स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध | Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध | Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi :भारतीय संस्कृति का स्वच्छता से पुराना नाता रहा है। हमारे प्रधानमंत्री ने भारत देश के कल्याण और लोगो की सुविधा हेतु कई सारी योजना कार्यरत हैं। जिसमे से “स्वच्छ भारत अभियान” आपने आप में बहुत ही प्रशंसनीय योजना हैं। सभी लोगो को इसकी महत्वता को समझना जरूरी है।यह विकास योजनाओ में से एक मानी जाती है इसी लिए शाला और कॉलेज में परीक्षा में भी परीक्षा के तौर पर इसे रखा गया हैं। बच्चो को भी स्वच्छता पर निबंध लिखने को कहा जाता हैं यह सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए निबंध प्रस्तुत कर रहे हैं।आशा है की ये कई सारे अन्य क्षेत्रों में भी आपकी मदद करेगा।

स्वच्छ भारत अभियान पर छोटे और बड़े निबंध | Short and Long Essay on Swachh Bharat Abhiyan in Hindi

#निबंध – 1
प्रस्तावना

सरकार का यह स्वच्छ भारत अभियान बहुत ही प्रभावी अभियान हैं। “साफ-सफाई” सभी भारतीय नागरिको की प्रथम भूमिका एवं जिम्मेदारी है। सभी को इस अभियान का महत्व समझकर और एक अच्छे नागरिक होने हेतु अपना अपना योगदान देना चाहिए।

यह एक शर्मिन्दगी की बात हैं कि सभी अपने अपने घरो और प्रॉपर्टी को तो साफ-सुतरा रखते हैं परंतु सभी कूड़ा और गंदगी सड़को या फिर पब्लिक प्लेस पर करते हैं। अगर पुरे देश को अपना मान ने लगे तो हमारा पूरा देश स्वच्छ हो जाए। सभी को यह बात समझनी चाहिए की यह पूरा देश हमारा ही तो हैं। अगर ये बात सब समझ ले तो अभियान की कोई आवश्यकता न रहेगी।

Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi
Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi

स्वच्छ भारत अभियान का आरंभ

यह अभियान की शुरुआत हमारे आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी 02 अक्टूबर 2014(गाँधी जयंती) के सुभ अवसर पर की थी। भारत को स्वच्छ कर एक परिवर्तन की मुहीम चलाई थी। हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का भी स्वप्न था की हमारा देश स्वच्छता में एक अनोखी मिसाल कायम करे। गाँधी जी भी सभी को स्वच्छता का पाठ देते थे।

स्वच्छ भारत अभियान के द्वारा मुख्य ग्रामीण और पहाड़ी विस्तार के लोगो के अंदर स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना हैं। शौच खुले में न जाए कृपया शौचालयों का इस्तमाल करे। जो की कई सारी बीमारियो का कारण हैं।

Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi
Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi

कई सारे नाम-चिन्ह व्यक्तित्व ने इस अभियान में अपना योगदान दिया हैं और अपने देश को स्वच्छ करने में अपना पूर्ण रूप से सहयोग किया हैं। जो कि निम्न हैं :

  • अनिल अंबानी
  • प्रियंका चोपड़ा
  • शशि थरुर
  • सचिन तेंदुलकर
  • मृदुला सिन्हा
  • कमल हसन
  • विराट कोहली
  • महेन्द्र सिंह धोनी
  • ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सीरियल की पूरी टीम

निष्कर्ष

गाँधी जयंती को शुरु हुआ यह अभियान , 2 अक्टूबर 2020 को ६ वर्ष पुरे हो चुके हैं। भारत को (खुले में शौच मुक्त) बनाने का लक्ष्य रखा गया था , वह पूर्ण रूप से तो नहीं हुआ परंतु नोंधनीय रूप से आँकड़ो में जागरूतता दिखी हैं।

#निबंध – 2

भूमिका

हमारे राष्ट्र पिता गाँधी जी यह कहते थे की स्वच्छता स्वतंतत्रा जितनी ही जरुरी हे इस बात पर से हम सकते हे की उनकी नजर में स्वच्छता कितनी जरुरी है इन्हे एक स्वच्छ और स्वस्थ भारत की कल्पना की थी जिसको पूरा करने की जिम्मे दारी प्रधान मंत्री जी ने अपने सर लेली हे अब तक किसी का भी ध्यान इस पर नहीं गया।

क्या है यह अभियान?

इस की कल्पना तो गाँधी जी ने आझादी के पहले ही कर ली थी किन्तु यह अभियान १ अप्रैल १९९९ से शुरू किया गया था। जब भारत सरकार ने ग्रामीण जगहों की संपूर्ण स्वच्छ करने का फैसला किया। तब कमिश्नर की और दूसरे अधिकारी की मीटिंग बुलाई गई थी और इस अभियान फैसला लिया गया था। जिसके बाद भारत में 2012 में तत्कालीन प्रधान मंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी मंजूरी देकर इस योजना को निर्मल भारत अभियान का नाम दिया।

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध | Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi

सरकारी आँकड़ो गिने तो आज लगभग १०१९६४७५७ घरों में शौचालय बनवाये जा चुके है।६०३०५५ खुल्ले डिफेकैसन फ्री गांव हो चुके है ७०६ जिले इनके अंतर गत में आ चुके हे ३६ राज्यों और शासित प्रदेश मिलकर इस मुहीम को बेहतरीन बना रहे है। यह अभियान का सिंबल (चिन्ह) गाँधी जी का चश्मा इस अभियान का है। इस कार्य को अंजाम देने के लिए जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को सौंपा गया है।

Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi
Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi

हमारे प्रधानमंत्री और कई सारे नेताओ की ये अपील है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान का हिस्सा बने और सफल बनाने में अपना योगदान दे। सभी ने इस अभियान के प्रति रूची दिखाई और इसे विश्व व्यापी बना दिया। सभी लोग झाड़ू लेकर योजना में जुड़ गए यहाँ तक की हमारे प्रधानमंत्री ने भी इसमें साथ दिया , वाराणसी के गंगा तट के अस्सी घाट पर सफाई की।

उपसंहार

“दुनिया में परिवर्तन के लिए सबसे पहले स्वयं सहयोगी बने।” – महात्मा गांधी

बापू (महात्मा गाँधी) का यह उपदेश स्वच्छता पर भी पूरी तरह से लागु होता हैं। अगर हम हमारे समाज में परिवर्तन चाहते हैं तो सबसे पहले स्वयं की जागरूतता आवशयक है। हर कोई दूसरे जन की राह देखता हैं , सभी को स्वयं से ही शुरू करना जरूरी हैं।

सभी लोग इस नारे से वाकिफ है की “जहा स्वच्छता हैं वहा प्रभुता हैं” – मतलब अगर हमारा तन-मन स्वस्थ हो तो हमारे आस-पास भगवान का वास रहता हैं। इस अभियान एवं योजना की बात सभी लोगो तक पहुचानी होगी। सभी माता-पिता को समझ कर अपने बच्चो को बचपन से ही इसकी शिक्षा देनी होगी। सभी बच्चो को बचपन से ही ऐसे ट्रेन करेंगे तो हम इस मिशन में अच्छे से अच्छा सफल हो पाएंगे।

#निबंध – 3

प्रस्तावना

यह एक विचित्र समस्या है , कि हमारी ही सरकार को हमारा घर , प्रॉपर्टी , गली आदि में स्वच्छता रखने हेतु अभियान चलना पड़े। भारत के लोग भी दूसरे देश की जनता की तरह स्वयं पर ही निर्भर बनना होगा यानि की आत्मनिर्भर। सभी काम में सरकार की रह न देख कर खुद से ही करना सीखना पड़ेगा। हमारी आदतों को बदलकर सभी के बारे में सोचना होगा। लोग अपने नन्हे स्वार्थ के हेतु हम किसी का बुरा सोचते हैं , यह आदत बदलनी होगी। हमारे देश के परिवर्तन के लिए ये एक यह करना जरूरी हैं। इसी सब बात को ध्यान में रखते हुए और स्वच्छता के प्रति लोगो की जागरूतता फैलाने के हेतु यह अभियान चलाया गया हैं।

क्यों शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान

यह मिशन 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ था , ये अभियान का हेतु हमारे राष्ट्रपिता (गाँधी) के स्वच्छता स्वप्न को पूरा करना है। नए स्वच्छ भारत के साथ गांधी जी को सभी देशवासी मिलकर श्रध्दांजलि अर्पण करेंगे। इस मिशन का कारण है की , “आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय होने के बाद भी लोग खुले में जाते हैं , उन लोगो ने इसकी आदत बना ली है – अभियान को चलने का यह विशेष कारण हैं” इस लोगो की सोच बदलने खातिर आंदोलन शुरू किया गया हैं। हाला की ग्रामीण लोगो को समझना और समजाना मुश्किल हैं , परंतु नामुमकिन नहीं।

Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi
Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi

ग्रामीण के सभी लोगो को खुले में शौच करने की प्रकृति रखते हैं। इसी प्रकृति को दूर करना हमारा पहला ध्येय हैं। इसी को ध्यान में सरकार आज भी कार्यरत है और कई सारे ग्रामीण विस्तार में सरकार द्वारा शौचालयो के निर्माण भी किये गए हैं। इसी के साथ ग्रामीणजन को उसे उपयोग करने की अपील भी की हैं। गांव के संपूर्ण जन पर तक यह ख़बर पहुंचे इसके लिए गांव में जगह जगह पर कैंप भी किये जा रहे हैं। नाटकों के माध्यम से इसके फायदे के बारे में भी परिचित किया जाता हैं।

अगर फिगर पर नज़र डाले तो , २०११ में जनसंख्या के मुताबिक 16.78 करोड़ घरों में लगभग-लगभग 72.2% जनसंख्या गांवो में रहती है। यह हैरानी की बात हैं की सिर्फ 5.48 करोड़ घरो में ही शौचालयों की व्यवस्था हैं। ६७% घरो के लोग शौचालय का उपयोग नहीं करते। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने २०१२-१३ के सर्वेक्षण के मुताबिक ४०% गांव के घरो में ही शौचालय हैं।

उपसंहार

“हर किसी को स्वयं ही सफाईकर्मी बनना होगा” – महात्मा गांधी

गाँधी जी के कथन के मुताबिक सफाई कितनी महत्वपूर्ण हैं , यह बात पता चलता हैं। हमारे देश के केन्द्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं। कई सारे राज्यों ने स्वच्छता अभियान तहत तंबाकू, गुटका, पान, आदि उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है।हमें भी स्वच्छता के स्लोगन का पालन कर एक कदम स्वच्छता की ओर बढ़ाना होगा।

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गाँधी जी पर निबंध

मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध | Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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