पुस्तक पर निबंध | Essay on Books in Hindi

प्रस्तावना :

Essay on Books in Hindi :पुस्तक हमारे मित्र है। क्युकी हमारे जीवन में पुस्तक एक ऐसी चीज़ है की निर्जीव होते हुए भी हमें उससे कुछ अनूठा ही रिश्ता है। पुस्तकों के आने के बाद ज्ञान की क्रांति भी प्रसरी और ज्ञान की एक अनोखी मिसाल कायम की। आइए आज इसी महान पुस्तक की बात निबंध के रूप में करते है।

निबंध : 1 (150 शब्द)

किताबें हमारे जीवन मे एक महत्व पूर्ण भूमिका निभाती है। जब हम एक किताब खोलते है, तो हम एक नई दुनिया खोलते है। हम विभिन्न प्रकार की पुस्तकों से अपना ज्ञान प्राप्त करते है। एक मित्र के रूप में एक अच्छी किताब आपको अपने जीवन मे एक सफल व्यक्ति बनाने की क्षमता रखती है।

एक किताब एक अच्छे मित्र की तरह है। जो आपसे कभी दूर नही जाएगी। अच्छी पुस्तक हमारे जीवन स्तर को बेहतर बनाती है । एक व्यक्ति जो किताबे पढ़ना पसंद करता है, वह कभी अपने आप को अकेला महसूस नही करता , क्योकि किताबे हमेशा उसके बचाव के लिए होती है।

Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध
Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध

हम किताबो के माध्यम से धार्मिक मान्यताओं, परंपराओ, विचारो और आध्यात्म के बारेमे कई अच्छी बातें पढ़ सकते है। आदमी को बुरी किताबे पढ़ने से बचना चाहिए । क्योंकि वे किताबे हमारे जीवन को दुःखी, खराब कर सकती है। पुस्तक प्रेरणा का भंडार होती है, जिन्हें पढ़ कर ही हमे जीवन मे महान कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।

निबंध : 2 (200 शब्द)

किताबे हमारी जिंदगी में एक महत्व पूर्ण भूमिका निभाती है। पुस्तकें चरित्र निर्माण का सर्वोत्तम साधन है। वह १०० प्रतिशत सच है की किताबें हमारी सबसे अच्छी दोस्त है। पुस्तकें ज्ञान अर्जित करने का सबसे सरल और सस्ता साधन है। पुस्तकों की वजह से ही आज रामायण और महाभारत को हर घर में पढ़ा जाता है।

शब्जिया, फलो, और मिठाई हमारे शरीर के लिए भोजन है, वैसे ही किताबे हमारे दिमाग के लिए भोजन है। अगर हम अच्छे मानसिक भोजन लेते है तो हमारा मन भी स्वस्थ रहता है।जीवन की सफ़लता किताब में होती है। पुस्तक हर व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारती है।

Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध
Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध

किताब का अपना एक महत्व है जो पढ़ता है वो समजता है। पुस्तके हमे समय का सदुपयोग करना सिखाती है और बुरी संगत से भी बचाती है। ज्ञान का महत्व पूर्ण स्त्रोत है पुस्तके। प्रत्येक मनुष्य अपनी क्षमता के अनुसार अध्ययन करके अपने ज्ञान का विस्तार कर सकता है। पुस्तके अंधकार में हमारा मार्गदर्शन कराती है।

पुस्तके प्रेरणा की भंडार होती है। उन्हें पढ़ कर जीवन मे कुछ महान करने की भावना जागती है। पुस्तकों के माध्यम से हम तरह तरह की बाते जान सकते है। पुस्तकों की संगत इंसान को हमेशा सकारात्मकता और सही रास्ते पर चलनी की सिख देती है।

घटिया पुस्तको के अध्ययन से हमे स्वयं बचना चाहिए और दूसरों को भी बचाना चाहिए। घटिया साहित्य हमारी मानसिकता को विकृत करता है। हमे हमेशा अच्छी पुस्तकें पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। हमे पुस्तको में रुचि बनानी चाहिए।

निबंध : 3 (250 शब्द)

पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र होती है। पुस्तकें हमे ज्ञान देती है, अच्छी सिख देती है, हमारा मनोरंजन करती है, आदि रूप से हमे सबकुछ अपना देती है पर हमसे कुछ नही लेती । यही होती है एक सच्चे मित्र की पहचान, जो अपने मित्र की निःस्वार्थ भावना से मदद करता है।

पुस्तके प्रेरणा की भंडार होती है । उन्हें पढ़ कर जीवन मे कुछ महान कार्य करने की भावना जागती है। मैथली शरण गुप्त जी की पुस्तक” भारत भारती “पढ़ कर कितने ही नौजवानो में आजादी की आंदोलन में हिस्सा लिया था।

Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध
Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध

पुस्तको के द्वारा ही एक पेढ़ी का ज्ञान दूसरी पेढ़ी तक पहुचता है । यदि हजारो वर्ष पूर्व के ज्ञान को पुस्तके अगले युग तक नई पहुचाती तो शायद एक वैज्ञानिक सभ्यता का जन्म संभव नही हो पाता। पुस्तकें मानव के मनोरंजन में भी परम सहायक सिद्ध होती है। पुस्तके किसी भी विचार, संस्कार या भावना के प्रचार का सबसे शक्तिसाली साधन है।

हर एक विद्यार्थी की अपनी कक्षा के अनुसार दी गयी पुस्तको का वांचन मन लगाकर करना चाहिए । इससे विद्याथियों के चरित्र में सकारात्मक परिवर्तन होता है। पुस्तकों से विद्यार्थियों के साथ छोटे बड़े हर इंसान को आध्यत्म का ज्ञान, अपने कर्तव्यों का पालन, छोटे बच्चों को प्यार और बड़े लोगो को सन्मान तथा मुसीबत में फसे लोगो को धैर्य से सोचने की और शांति के से उपाय खोजने की शिक्षा मिलती है।

निबंध : 4 (350 शब्द)
भूमिका :

पुस्तके हमारी सच्ची मित्र होती है वह हमें सच्चे और अच्छे बनने में सहायता करती है। अच्छी पुस्तकें हमारा मार्गदर्शन करती है और बदले में हमसे कुछ नहीं लेती।

पुस्तकें -प्रेरणा का स्त्रोत :
Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध
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पुस्तके हमे सदैवअच्छे कर्मों करने की ही प्रेरणा देती है। उन्हें पढ़कर हममे अच्छे और सही कार्यो करने की भावना जागृत होती है। वो हमे नए कार्यो करने की और प्रेरित करती है। गाँधीजी को भी “भगवत गीता” किताब ने महान बनाया। पुस्तकों से ही प्रेरणा लेकर भारत माता के सपूतों
ने भारत को आजादी दिलवाई थी।

पुस्तकें -विकास का स्त्रोत :

पुस्तकों में संग्रह किया हुवा ज्ञान पीढ़ियो तक अक़बंध रहता है। पूर्वजो के अनुभव द्वारा लिखे गए स्तय पुस्तके वर्तमान पीढ़ियो को प्राप्त हुई है। और वे अपने अनुभव को सत्य पुस्तको के द्वारा ही अगली पीढ़ियो तक पहुचाते है। हमें आभ्यता का विकास इस पर ही निर्भर करता है।

पुस्तकें -प्रचार का साधन :
Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध
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पुस्तकें विचारो के प्रचार और प्रकार का श्रेष्ठ साधन है। रामायण, महाभारत और भगवत गीता जैसे ग्रंथो में संग्रहित ज्ञान का प्रचार आज भी हो रहा है और हजारों वर्षों तक होता रहेगा। हमारी सभ्यता और संस्कृति पर इन ग्रंथों की अमिट छाप है। नई पीढ़ियो में ज्ञान का प्रचार पुस्तकों के द्वारा ही संभव है। ऋषि-मुनिओ ने ग्रंथो की रचना कर, अपने आदर्श विचारो को लोगो तक पहुचाया है और इसी की वजह से हम इनका लाभ उठा सके।

पुस्तकें -मनोरंजन का खजाना :

पुस्तके मानव के मनोरंजन में भी सहायक सिद्ध होती है। मनुष्य अपने एकांत को मंनोरंजन की पुस्तकों के साथ गुजार सकता है। पुस्तको के मनोरंजन में हम अकेले हो फिर भी आंनद उठा सकते है। इसिलए किसी ने कहा है कि “पुस्तकें जगत देवता है।” उनसे प्रेरणा प्राप्त कर के हम वरदान पा सकते है और अपने ज्ञान को भी बढ़ा सकते है।

उपसंहार :

पुस्तकों के अध्ययन में यह सावधानी बरतनी चाहिए कि पुस्तकों का स्तर घटिया न हो । निम्नकोटि की पुस्तकों से मन आनंदित होने की बजाय दुर्भावनाओं से भर जाता है। उत्तम पुस्तको का चुनाव सोच समजकर करना चाहिए। महान लेखकों की पुस्तकें कभी निम्न स्तर की नही होती । अतः उनका अध्ययन ही करना चाहिए।

निबंध : 5 (400 शब्द)

पुस्तकें मित्रो में सबसे शांत व स्थिर है, वे सलाहकारों में सबसे सुलभ व बुद्धिमान है और शिक्षकों में सबसे धैर्यवान है। चाल्र्स विलियम ईलियट की कही यह बात पुस्तको की महानता को उजागर करती है। पुस्तकें मनुष्य के मानसिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, नैतिक, चारित्रिक, व्यावहारिक एवं राजनैतिक विकास में सहायक होती है।

Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध
Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध

महात्मा गाँधी ने कहा है, -पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है , क्योकि पुस्तकें अंतः करण को उज्वल करती है। पुस्तक पढ़ने से होने वाले लाभ को देखते हुए उन्होंने कहा -“पुराने वस्त्र पहनो पर नही पुस्तके ख़रीदो”। सचमुच पुस्तकें सुख और आनंद का भंडार होती है। जो लोग अच्छी पूस्तके नही पढ़ते या पुस्तके पढ़ने में कोई रुचि नही लेते , वे जीवन की बहुत सी सच्चाईओ से रूबरू नही हो पाते। पुस्तकें पढ़ने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि हम इनसे जीवन मे आने वाली कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति जुटा पाते है। कठिन से कठिन समय मे भी पूस्तके हमारा उचित मार्गदर्शन करती है । जिन लोगो को पूस्तके पढ़ने का शोख होता है वे लोग अपने ख़ाली समय का सदुपयोग पुस्तको के माध्यम से ज्ञान लेने में करते है।

पूस्तके किसी भी देश की सभ्यता और संस्कृति के शरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में मुख्य भूमिका निभाती है। इस प्रकार पूस्तके ज्ञान का संरक्षण करती हैं। विश्व की हर सभ्यता में लेखन सामग्री का काफ़ी महत्व रहा है और किसी रूप में चिह्नित या दर्शाई गई है। लोगो मे पुनः जाग्रत पुस्तको के माध्यम से ही आया है।

Essay on books in hindi | पुस्तक पर निबंध
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पुस्तको के कुछ दृष्ट परिणाम भी देखे जा रहे है कि बच्चे उचित मार्गदर्शन वाली पूस्तके न पढ़कर भ्रामक पुस्तको का अधिक उपयोग कर रहे हैं। इससे बच्चों का भविष्य ही प्रभावित हो रहा है। अतः घटिया पुस्तको के अध्ययन से हमे स्वयं बचना चाहिये। और दूसरों को बचाना चाहिए क्योकि घटिया पूस्तके हमारी मानसिकता को विकृत करती है।

इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि पूस्तके ज्ञान देने के साथ मार्गदर्शन तथा चरित्र निर्माण का सर्वोत्तम साधन है। इन गुणों से युक्त पुत्तको प्रचार-प्रसार से राष्ट्र के युवा कर्ण धरो को नई दिशा दी जा सकती है , तथा एकता और अखंडता को स्थापित कर एक सबल राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।

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मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल पुस्तक पर निबंध | Essay on Books in Hindi ”  अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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