गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

प्रस्तावना :

गाय को हमारे भारत में माता का दर्जा दिया जाता है। वह एक घरेलु एवं पालतू जानवर है। हिन्दू धर्म में गाय की पूजा होती है और गाय का बहुत महत्व है।गाय का प्राचीन समय से ही बहुत महत्व रहा है। हमारे वेदो में भी गाय को देव सामान माना है।हमारी हिन्दू संस्कृति में यह भी कहा जाता है कि , गाय में देवी-देवता निवास करते है। गाय को घर में पालने की रीत बहुत समय से है साथ ही अगर जिसके भी घर में गाय होती है वहा वास्तु-दोष खत्म हो जाता है। और कई सारे अच्छे गुण गाय में होते है।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi(100 शब्द)

  • गाय एक पालतू पशु है।
  • गाय का रंग कला , सफ़ेद , भूरा , चितकबरी आदि रंग की होती है।
  • गाय के चार पैर , दो सींग , चार थन और एक लम्बी पूछ होती है।
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
  • गाय घास, चारा और भूसा आदि खाती है।
  • गाय का दूध अच्छा और गुणकारी होता है।
  • गाय के दूध से दही , पनीर , चीज़ , मक्खन घी और मिठाईया बनती है।
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
  • गाय के घर को गौ-शाला कहा जाता है।
  • गाय का गोबर और गोमूत्र बहुत उपयोगी होता है और कई इलाज के लिए भी उपयोगी होता है।
  • भारत देश में गाय को गौमाता कहा जाता है।
  • हमें गाय की सेवा करनी चाहिए।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi(150 शब्द)

गाय बहुत ही उपयोगी पशु है। गाय हमारी माँ सामान है इसलिए इसे गौमाता कह कर बुलाते है। यह रुक शरीर वाला पालतू प्राणी है। यह पूरी दुनिया में अलग अलग नस्लों में पाई जाते है। गाय से हमें मीठा दूध प्राप्त होता है। गाय से पाया गया दूध छोटे बच्चो और मरीजों के लिए बहुत उपयोगी होता है। गाय की एक लम्बी पूछ ,चार पैर और शिंग होते है।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

यह दिखने में बहुत सुंदर पालतू पशु है। भारत में गाय का बहुत महत्व है। गाय को यहाँ पवित्र माना जाता है और पूजा जाता है। गाय को हिन्दू धर्म में माँ का स्थान दिया जाता है।

गाय के गोबर का उपयोग ईंधन के लिए भी किया जाता है। गाय के दूध से हमें क्रीम और कई सारी अलग अलग वस्तुए बनती है। गाय हमारे लिए बहुत ही उपयोगी पशु है।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi(400 शब्द)

गाय एक बहुत ही पवित्र पशु है। गाय बहुउपयोगी पशु भी है जिसका वैज्ञानिक एवं आधयात्मिक दृष्टि से बहुत महत्व होता है। विज्ञान ने भी गाय की महत्ता को स्वीकार किया है। गाय के दूध को अमृत माना जाता है। भारत में गाय का स्थान पूजनीय है। प्राचीनकाल में साधु-संत , ऋषि-मुनि अपने आश्रमों में गाये पाला करते थे। धर्मपरायण में गाय को माता कह कर सम्मानित किया गया , क्युकि वह माँ सामान हमारा पालन करती है।

गाय के पौष्टिक दूध से कई दूध की वस्तुए बनाई जा सकती है। जिसमे पनीर , दही , घी का समावेश होता है। वर्तमान समय में गोबर का उपयोग गोबर गैस के लिए किया जाता है। गोबर गैस का उपयोग करने से धुआँ कम होता है और आखे को भी ज्यादा नुक्सान नहीं होता। गाय के मूत्र का प्रयोग दवाई बनाने में किया जाता है।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

भारत में करोडो हिन्दू लोग गाय की पूजा करते है। गाय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मानव जाती को बहुत कुछ प्रदान है।गाय का स्वभाव बहुत ही शांत होता है। गाय के पालतू और शाकाहारी जानवर है। गाय का अमृत समान दूध और अन्य गुणों की वजह से इसे धरती माता समान पूजा जाता है। इसी लिए गाय को गौ-माता कहा जाता है।

गाय की एक लम्बी पूछ और चार टाँगे होती है। गाय को दो मोती जैसी प्यारी आँखे होती है।गाय को खुले मैदान या फिर गार्डन में पाया जाता है। अनेक हिन्दू के घर में आज भी प्रतिदिन गाय की पूजा होती है। सुबह-शाम पहली रोटी गाय के लिए ही होती है। नर गाय को बेल कहा जाता है। और गाय के बच्चे को बछड़ा कहा जाता है। बेल खेती के कामो में , कुए में से पानी निकलने के लिए उपयोग में लिया जाता है।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

हमारी सरकार चाहती है की गाय के लिए गौ-शाला का ज्यादा से ज्यादा निर्माण किया जाए साथ ही दूध उत्पादन में भी बढ़ावा हो। मानव समाज के लिए इतनी उपयोगी होने के बावजूद उसकी हालत अभी वर्तमान समय में बुरी है। हमारा कर्तव्य है की गाय का आदर और सम्मान करे।

गाय का मनुष्य के जीवन में बहुत ही महत्व होता है। हमें गाय के प्रति बढ़ते अत्याचारों को रोक कर गंभीरता से विचार करना होगा ताकि आस्था और अर्थव्यवस्था के प्रतिक गोवंश को बचाया जा सके।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

“गौ माता करती सदा ,
भाव सागर से पार ,
इनकी तुम सेवा करो ,
ये जीवन देगी तार”

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi(500 शब्द)

वो सड़को पर बैठी दुर्घटना में मर जाती है ,
भूख से तड़प-तड़प कर सड़को पर कचरा खाती है ,
गाय विपत्ति जैल रही है वो भी तो टल सकती है ,
और हर एक इंसान के घर एक गाय पल सकती है।

भारत में हमेशा से ही एक पवित्र पशु माना गया है न केवल एक जीव बल्कि हिंदू मान्यता में गाय को माँ की उपाधि दी गयी है। गाय को मनुष्य का पालनहार माना गया है और इससे मिलने वाले दूध को अमृत के समान माना जाता है। लेकिन ये मान्यता कुछ महीनो वर्षो या दशकों की नहीं बल्कि युगो से ही गे को पूजनीय मन गया है। अगर आप हिन्दू धर्म को समजते है या फिर हिंदू मान्यता की जानकारी रखते है तो सायद आपने कामधेनू का नाम तो सुना ही होगा

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

हिंदू धर्म के अनेक धार्मिक ग्रंथो में कामधेनु गाय का ज़िक्र किया गया है। और कहते है की कामधेनु गे में दिव्य शक्तियाँ थी जिसके बल पर वो अपने भक्तो की हर मनोकामना पूरी करती थी ये गाय जिसके भी पास होती थी उसे हर तरह से चमत्कारिक लाभ होता था लेकिन इस गाय के दर्शन मात्र से ही मनुष्य का कार्य सफल हो जाता था।

देवीय शक्तिया प्राप्त कर चुकी कामधेनु को अमृत एवं चमत्कारिक शक्तिओं से भरपूर माना जाता था। और यही कारण है की कामधेनु गाय को एकमात्र पशु मानने के बजाय माता की उपाधि दी गयी है। एक ऐसी माँ जो अपने बच्चो की हर ईच्छा पूरी करती है। उन्हें पेट भरने के लिए आहार देती है। और उनका पालन-पोषण करती है। लेकिन क्या आप जानते है की कामधेनु गाय की उत्पति कैसे हुई ?

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

एक पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के समय देवता और दैत्यो को कई वस्तुए प्राप्त हुई जैसे की मूलयवान रत्न,अप्सराएँ ,शंख ,पवित्र वृक्ष ,चंद्रमा,पवित्र अमृत ,कुछ अन्य देवी देवता और हलाहल नामक अत्यंत घातक विष इसी समुद्र मंथन के दोहरान सागर से कामधेनु गाय की भी उत्पति हुई थी। पुराणों में कामधेनु गाय को नंदा ,सुनंदा ,सुरभि ,सुशीला ,और सुमन भी कहा गया है। कंघेनु गाय से सम्बंधित पुराणों में कई सारी कथाए प्रचलित है। कृष्ण कथा में अंकित सभी पात्र किसी न किसी कारण वर्ष जन्मे थे , श्राप ग्रस्त होकर जन्मे थे। कश्यप ने वरुण से मांगी लेकिन बाद में उन्हें नहीं लौटाई इसलिए वरुण के श्राप से वो ग्वाले हुए।

ये पथ भुलाओगे ,किस छोर चले जाओगे ,
जमीं को अपनी ,किधर छोड़कर जाओगे ,
युगो-युगो से हमे ,जिसने पाला-पोषा है ,
वो गाय को भूलकर ,किस और चले जाओगे।

कामधेनु गाय से संबंधित एक और कथा विष्णु के मानवरूपी अवतार भगवान परशुराम से जुडी है। जिसके अनुसार एक बार शस्त्रार्जुन अपनी पूरी सेना के साथ जंगलो को पर करता हुवा भगवान परशुराम के पिता के आश्रम में विश्राम करने के लिए पहुंच गया। महर्षी ने राजा को अपने आश्रम का महेमान समज कर स्वागत सत्कार किया। और उन्हें आशरा दिया।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

उन्होंने शस्त्रार्जुन की सेवामे किसी भी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ी। ये बात तब की है जब ऋषी जमदग्नि देवराज इन्द्र से प्राप्त दैव्य शक्ति वाली कामधेनु नाम की अद्भुत गाय थी। राजा नहीं जानते थे की ये गाय कोई साधारण पशु नहीं बल्कि दैव्य गुणों वाली कामधेनु गाय है लेकिन कुछ समय के पश्चात् न जाने गाय के चमत्कार को देखा तो वो दंग रहे गए। महर्षि का आश्रम काफी साधारण था। न अधिक सुविधाएँ थी और नहीं काम में हाथ बटाने लायक सेवक लेकिन महर्षि ने कामधेनु गाय की मदद से कुछ ही पालो में देखते ही देखते राजा और उनकी पूरी सेनाके लिए भोजन का प्रबंध कर दिया।

कामधेनु के ऐसे गुणों को देखकर शस्त्रार्जुन को ऋषी के आगे अपना राजकीय सुख कम लगने लगा अब उनके मन में महर्षि से उस गाय को ले जाने की तर्कीब बनने लगी लेकिन सबसे पहले राजा ने सीधे ही ऋषि जमदग्नि से कामधेनु को माँगा, लेकिन जब ऋषि जमदग्नि ने कामधेनु को आश्रम के प्रबंधन और जीवन धोरण का एक मात्र जरिया बता कर उसे देने से इंकार करदिया तो राजा ने बुराई का मार्ग चुनना सही समजा और राजा ने गुस्सा होकर ऋषि जमदग्नि के आश्रम को उजाड़ दिया। सब दहश-नहश हो गया।

लेकिन ये सब करने के बाद जैसे ही राजा शास्त्रार्जुन अपने साथ कामधेनु को ले जाने लगे तभी वो गाय उसके हाथो से छूट कर स्वर्ग की और चली गयी और आखिरकार दुष्ट राजा को वो गाय नसीब नहीं हुयी। लेकिन वही दूसरी और महर्षि जमदग्नि दोहरे नुकसान को जेल रहे थे।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

एक और वो कामधेनु गाय को खो चुके थे और दूसरी और आश्रम भी नहीं रहा था उनके पास। कुछ समय के पश्चात् महर्षि के पुत्र परशुराम आश्रम लौटे और जब उन्होंने ये दृश्य देखा तो वो हैरान रहे गए। इस हालात का कारण पूछने पर उनकी माता रेणुका ने उन्हें सारी बाते विस्तार पूर्वक बताई परशुराम माता के अपमान और आश्रम को दहश नहश देखकर आवेश में आ गए। पराक्रमी परशुराम ने उसी वक्त दुराचारी शास्त्रार्जुन और उसकी सेना का विनाश करने का संकल्प लिया।

परशुराम अपने परशु अश्त्र को साथ लेकर शास्रार्जुन के नगर भंगहीस्मति यहाँ पहुंचने पर राजा शास्त्रार्जुन और भगवान परशुराम के बीच गंभीर ,भयंकर युद्ध हुवा लेकिन परशुराम के प्रचंड बल के आगे शास्त्रार्जुन निचा साबित हुवा। भगवान परशुराम ने दुष्ट शास्त्रार्जुन की हजारो पूजाओ और धड़ परशु से काट कर उसका वध कर दिया।

कहेते है शास्त्रार्जुन के वध के बाद जैसे ही परशुराम अपने पिता के पास वापस आश्रम पहुंचे तो उनके पिता ने उन्हें आदेश दिया की वो वध का प्रयाश्चित करने के लिए तीर्थ यात्रा पर जाये। तभी उनके ऊपर से राजा की मृत्त्यु का पाप ख़त्म होगा लेकिन ना जाने कहा से परशुराम के तीर्थ पर जाने की खबर शास्त्रार्जुन के पुत्रो को मिल गयी थी। और उनके बीच भी युद्ध हुवा।

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi
गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi

डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने कहा है की “गाय की रक्षा करना भारत का सनातन धर्म है”।
महात्मा गाँधी ने कहा है की “गाय प्रगति और समृद्धि का स्त्रोत है “.
लोक मान्य तिलक ने कहा है की “मुझे मर दो लेकिन गायों को बचाओं”.
मदन मोहन मालवीया ने कहा है की “भारत के संविधान का पहले भाग में गौ हत्या पर प्रतिबंध का आदेश होना चाहिए। “

इसतरह से हम कामधेनु गाय की विशिष्टता , दिव्य शक्ति और महत्व के बारेमे समज सकते है।

जिनके नहीं नाम , उनके नाम बनेंगे ,
घर गाँव शहर भगवान के धाम बनेंगे ,
ब्रह्माण्ड के सब देवता ,गौ माता में समाये है,
तुम गाय पाल लेना ,तुम्हारे सब काम बनेंगे।

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