियादी अभियानों की। लेकिन क्या क्या हमने कभी विचार किया है की क्या सभी समस्या का समाधान कानून ही है तो मेरा मानना है नही।

Women Empowerment Essay in Hindi
Women Empowerment Essay in Hindi

क्योंकि हर व्यक्ति अपनी सोच को विकसित नही करेगा तब तक चाहे कितने भी कानून बन जाई पर समस्या का निकाल नही पा सकते। इसकी सरुवत हमे खुद से करनी होगी। 

  वो पहली औरत कोन होगी,
  जो दहेज के कारण जलाई गई होगी…
  में नही जानती शायद मेरी मां होगी,
  लेकिन वह आखरी औरत कोन होगी
  जो दहेज के कारण जलाई जाएगी…
   में नही जानती शायद मेरी बेटी होगी…
   पर ऐसा में होने नही दूंगी…।

” कोई भी सफलता के शिखर पर तब तक नहीं पोचोच सकता जब तक वहा की महिलाए कंधे से कंधा मिलके न चले”

 जब यह भारत विकाशील नही विकसित देशों में गिना जाएगा तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद १४ ‘ समानता का अधिकार’ सम्पूर्ण: लागू होगा।

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पुस्तक पर निबंध

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