Poem on Republic Day in Hindi 2021

प्रस्तावना :

Poem on Republic Day in Hindi :१९५० की साल से भारत में २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन भारत का अपना संविधान लागु हुआ था। हलाकि ये वह दिन है जब भारत के स्वत्रंत भारत बना और उन्हें पूर्ण रूप से स्वतंत्रता हासिल हुई। २६ जनवरी भारत के मुख्य राष्ट्रो त्योहारों में से एक है। आप कविता का उपयोग करके अपना गणतंत्र दिवस भाषण और बेहतरीन बना सकते है। यह कविता हमारे भारतीय वीर पुत्रो एवं सैनिको के श्रद्धांजलि अपर्ण करने हेतु बनाई जाती है। सुनने वाले के मन में राष्ट्र के प्रति और जागृतता और गर्व महसूस होता है।

  • #कविता 1
Poem on Republic Day in Hindi
26 जनवरी पर कविता | Poem on Republic Day in Hindi

एक दिन ही सही शहादतो के नाम कर देना,
मिले कभी जो भारत माता तुम उन्हें प्रणाम कर लेना,

मुमकिन हो अगर राजगुरु और आजाद सा काम कर लेना
गरीबों में पैसा न सही तुम शिक्षा दान कर लेना,

करनी हो जब मांग किसीसे
देश मे अमन और शांति की मांग कर लेना,

रहे न हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई भेदभाव
तुम दिवाली को ईद.. और क्रिसमस को रमजान कर लेना,

एक दिन ही सही शहादतो के नाम कर लेना
मिले कभी जो भारत माता
तुम उन्हें प्रणाम कर लेना

बनी रहे हमेशा मातृभाषा की शान,
तुम हिन्दी को…हिन्दुस्ता..कर लेना

जिंदगी के आखिरी साँस तक तुम
वंदे मातरम का गुणगान कर लेना।

  • #कविता 2
Poem on Republic Day in Hindi
26 जनवरी पर कविता | Poem on Republic Day in Hindi

जहा गोली खाकर सीने पर भी
हर जवान हस्ता है,
और तुम कहां तक कब्ज़ा करोगे यहां हर दिल मे भारत बस्ता है।

जिस मिट्टी में है जन्म लिया उस मिट्टी में मिल जाऊँगा,
बात आयी जो आन पर तेरी
पहन के खाकी युद्ध में लड़ने जाऊंगा
इस मिट्टी में ही जन्म लिया
इस मिट्टी में ही मिल जाऊँगा।

लहू से सीचुंगा धरती में
सरफरोश बन जाऊँगा,
और देशप्रेम घोल दे सांसो में
मे गीत जोश का गाउंगा
इस मिट्टी में ही जन्म लिया इस मिट्टी में मिल जाऊँगा I

जहाँ औरत हो महफूज सभी
जहा रोटी की न हो कमी
मैं एसा भारत बनाऊँगा,
इस मिट्टी में ही जन्म लिया
इस मिट्टी में मिल जाऊंगा ।

जहा जात पात न मसला हो
जहा उठता बात बात न असला
मैं अमन एसा लाऊंगा,
इस मिट्टी में ही जन्म लिया
इस मिट्टी में मिल जाऊँगा I

और कहदो इन हुक्मरानों से चैन की नींद जीने दे
अब कोई और न फसाद करे सत्ता की आड़ में देश मेरा न बर्बाद करे
इसके उज्जवल भविष्य के खातिर जीवन अपना मौत की राह पर सजाउंगा,
इस मिट्टी में ही जन्म लिया
इस मिट्टी में ही मिल जाऊँगा I

मातृ भूमि की लाज के खातिर सर्वस्व अपना लुटाउंगा
गर्व हो माँ को कोख पर अपनी में एसा बेटा बन जाऊँगा
इस मिट्टी में ही जन्म लिया
इस मिट्टी में मिल जाऊँगा I

  • #कविता 3
Poem on Republic Day in Hindi
26 जनवरी पर कविता | Poem on Republic Day in Hindi

ग्रंथों के मंत्रों से गुंजित गंगा का हर घाट रखना,
देश बढ़े जितना भी लेकिन देश का अलग अंदाज रखना I

जहा समर्पण की गाथाएं गली गली में गुंजित होती है,
जहा प्रेम की कविताए हृदय हृदय में संचित होती है,
ग्रंथों के मंत्रों से गुंजित गंगा का हर घाट रखना,
देश बढ़े जितना भी लेकिन देश का अलग अंदाज रखना I

देश के कोने-कोने से स्नेह भरा सन्देशा रखना,
जाने कितने मौसम लादे चले जुलती मस्त हवाए,
उनकी खुशबु में एसे ही मिट्टी वाला स्वाद रखना,
देश बढ़े जितना भी लेकिन देश का अलग अंदाज रखना I

मात्र नाम न मेरा परिचय कयी हमारा परिचय गाते,
पहनावे बोली भाषाएं मिलकर अपना हाल बताते,
हम एक अनेकों रंगों में एसे भाव सम्भाल रखना
देश बढ़े जितना भी लेकिन देश का अलग अंदाज रखना I

यह धरती का भाग सदा रूषीयों के मन का आंगन था,
सदियों ने गौरव चुना है मिट्टी का हर कण पावन था,
माँ की इसी धरोहर को उन्नती का आधार रखना
देश बढ़े जितना भी लेकिन देश का अलग अंदाज रखना I

जहा समर्पण की गाथाएं गली गली में गुंजित होती है,
जहा प्रेम की कविताए हृदय हृदय में संचित होती है,
ग्रंथों के मंत्रों से गुंजित गंगा का हर घाट रखना,
देश बढ़े जितना भी लेकिन देश का अलग अंदाज रखना I

  • #कविता 4
Poem on Republic Day in Hindi
26 जनवरी पर कविता | Poem on Republic Day in Hindi

देश हमारा सबसे प्यारा
न्यारा हिन्दुस्तान हमारा,
चाँद से ज्यादा भी प्यारा है
न्यारा हिन्दुस्तान हमारा I

इसकी मिट्टी की खुशबु
लगती जहां से प्यारी है
कहते इसे हम जन्म भूमि
ये प्यारी धरा हमारी है I

अलग अलग धर्मों में भी तो
एकता की परछाई है
देश एक है, एक ही नारा
भारत हमारा जान से प्यारा I

  • #कविता 5
Poem on Republic Day in Hindi
26 जनवरी पर कविता | Poem on Republic Day in Hindi

भारत देश हमारा है,
यह हमको जान से प्यारा है I
दुनिया में सबसे न्यारा है,
यह सबकी आंखों का तारा है I

मोती है इसके कण-कण मैं,
बूंद-बूंद में सागर समाया है I
प्रहरी बना हिमालय बैठा,
धरा सोने की गागर है I

भूमि ये अमर जवानों की,
है वीरों के बलिदानों की I
रत्नों के भंडार भरे है,
गाथा स्वर्णिम खानों की I

सत्य, अहिंसा, शांति बांटता,
इसकी शान तिरंगा है I
गोद खेलती नटखट नदियां,
पावन यमुना गंगा है I

चंदन की माटी से महके,
मातृभूमि को वंदन है I
कोटि-कोटि भारत वालों का,
सुन्दर सा यह नंदन है I

भारत देश हमारा है,
यह हमको जान से प्यारा है I

  • #कविता 6
Poem on Republic Day in Hindi
26 जनवरी पर कविता | Poem on Republic Day in Hindi

२६ जनवरी फिर हैं आयी,
मन मे नयी उमंग है लायी।

झंडा तिरंगा लहराए आज,
गणतंत्र दिवस मनाए आज I

देश के खातिर दी जान जिन्होंने,
वीर शहीदों की जय गाए आज ।

तोरण पताके लगे स्कूलो में,
गीत देश-भक्ति के गाये आज ।

चलो फिरसे खुद को जगाते है,
अनुशाशन का झंडा फिर घुमाते है I

भूख, गरीबी, लाचारी को,
इस धरती से मिटाए आज I

भारत के भारतवासी को,
उनके अधिकार दिलाए आज I

झंडा तिरंगा लहराए आज,
गणतंत्र दिवस मनाए आज I

संबधित जानकारी :

मित्रता पर कविता

मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “Poem on Republic Day in Hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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