प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi

प्रस्तावना :

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi : वातावरण में प्रदूषकों के मिश्रण को प्रदूषण कहा जाता है।यह प्रदूषक पर्यारवण में मिलजाने के बाद हमारे पर्यावरण को बहुत नुकशान पहुंचाते है। प्रदूषण मुख्य मानव द्वारा ही फैलता है , आखिरकार मानवीय गतिविधियों के कारण ही पूरा वातावरण प्रभावित होता है।प्रदूषण कई माध्यम से फैलता है , जिसकी विस्तृत चर्चा आज हम निबंध के जरिये करने वाले है।

प्रदूषण पर छोटे तथा बड़े निबंध (Short and Long Essay on Pollution in Hindi)

निबंध – 1 (150 शब्द)

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi

प्रदूषण एक गंभीर वैश्वीक पर्यावरणीय समस्या है I प्रदूषण पर्यावरण तथा पृथ्वी पर जीवन को हानिकारक रूप से प्रभावित कर रहा है I

प्रदूषण मुख्यतः ४ प्रकार का होता है I
१) वायु प्रदूषण
२) जल प्रदूषण
३) भूमि प्रदूषण
४) ध्वनि प्रदूषण

वाहनों तथा कारखानों से निकलने वाले हानिकारक तथा विषैली गैस का स्तर वातावरण में निरंतर बढ़ता जा रहा है I वायु प्रदूषण मानव तथा जानवर में फेफड़ों के कैंसर सहित अन्य श्वास संबंधित बीमारियाँ उत्पन्न कर्ता है I कारखानों,उद्योगों, सीवेज लाइन तथा मशीनों आदि के हानिकारक कचरे का सीधे रूप से नदियों, झीलो तथा महासागरों के जल के मुख्य स्त्रोत में मिलना जल प्रदूषण का मुख्य कारण है I

उर्वरक, कीटनाशकों और अन्य कार्बनिक योगीको के कारण भूमि प्रदूषण होता है I भारी मशीनरी, वाहन, टीवी, स्पीकर आदि द्वारा उत्पन्न शोर, ध्वनि प्रदूषण का कारण है जो सुनने की समस्याओ का कारण बनता है I प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है I जिससे हम एक स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण पा सकते है I

निबंध – 2(200 शब्द)

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi

“ये प्रदूषण तो अमिर लोगों ने फैलाया है,साहब
वर्ना गरीब तो सड़कों से कचरा भी उठा लेते है “

प्रदूषण एक गम्भीर समस्या बन चुका है। यह एक हमारे देश की ही नही बल्कि आंतरराष्ट्रीय समस्या है । जिसकी जपेट में पृथ्वी पर रहने वाले सभी जीव जंतु  और अन्य निर्जीव पदार्थ भी आ गए है । इसका दुष्प्रभाव चारो और दिखाई दे रहा है।

प्रदूषण का अर्थ है – ना सुद्ध जल मिलना, ना सुद्ध वायु मिलना, ना सुद्ध खाद्य और ना शांत वातावरण मिलना । कारखानों का धुआ, वाहनों का धुआ जोकि स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है, जिसे वायु प्रदूषण कहते है I

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi

नदी नाले और कारखानों से निकलने वाला गंदी पानी जल प्रदूषण का कारण है, जोकि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है I वृक्षो की अंधाधुंध कटाई प्रदूषण का मुख्य कारण है I वृक्षारोपण का बढावा देना चाहिए और निकले प्रदुषित मल को नष्ट करके ही निकालना चाहिए I

• बचालो अपने कल के लिए भी,
ना समझी मे खुदा से लड़ने लगे हो तुम,
हवाओं ने जो अपने तेवर बदल लिए,
फिर सांसो के लिए तड़पने लगोगे तुम ।

“तरक्की की क्या हमने गढ़ी कहानी है,
वायु प्रदूषण इसकी सबसे बड़ी निशानी है “

निबंध – 3(250 शब्द)

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
  • प्रदुषण का अर्थ :

प्राकृतिक संतुलन में दोष पैदा होना। जिस कारण पृथ्वी पर मौजूद हर जिव को गंभीर समस्याओ से गुजरना पड़ रहा है। न शुद्ध वायु मिलना , न शुद्ध जल मिलना , न शुद्ध खाध्य मिलना , न शांत वातावरण मिलना। प्रदुषण की समस्या आज मानव समाज के सामने खड़ी सबसे गंभीर समस्याओ मेसे एक है। प्रदूषण के कई प्रकार होते है जिसमे प्रमुख है वायु प्रदूषण , जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण।

  • प्रदूषण के कारण :

प्रदूषण को बढ़ाने में कारखाने , वैज्ञानिक साधनो का अधिक उपयोग जवाबदार है। प्राकृतिक संतुलन का बिगड़ना भी मुख्य कारण है। वृक्षों कोई अंधाधुंध काटने से मौसम का च्रक बिगड़ता है। प्रकृति से संशाधनो को प्राप्त करना मनुष्य के लिए सामान्य बात थी लेकिन, अत्यधिक जनसँख्या बढ़ने के कारण , प्राकृतिक संशाधनो का दोहन बढ़ता गया। वनों को काटा गया , अयस्कों के लिए जमीनों को खोदा गया।

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
  • सुधार के उपाय :

विभिन्न प्रकार के प्रदूषण से बचने के लिए चाहिए की अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाये हरियाली की मात्रा अधिक हो , जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाई जाये। कारखानों कोई आबादी से दूर रखना चाहिए और उनसे निकले प्रदूषित गंदगी को नष्ट करने के लिए उपाय सोचना चाहिये। मनुष्य को अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।

प्रदूषण की समस्या को रोक ने के लिए सरकार के साथ आम जनता को भी पूरा सहयोग देना चाहिये। इसके लिए वाहनों के उपयोग को कम करने के साथ पानी की बचत करनी होगी तथा जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा। आज हम पर्यावरण की रक्षा के लिए सही कदम उठाये और आने वाली पीढ़ी को प्रदूषण के दुष परिणामो से बचाये।

निबंध – 4(400 शब्द)

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
• प्रस्तावना

प्रदूषण का अर्थ है – प्राकृति में दोष पैदा होना । जब जल, वायु, मिट्टी में हानिकारक तत्व घुल कर इसे इतना गन्दा कर देते है की हमारे स्वस्थ्य पर इसका दुष्प्रभाव पड़ने लगे तो इसे प्रदूषण कहा जाता है I वेसे तो बहुत प्रकार से वातावरण मे प्रदूषण फैल रहा है लेकिन मुख्य तौर पर यह ४ प्रकार का होता है ।
॰ वायु
॰ जल
॰ ध्वनि
॰ मिट्टी

• वायु प्रदूषण

कारखानों से निकलने वाला धुआ, यातायात के साधनो से निकलने वाला धुआ और खेतों में पराली को जलाने की वज़ह से पैदा होने वाले धुएँ में बहुत सारी हानिकारक गैसे जेसे कार्बन मोनोक्साईड, कार्बन डाइआक्साइड, मिथेन, क्लोरोफ्लोरो कार्बन मौजूद होती है I हवा में इनकी मात्रा बढ़ने से प्राकृतिक गैसों का संतुलन बिगड़ता है, जिसका सीधा प्रभाव हमारी सेहत पर पड़ता है I दम, खसरा, टीबी आदि रोग वायु प्रदूषण के कारण ही होते है I

• जल प्रदूषण

कारखानों से निकलने वाला कुड़ा-कचरा नदियों में छोड़ दिया जाता है, जिससे पानी प्रदुषित हो जाता है और उसमे रहने वाले जलीय जीव भी मारे जाते है I इसके अलावा कृषि में उपयोग होने वाले कीटनाशक भूमिगत पानी को प्रदुषित करते है I डायरिया, पीलिया, टाईफोड, हैजा आदि बीमारियाँ गंदे पानी की वजह से होती है I

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi

• ध्वनि प्रदूषण

यह एक अद्रस्य प्रदूषण है, परंतु इसका हमारे स्वास्थ पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है I यातायात के साधनो, मशीन, लाउड स्पीकरो आदि से पैदा होने वाली एसी ध्वनियां जो हमारे सुनने की क्षमता से ज्यादा हो, उनको ध्वनि प्रदूषण कहा जाता है I इससे मुख्य तौर मानसिक तनाव, बेहरापन, बेचैनी आदि समस्या होती है । इस प्रकार का प्रदूषण शहरों में या घनी आबादी वाले इलाक़ों मे ज्यादा देखने को मिलता है I

• मिट्टी प्रदूषण

खेतों में फसलों की पैदावार को बढ़ाने के लिए रासायनिक खाद्य के ज्यादा उपयोग से मिट्टी का प्रदूषण होता है I इनके लंबे समय के उपयोग से मिट्टी के उपयोगी तत्व नष्ट होते है और एसी मिट्टी से उपजी फ़सल खाने से फायदे से ज्यादा नुकसान होता है I

• उपसंहार

अंत मे यही कहा जा सकता है कि इंसान खुद ही भगवान द्वारा दिए गए साफ सुथरे वातावरण को अपने स्वार्थ के लिए खराब कर रहा I अगर हम अपने देश भारत की बात करे तो यहां पर हर समस्या की जड़ बढ़ती हुई जनसँख्या है I इसके अलावा लोगों में पर्यावरण के प्रति कम जागरुकता, अनपढ़ता आदि कुछ एसे कारण है, जिनसे बढ़ते हुए प्रदूषण पर काबु पाना काफी मुशिकल है I

निबंध – 5(500 शब्द)

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
  • प्रस्तावना

प्रदूषण मानव जीवन की एक बड़ी समस्या बन गई है। आज का युग विज्ञान का युग है, और विज्ञान के इस युग में जहा मानव को एक और वरदान प्राप्त हवा है वही कुछ अभिशाप भी मिले है। प्रदूषण एक ऐसा अभिशाप हैं जो विज्ञान के कोरव से ही जन्मा है। और जिसे सहने के लिए अधिकास जनता मजबूर है।

•प्रदूषण का अर्थ

प्रदूषण का अर्थ होता है प्राकृतिक वातावरण के संतुलन में दोष पैदा होना। प्रदूषण से हमे न तो शुद्ध वायु ,न तो शुद्ध जल मिलता है। खाद्य प्रधार्थो में अशुद्धि रहती है। तथा वहा का वातावरण शांत नही रह पाता है।

• प्रदूषण के प्रकार

सामान्यतः प्रदूषण। कई प्रकार के होते है। लेकिन प्रमुख रूप से प्रदूषण को ४ भाग में विभाजित किया गया है।

१) वायु प्रदूषण
२) मिट्टी प्रदूषण
३) जल प्रदूषण
४) ध्वनि प्रदूषण

१) वायु प्रदूषण:

वायु प्रदूषण शहरों में अधिक फैलता है।वहा चौबीसों घंटे मोटर वाहनों का धुआं तथा कल कारखानों का धुआं इस तरह अपना प्रकोप बढ़ा रहे है की खुले वातावरण में सास लेना दुर्लभ हो गया है। यहां के वायु में धूल के कण होते है। यह कण सास के साथ मनुष्य के फेफड़ों में चले जाते है। और विभिन्न प्रकार के रोगों को जन्म देते है। यह समस्या वहा होती है जहा सघन आबादी होती है। वृक्षों का अभाव होता है और वातावरण अस्त– व्यस्त होता है।

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
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२) मिट्टी प्रदूषण

मृदा प्रदूषण को ही मिट्टी प्रदूषण कहा जाता है। उपजाऊ मिट्टी में कुछ रसायनो और अकार्बनिक तत्वों का मिल जाना जो उस। मृदा के उपजाऊपन के लिए हानिकारक होता है , और मिट्टी की गुणवता को कम कर देते है। उसे मृदा या मिट्टी प्रदूषण कहते है।

३) जल प्रदूषण

जल प्रदूषण आज के समय में एक ऐसी समस्या बन गई है कि इसके प्रभाव में काफी बड़े बड़े देश आ गई है। अब पीने योग्य पानी बहोत ही कम मात्रा मैं बचा है। और अब तो बोटलो में भी बेचा जाने लगा है।

जब मानव के विभिन्न क्रिया से जल मैं अपशिष्ट प्रदार्थ मिल जाते है या औधियोगिक क्षेत्रों से रसायन युक्त पानी नदियों और तालाबों में मिला दिया जाता है, जिससे पानी की गुणवत्ता मैं कमी आ जाति है, जिसे जल प्रदूषण कहते है।

४) ध्वनि प्रदूषण

ध्वनि सामान्यतः जब हमे कभि–कभी ऐसी ध्वनि सुनाई देती है जो किसी अवंधिक तीव्रता के साथ होती है जिसे शोर कहा जाता है। यही शोर ध्वनि प्रदूषण कहलता है । जो एक अदृश्य प्रदूषण है । ज्यादातर यह प्रदूषण शहरों और भीड़–भाड़ वाले क्षेत्रों में होता है।

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
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• प्रदूषण के कारण

प्रदूषण को बढ़ाने में वैज्ञानिक संसाधनों का अधिक प्रयोग, कल–कारखानों का प्रयोग, फ्रिज, कूलर , पाटानुकूल , ऊर्जा सयंत्र मोटर गाड़ी आदि प्रदूषण के कारण है। इनसे ही प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है। पर्यावरण प्रदूषण के कारण ऋतुओं में अनिश्चितता उत्पन्न हो जाती है। सुखा, बाढ़, प्राकृतिक आपदाओं का कारण भी प्रदूषण ही है।

• रोकने के उपाय

विभिन्न प्रकार के प्रदूषण से बढ़ने के लिए साफ सफाई रखना जरूरी है, आधुनिक संसाधनों का प्रयोग सीमित करना चाहिए, कल कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ को नदी , तालाबों में न मिलाए बल्कि उसे नस्ट करने का उपाय करना चाहिए ।और अधिक से अधिक पेड़ –पौधे लगाए जाने चलिए जिससे वातावरण का संतुलन बना रहे।

निबंध – 6(600 शब्द)

प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi

प्रदूषण एक गम्भीर समस्या बन चुका है। यह एक हमारे देश की ही नही बल्कि आंतरराष्ट्रीय समस्या है । जिसकी जपेट में पृथ्वी पर रहने वाले सभी जीव जंतु और अन्य निर्जीव पदार्थ भी आ गए है । इसका दुष्प्रभाव चारो और दिखाई दे रहा है।

प्रदूषण के प्रकार :

प्रदूषण के कुछ महत्व पूर्ण प्रकार है। जैसे कि…

  • जल प्रदूषण
  • वायु प्रदूषण
  • भूमि प्रदूषण
  • ध्वनि प्रदूषण
  • वायु प्रदूषण

वायु प्रदूषण को सबसे खतरनाक प्रदूषण माना जाता है। इस प्रदूषण का मुख्य कारण उद्योगों और वाहनों मेसे निकलने वाला धुँआ है। इन स्त्रोतो से निकलने वाला हानिकारक धुँआ लोगो को सास लेने में भी बाधा उत्पन कर देता है। दिन-प्रतिदिन बढ़ते उद्योगों और वाहनों ने वायु प्रदूषण में काफी वृद्धि कर दी है। जिसने ब्रोंकाहटिस और फेफड़ों से संबन्धित कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी कर दी है।

  • जल प्रदूषण :
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi

जल प्रदूषण भी सीधे समुद्र जीवन को प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा है। क्योकि वो केवल अपने जीवित रहने के लिए पानी मे पाए जाने वाले पोषक तत्वों पर निर्भर होते है । समुद्री जीवन का धीरे धीरे गायब होने वास्तव में इंसानो और जानवरों की आजीविका को प्रभावित करेगा।

कारखानों, उद्योगों, सीवेज, सिस्टम, आदि से निकलने वाले हानिकारक कचरे को सीधा पानी के मुख्य स्त्रोतो जैसे कि नदीयो, जलाशय, झीलो, और महासागर में डाला जाता है जिससे पानी प्रदूषित हो जाता है। ऐसा प्रदूषित पानी पीने से कई तरह के रोग हो सकते है।

  • भूमि प्रदूषण :
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi

भूमि का प्रदूषण उर्वरकों , कीटनाशको और रासायनिक योगिकों के अत्याधिक उपयोग के कारण होता है । यह मिट्टी पर पैदा होने वाली फसल को दूषित करता है। और जब इनका सेवन किया जाता है तो इससे कई गंभीर स्वास्थ्य सम्बंधित खतरे हो सकते है।

  • ध्वनि प्रदूषण :
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi

ध्वनि प्रदूषण का स्त्रोत भारी मशीनरी, वाहनों, टीवी, लाऊड स्पीकर आदि से उत्तपन हुवा शोर है । जिसको सुनते ही कानो को हानि पहुचती है और कभी कभी बहरापन आने का कारण भी यही बनता है।

प्रदूषण की रोकथाम के उपाय :

  • वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हमे अधिक मात्रा में पेड़ पौधे लगाने चाहिए। साथ ही में जहाँ पर पेड़ो की अंधाधुंध कटाई हो रही है वहा रोक लगानी चाहिए ।
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi
  • जल प्रदूषण को कम करने के लिए हमे साफ सफाई की और अधिक ध्यान देना होगा। जल प्रदूषण के लिए जो भी फैक्ट्रियां और कारखाने जिम्मेदार है उनको बंध करवा देना चाहिए।
  • ध्वनि प्रदूषण अधिकतर मानव द्वारा किया जाता है इसलिए अगर हम स्वयं बिना वजह के हॉर्न बजाना बंध कर दे और मशीनों की नियमित रूप से देखभाल करें और रिपेरिंग करवाये तो उनसे ध्वनि प्रदूषण को कम कर सकते है।
  • कृषि के लिए रासायनिक खाद , हरि खाद , गोबर खाद आदि का इस्तेमाल करना चाहिए ।

उपसंहार :

प्रदूषण एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या बनती जा रही है। जो ईश्वर रूपी प्रकृति व मानवीय जीवन को विनाश की खाई में धकेल रही है। यदि इसके निवारण और नियंत्रण को नजरअंदाज किया तो यह समस्या मानव जीवन व प्राणियों के लिए एक बड़ा खतरा बन कर उभरेगी जिससे हमारे आने वाली पेढ़ी शुद्ध भोजन हवा, पानी, आदि चीजो के लिए तरसेगी।

इसलिए हमें पर्यावरण संरक्षण की तरफ कदम उठाने होंगे तथा हमे जन जन में प्रदूषण नियंत्रण संबंधित जानकारी के प्रति जागरूकता फैलानी होगी। जब तक हमारे देश के सभी लोग जागरूक नही होंगे तब तक किसी भी प्रकार कर प्रदूषण को कम करना मुमकिन नही होगा।

संबधित जानकारी :

कृषि पर निबंध

मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “प्रदूषण पर निबंध | Pollution Essay in Hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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