स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi

प्रस्तावना :

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi : यहाँ पर हम स्कूल के बच्चे एवं विद्यार्थीओ के लिए भारत के स्वतंत्रता दिवस पर स्कूलों ,कॉलेजों में अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करते है। ताकि विद्यार्थीओ को आसानी से स्वतंत्रता दिवस के बारे मे जानकारी मिल सके। और वह आसानी से कोई भी प्रतियोगिता में भाग ले सके।

भाषण : १

आज के इस सुबह दिन १५ अगस्त यानि की स्वातंत्रता दिवस की मनाने के लिए हम सब एकत्रित हुए है। में बात कर रहा हु उस आज़ादी के पहले के दिनों की तो ८ अगस्त और १५ अगस्त के बीच कैलेंडर में तो मात्र ८ ही दिनों का फर्क था लेकिन अगर भारत के इतिहास में नज़र डाले तो मालूम पड़े तो ८ अगस्त और १५ अगस्त के बीच ५ साल जितना लंबा फर्क है , आप को लगेगा की वो कैसे ? ८ अगस्त १९४२ के रोज हमारी आजादी की लड़त का आखरी कदम लिया गया था और १४ अगस्त १९४७ के रोज हमे आज़ादी प्राप्त हुई और १५ अगस्त १९४७ के रोज और आज भी हम स्वातंत्रता दिन मनाते है।

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi
स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi

मित्रो , जरा सोचो की हम किसी की गुलामी में जी सकते है क्या ? तो धन्य है वो महान नेताओ ,वो महान योद्धाओं की जिन्होंने अपने प्राण गवां कर भी हमे आज़ादी दिलाई। वो कहते है ना की , जो इंसान वर्तमान में जीना सिख ले वह कभी दुःखी नहीं होता। तो आज हमारा वर्तमान यानि की हमारी रक्षा करने वाले ,हमारी मातृ-भूमि की रक्षा करने वाले , भारत देश की रक्षा करने वाले हमारे सैनिक जिनसे लगती एक बात आज में आपसे कहूं तो ,……..

दीपावली जैसा बड़ा त्यौहार था। विरोधी देश हमारे देश पर हम्ला कर रहा था। बहुत जानहानि तो न हुयी किन्तु हमारे एक जवान शहीद हो गया , उनके शहीद होने की ख़बर उनके परिवार जनो को हुयी , उनकी पत्नी को युही उनका एक ८ साल का पुत्र था , उनका पुत्र अपनी माता के पास आके उसे सवाल करता है की ,…..

चारों तरफ उलझा ,और अँधेरी रात थी ,
जब वो हुवा शहीद उन दिनों की बात थी ,
आँगन में बैठा बेटा माँ से पूछे बार-बार ,
दीपावली पे क्यों न आये पापा इस बार।

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi
स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi

इस तरह ८ साल का लड़का अपनी माता से ऐसे सवाल करता है। वो फिर अपनी माता से सवाल करता है की। …….

माँ क्यों न तूने आज बिंदिया लगाई है ,
है दोनों हाथ खाली , न महेंदी रचाई है,
बिछियां भी नहीं पावों में , बिखरे तेरे बाल है ,
लगती थी कितनी प्यारी ,अब केसा हाल है,
कुम कुम के बिना लगता है सुनासा ये श्रृंगार ,
दीपावली पे क्यों न आये पापा इस बार।

उसके बाद वो बच्चा परेशान होकर बहार चला जाता है। वहाँ पर भी वो देखता है की उसके मित्रों ने नये कपड़े पहन के आये है , नये जूते पहन कर आये है ,फ्वो फिर अपनी माता के पास जाकर सवाल करता है की ,………

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi
स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi

किसी के पापा उसके लिए कपडे लाये है ,
मिठाइयाँ और साथ में फटाखा लाये है ,
वो भी नए जूते पहन कर खेलने आये है ,
पापा पापा कहे कर सब ने उसको चिड़ाया,
अब तो बता दो माँ क्यों सुना है आँगन अपना इस बार,
दीपावली पे क्यों न आये पापा इस बार।

इसी तरह वो सवाल पे सवाल करता रहा और अपनी माता पर गुस्सा करके और उसने अपनी मम्मी के दौड़ने हाथ पकड़ लिए और बोला की,

दो दिन युऐ है तूने कहानी न सुनाई ,
हर बार की तरह न तूने खीर बनाई ,
आने दो पापा से ही में तेरी बात करूँगा ,
तुमसे न बोलूगा ,न तेरी बात सुनुँगा ,
ऐसा क्या हुवा की बताने से तू करे इनकार ,
दीपावली पे क्यों न आये पापा इस बार।

और आखिर में उसके पिता की लाश आँगन में आती है ,वो थोड़ी देर अपनी माता के सामने देखता है और थोड़ी देर अपने पिता की लाश के सामने देखता है।
मित्रों , जरा सोचो इस बालक की स्तिथी कैसी होगी , वो अंत में ऐसा जवाब देता है सुनिएगा ,………

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi
स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi

मत हो उदास माँ ,मुझे जवाब मिल गया ,
मक्षत मिला जीने का , एक ख्वाब मिल गया ,
पापा का जो रहे गया है ख़्वाब अधूरा ,
लड़ कर देश के लिए करूँगा में पूरा ,
आशीर्वाद दो माँ मुझे ,मेरा मुकाम हो पूरा।

मित्रों , इस तरह १५ अगस्त को हम महान नेताओं को तो यद् करते ही है , परंतु हमे उनके साथ-साथ हमारे देश के महँ सैनिको को भी याद करना वो हमारी नैतिक फ़र्ज है। ऐसे सैनिकों ,के जो अपना घर-बार, अपनी पत्नी को छोड़ के देश की रक्षा के लिए तैनात रहते है ,इस दिन पर में हमारे सैनिक के , जिनकी आत्मा अभी भी देश की सुरक्षा कर रही है , ऐसे हरभजनसिंह जैसे महान सैनिकों की याद में आखिर में इतना कहूंगा की ,……..

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi
स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi

अधिकार मिलते नहीं लिए जाते है ,
आज़ाद है मगर गुलामी किये जाते है ,
वंदन करो उन सैनिको को ,
जो मौत को आँचल में लिए जिये जाते है।

जय हिन्द।
जय भारत।

जय हिन्द।
माननीय आचार्य श्री, आदरणीय शिक्षक गण ,और प्यारे विद्यार्थी मित्रों आज हम इस पवन दिवस पर यानि की १५ अगस्त जिसको हम स्वतंत्रता दिन के रूप में मनाते है उस बारे में आज हम कुछ बात करेंगे। आज इस अवसर पर में आपको भारत की आज़ादी का पूरा इतिहास समजाने की कोशिस करूँगा।

Independence Day Speech in Hindi
भाषण : २

१७वी सदी में ही अंग्रेज लोगो का भारत में आना-जाना शुरू हो गया था। तब भारत में मुगलों का राज चलता था। जो १८वी सदि से कम होने लगा था। वैसे तो अंग्रेज लोग भारत में वाणिज्य के लिए यहाँ आये थे , पर उनके इरादे कुछ और थे। वाणिज्य के इरादे यहाँ की अपार संपत्ति को हड़पना ही उनका मुख्य हेतु था। सम्राटो की आपसी मतभेद का फायदा उठाकर वो अपना अधिकार जमा बैठे। प्लासी और बक्सर के युद्ध में जीत के बाद भारत में अंग्रेजो का शासन प्रतिष्ठित हो गया। शुरू हो गया इष्ट इंडिया के द्वारा शासन के नाम पे शोषण। यहाँ के लोगो का शोषण करके वह लोग फल-फुल रहे थे। अत्याचार ,अनाचार बढ़ता ही गया। कोई जमीन का उत्तराधिकार नहीं होता था तो वो जमीन ‘इष्ट इंडिया’ कंपनी की हो जाती थी। कभी कबार छोटा मोटा विरोध होता था पर वो ३-४ लोगो में ही सिमित रहता था।

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi
स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi

सिपाहीओ के लिए वो नया कारतूश लाये थे , जो गायों और सूअर की चर्बी से बनता था , और उसको मुख से काट कर बन्दूक में भरना पड़ता था। इस कार्य से सैनिको के धर्म का अपमान करके इशाई धर्म को फैलाना ही उनका उदेश्य था। इस तरह सिपाहीओं के मूल ,अपेक्षा वो सह नहीं पा रहे थे। पर उनमे विरोध करनेका सहस ही नहीं था। तब “मंगल पांडे “नाम के सिपाही ये तत्व सबके सामने लाये और उनके प्रतिशोध की आग का नेतॄत्व किया , और शुरू हुवा १८५७ का “सिपाही विद्रो” जो पुरे देश में फ़ैल गया , पर वो नाकामयाब हुवा। और “मंगल पांडे ” को फांसी दी गयी। उसके बाद सं १८८५ में जन्म हुवा “इंडियन नेशनल कोंग्रेस पार्टी ” का।

जो भारत की आजादी में नई ऊर्जा लाई। उन दिनों बंगाल में राष्ट्र वाद की भावना बढ़ रहीथी। “वंदे मातरम “की धुन में बंगाल के शिक्षित युवाओ ने अंग्रेजो के खिलाफ आवाज उठाई। बंगाल में ब्रिटिश विरोधी भावना को बढ़ते देखकर लॉर्ड कार्जन ने बंगाली भाषी लोगो को विभाजित करने का निर्णय लिया। बड़ी आसानी से उसने बंगाली भाषी संप्रदाय को अलग कर दिया और शुरू हुवा बंग-भंग आंदोलन के फल स्वरुप अंग्रेजो ने भारत की राजधनी को कलकत्ता से हटा के दिल्ली कर दिया , पर संग्राम नहीं रुका। इस बीच १९१४ में प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुवा था , जहा पर अंग्रेजो ने भारत के सिपाहीओ का उपयोग किया। सन १९१५ में दक्षिण आफ्रिका से वापस आये “मोहनदास करमचंद गाँधी ” उर्फ़ “महात्मा गाँधी ” उन्होंने भारत की आजादी को अपना लक्ष्य ठान लिया।

सन १९१९ में बढ़ते हुए विरोध को काबू करने के लिए ब्रिटिश जज “सिड्नी रॉलेट” ने एक कानून पास किया। जिसके चलते पुलिस किसी को भी बिना बोले गिरफ्तार कर सकती थी। लिखने-पढ़ने की भी आजादी छीन ली गई। फल स्वरुप पुरे भारत में शुरू हुवा नया आंदोलन “रॉलेट सत्याग्रह ” . इसके चलते कर्नल हेरी डायर ने पुरे पंजाब में प्रतिबन्ध लगा दिया।

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi
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यहाँ तक की ४ लोगो का एक साथ खड़ा रहना भी अपराध था। हाला की ये सुचना व्यापक रूप से प्रचारित नहीं हुई थी। १३ अप्रैल को दिल्ली के जलीय वाले बाग में सीख़ लोग इकठ्ठे हुए थे। उनका मुख्य त्यौहार वैशाखी मानाने।कर्नल डायर ने उस भीड़ पर गोलियाँ चलने का आदेश दे दिया। वह के सरे द्वार बंध करके १० मिनट तक निर्दयी हत्याकांड चला। लगभग १५०० से ज्यादा मासूम जनता घायल हुई और लगभग हजार लोग मरे गये। उनकी ये क्रूरता ने पुरे देश को संदिग्ध कर दिया।

रविंद्र नाथ टैगोर ने अपना ब्रिटिश नाय्तव छोड़ने का फैसला लिया। इस घटना ने हर एक भारतीय को आजादी के लिए लड़ने को प्रेरित किया। सन १९२५ में ‘हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएसन ‘ ने काकोरी नाम की एक जगह पे ट्रैन रोक कर अंग्रेजो से पैसा लूटने का षड़यंत्र किया। सन १९२७ में भारतीय संविधानिक सुलझाव के बचाव के लिए ब्रिटिश सरकार ने जॉन सायमन के नेतृत्व में एक दल भेजा। जिसमे कोई भी भारतीय नहीं था। उनका प्रतिरोध और काले झंडे से स्वागत किया।

इस आंदोलन “सायमन गो बेक ” का नेतृत्व कर रहे थे “लाला लजपतराई ” जो युवाओं की प्रेरणा थे। जिनका पुलिस की लाठी चार्ज की वजह से देहांत हो गया। जिसका बदला लेने के लिए ‘भगत सिंह ‘ और ‘राजगुरु ‘ निकल पड़े। इस समय भगत सिंह अंग्रेजो का बड़ा सर दर्द बन चुके थे।

सन १९२९ पर कॉंग्रेस ने पूर्ण स्वराज का फैसला किया। ३१ दिसम्बर नहेरुजी ने लाहौर पे तिरंगा लहराया। २६ जनवरी १९३० पे पहला स्वातंत्रता दिवस मनाया गया पर वो ब्रिटिश सरकार नहीं मानी उसके बाद कोंग्रेस की समिति साबरमती के किनारे इकठ्ठा हुई। एक हड़ताल ने पुरे देश को रोक दिया। सारे स्कूल ,कॉलेज , ऑफिस सब बहिष्कार करने लगे।

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi
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विदेशी चीजे सरहद पे जमा होने लगी। ४ जनवरी १९३२ को गांधीजी को बिना मुकद में के गिरफ़्तार कर लिया गया। मे १९३३ में गांधीजी जेल से बहार आये और शुरू हुवा सत्याग्रह आंदोलन। सन १९३५ में एक एक्ट पास हुवा जिसके चलते भारत में चुनाव शुरू हो गए थे। उसके बाद भारत में आगमन हुवा “नेताजी सुभाष चंद्र बोझ ” का। वो समज गए थे की आजादी के लिए भारत को जंग लड़नी पड़ेगी, खून बहाना पड़ेगा। सन १९३८ पर वो हरिपुरा कोंग्रेस के सभा-पति बने। जो गांधीजी की ईच्छा के विरुद्ध था।

१९३९ पे भी सभापति नियुक्त होने के बावजुद इस्तीफा दे दिया।प्रसिद्ध फॉरवर्ड ब्लॉक का प्रतिष्ठान लिया।द्वितीया विश्व युद्ध शुरू होने पर अंग्रेजों की युद्ध नीति के विरुद्ध सारे कॉंग्रेस नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया।उस समय सुभाष चंद्र बोस को गिरफ्तार कर लिया गया। पर वो बड़ी चालाकी से बच निकले और जापान पहुच गए। और नाम बदलकर अलग दिख कर वो केसे भी करके वो बर्लिन पहुचे, वहां हिटलर ने उनको सहाय करने से मना कर दिया, और वो जापान पहुचे। वहां राजबिहारी बसु के साथ मिलकर वो जंग में पकडी गई ब्रिटिश की भारतीय सेना लेकर बनाया “आजाद हिंद फौज”।

जो बाद में ब्रिटिश सरकार के डर का कारण बन गया। सामने से नेतृत्व देने वाले नेताजी दिल्ली चलो का एलान किया। द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के परास्त होने के बाद आजाद हिंद फौज कमजोर हो गया। सन् १९४२ मैं गांधीजी “भारत छोड़ो आंदोलन” शुरू किए। और ९ अगस्त को उन्हें फिरसे गिरफ्तार किया गया। लेकिन इसबार भारत नहीं रुका, अब इन्हें कोई नहीं रोक सकता था।

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi
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दंगे आंदोलन, भाषण अब नियमित बन चुके थे। गिरफ्तार होने का और मरने का डर मिट चुका था। इस वक़्त ‘मोहम्मद अली जीना’ ने एक नए देश का प्रस्ताव रखा। वो एक मुस्लिम देश चाहते थे, जो मुस्लिम शासित हो, पर ये कॉंग्रेस के ज्यादातर नेताओ ने नकार दिया। पर जिन्ना नहीं माने और शुरू हो गया दो समुदाय का दरार। एक दूसरे को भाई मानने वाले लोग आपस में लड़ने लगे, एक दूसरे को लूट ने लगे, दोनों एक दूसरे के सबसे बड़े दुश्मन बन गए। पूरे भारत मे दंगे छा गए, स्वतंत्रता तो तय थी लेकिन एक नयी मुसीबत खड़ी हो गई।

१४ अगस्त सबकी सहमती से मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान का जन्म हुआ। और १५ अगस्त मध्य रात को हमारे भारत को स्वतंत्रता हासिल हुई | पूरे देश मे खुशी का माहोल तो छा गया था, लेकिन विभाजन के दौरान बहुत मासूम लोगों के घर उजाड़ दिए गए थे, उनके परिजन मारे गये।

आजादी के ७० साल बाद आज भी ये दुश्मनी ताजा है, लोगों के घाव ताजे है।अंग्रेज तो चले गए पर हमे आपस में लड़ा गए। एसी आजादी की मांग सायद भगतसिंह और राजगुरु जेसे नेताओं ने नहीं की थी।

मेरी सभी लोगों से यही प्रार्थना है कि इंसान के विचार इंसानियत से करे किसी धर्म या रंग से नहीं | हर एक आदमी जो इस देश के लिए, आप सब की स्वतंत्रता के लिए अपना खून बहाए, अपना प्राण त्यागे वो किसी धर्म या रंग के लिए नहीं अपने देशवासियों के लिए लड़े थे।उनके बलिदान को छोटा न करे।

भारत माता की जय।

संबधित जानकारी :

15 अगस्त पर निबंध

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मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “स्वतंत्रता दिवस पर भाषण | Independence Day Speech in Hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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