कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

प्रस्तावना :

कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi :भारत देश को कृषिप्रधान देश भी कहा जाता है। कृषि भारत देश के अर्थव्यवस्था का बीज है। कृषि मात्र खेती तक सिमित नहीं परन्तु कृषि से जीवन जीने का पाठ भी प्राप्त होता है। खेती एक ऐसी पूँजी है की पूरा देश उस पर निर्भर रहता है। सभी का भरण-पोषण इसे ही होता है। कृषि मानव संस्कृति की नीव है। विद्यार्थी को स्कूल से कृषि पर निबंध लिखने को अफसर कहा जाता है। इसी हेतु आज कृषि पर निबंध दिए गए है।


कृषि पर छोटे-बड़े निबंध (Short and Long Essay on Agriculture in Hindi)

#निबंध : 1(150 शब्द)
  • खेती की व्याख्या
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

कृषि खेती का विज्ञान और कला है। जिससे मिट्टी को खेती फसलों का उत्पादन, वन पौधो-पेड़ लगाने , पशुधन बढ़ाने और मछलियों का पालन करने के काम शामिल है।

  • खेती का महत्व

कृषि विकसित और विकासशील देशों की तहत बड़े पैमाने पर ग्रामीण लोगो के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करता है। यह आजीविका का महत्वपूर्ण स्रोत है।कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि के चलते बढ़ते कृषि अधिशेष में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण में सुधरा होता है।

भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कृषि सफल घरेलू उत्पादन का लगभग १६% योगदान देती है। भारत फल , सब्जियां, दाले, चाय, मसाले आदि बड़ी मात्रा मैं कृषि सामग्री निर्यात करता है। और सरकार उससे अच्छा राजस्व प्राप्त करती है।

  • कृषि की शाखाएं

१) ससय विज्ञान
२) मृदा विज्ञान और कृषि रसायन शास्त्र
३) औधानिकी
४) पौधे प्रजनज और आनुवांशिकी
५) पौध विकृति विज्ञान
६) किटविज्ञान
७) कृषि आर्थशास्त्र
८) विस्तार शिक्षा
९) बीज पौधोगिकी
१०)कृषि सांख्यिकी
११) सुत्रक्रुमीविज्ञान
१२) पौध सरीर क्रिया विज्ञान
१३) वन विज्ञान
१४) कृषि जैव प्रौद्योगिकी

#निबंध : 2(250 शब्द)
  • किसान की भूमिका

भारत कृषि प्रधान देश है जिसकी ७० प्रतिसाद जनता गावो में निवास करती है  एवं जिसका व्यवसाय कृषि है।  इसलिए गांधी जी भारत के गांवो को भारत की आत्मा और भारतीय संस्कृति को ‘कृषक-संस्कृति’ कहते थे।

  • भारतीय किसान का जीवन
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

भारतीय किसान का जीवन परिश्रम में ही गया है। वह प्रातः काल से लेकर रात तक परिश्रम करते है। खेती मैं अन्न उगता है और नगरवासियों का अन्नदाता   है। चाहे कड़कड़ती ठंड हो या चिलचिलाती धूप , वर्षा  झाड़ी लगी हो या तेज आंधी तूफान आई वह  कर्मयोगी की तरह  अपने कर्तव्य के पालन में लगा रहता है। भारत का किसान सदा सुखा खाकर , मोटा कपड़ा पहन कर , कच्चे– पक्के मकानों मैं रहकर संतुष्ट रहता है।

  • भारतीय किसान की विशेषताएं और उसकी दूरवस्ता

 संतंत्र्यता के इतने वर्षो बाद भी भारत का किसान रूढ़िवादी , भाग्यवादी तथा अंधविश्वासी है। निर्धनता और अज्ञानता दोनो ही किसान के लिए अभिशाप है। कृषि के वर्षा पर निर्भर होने के कारण प्रातः वह कर्म में डूबा रहता है। धार्मिक उत्सवों तथा  परंपरा पर अपनी क्षमता से अधिक खर्च करने के कारण उसकी स्थिति और भी दर्दनीय हो जाती है।

  • सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रयत्न
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

सरकार ने भारत के किसानों की दशा सुधारने के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की है, जिसका आसतित सुपरिणाम निकाला है। अच्छी तकनीक, खाद,  बीज आदि का सरकारी सिमितियो द्वारा वितरण , शिक्षा का प्रसार तथा सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे किसानों की दशा मैं काफी सुधार  हुवा है ।

“जय जवान। जय किसान”

#निबंध : 3(350 शब्द)

भारत एक कृषिप्रधान देश हसि जहाँ की ६५% लोग खेती से जुड़े हुए है। भारतीय किसानो का भारत की अर्थव्यवस्था में १७ % योगदान है। इसलिए भारत के विकास में किसान का बहुत बड़ा योगदान है। किसान बहुत गरीब और निर्धन होते है अपनी महेनत के बल पर वो केवल अपना जीवन व्यतीत कर पते है। किसान अपने श्रम से संसार का पेट भरते है वे जीवनभर मिट्टी से सोना उत्पन्न की तपस्या करते है।

मुसल धार बारिस, तक्ति धुप ,और कड़ाके की ठंडी उसकी इस साधना को तोड़ नहीं पाते। इस समस्याओ का सामना करके वो खेतो में काम करते है और अनाज का उत्पादन करते है। किसान की कृषि ही किसान की शक्ति और भक्ति है।

भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

किसान सुबह-सुबह ही अपने काम के लिए निकल पड़ते है। और वह दिनभर खेतो में काम करता है। किसान की महेनत के कारण ही हमे सभी लोगो को सस्ता और अच्छा अनाज मिल पता है। खेत में अच्छा उत्पादन लान के लिए किसान को पैसा खर्च करना पड़ता है। कभी बीज बोना ,कभी सिंचाई , कभी खाध डालना ,तो कभी कटाई करना वह सभी काम किसान अकेला करता है। दिन-रत महेनत करके वह खेतो में अनाज का उत्पादन करता है। पर्यावरण के असंतुलन की असर कभी कभी खेतो के उत्पादन में पर होती है। अगर कभी बारिस न होने से जमीन सुखी पड़ जाये तो उनकी मुश्किले और भी बढ़ जाती है। शरीर पर धोती ,अंगरखा ,गम्छा और नंगे पैर रह कर भी दुसरो के लिए अन्न उपजना ही उसका ध्येय है।

बहुत से किसान आज भी गरीब और अशिक्षित है। वह अपने बच्चो को पढ़ाने में भी असमर्थ है। उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए भारतीय सरकार उन्हें दिन-प्रतिदिन कई सुविधाए प्रदान कर रही है। कृषि के लिए आधुनिक उपकरणों की सहायता से वह कम महेनत में ज्यादा अनाज की उपज ले पाते है। जिससे की आर्थिक स्थिति में सुधर हो रहा है। भारतीय किसान का मुख्य पेशा कृषि ही है और सहायक पेशा पशु-पालन होता है। पशु-पालन की वजह से उनके जीवन में काफी आर्थिक मदद होती है।

भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

किसान हमारी अर्थ व्यवस्था की ऱीढ़ है हमारे भारत देश की प्रगति किसानो की आर्थिक स्थिति में सुधार आने पर निर्भर है। भारतीय किसान खेत में काफी महेनत करता है फिर भी वह गरीबी रेखा में रहता है। कुछ किसान सामान्य झोपड़ी में रहते है तो कुछ किसान मिट्टी से बने साधारण मकान में रहते है।

अगर किसान नहीं होंगे तो खेती भी नहीं होगी ,खेती नहीं होगी तो उद्योग भी नहीं होंगे यानि की देश गरीब होता जायेगा। लाल बहादुर शास्त्रीजी ने “जय जवान जय किसान ” नारे से किसानो का महत्त्व बताया है। इस तरह भारतीय किसान हमारे देश को आगे बढाने के लिए बहोत महत्व पूर्ण है। इसीलिए हमे हमारे किसानो और उनकी अथाह महेनत की सराहना करनी चाहिए हमे हमारे किसानो को मान-सन्मान देना चाहिए।

#निबंध : 4(450 शब्द)

भारत के किसान ही धरती के भगवान है। ये अपने कठिन परिश्रम से अन्न उपजाकर हमे अन्न दान करते है। पुजारी मंदिर में पूजा करते है और किसान खेतो में पूजा करते है। पश्चात प्रसाद के रूप में हमे अन्न प्रदान करते है। राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी ने एक बार कहा था की भारत की संस्कृति “कृषक संस्कृति “है। गावों में ही सेवा और परिश्रम क्र अवतार किसान बासते है। ये किसान नगर वासीओ के अन्न दाता है ,सृस्टि पालक है।

भारतीय कृषक का जीवन सीधा ,सादा तथा सरल होता है। आधुनिक फैशन परस्ती से उन्हें दूर तक भी कोई रिश्ता नहीं है। ये स्वयं रुखा-सूखा खाकर कठिन परिश्रम करते है। इनके जीवन में चमक दमक तथा बनावटीपन की बु नहीं आती। ये भीतर और बहार समान दीखते , रहते है और तदनुरूप आचरण करते है।

भारतीय कृषि पर निबंध
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

इनका जीवन तथा चरित्र खुली किताब की तरह होता है जिसे आसानी से पढ़ा जा सकता है। ये बेचारा होते है। ये उस पत्थर के समान होते है जो जलते तो है लेकिन पिघलते नहीं। कड़कड़ाती ठंड से सिहरते तो है पर सिकुड़ते नहीं है। दूसरे सब्दो में हम कह सकते है की अनेक जंजावात आते है ,इन पर प्रहार करते है पर ये हर प्रहार से बेअसर रहते है। इतना ही नहीं , ये जंजावात का दटकर मुकाबला करते है। इसलिए ही भारत का कृषक जमीन से जुड़े होते है।

भारत के किसानो की स्थिति गरीब और दयनीय है। ये गरीबी में जन्म लेते है ,ये गरीबी में पलते-बढ़ते है और गरीबी में ही मर जाते है। गरीबी ही इनका ओढ़ना ,बिदोना है। अपने शरीर को ये इतना तपा लेते है की तंगदिली में भी इनके मुखकर मुस्कराहट दिखाई देती है। हल ,फाल और कुदाल ही उनके हाथ-पैर है। बैलों की जोड़ी ही इनके सच्चे मित्र है जो उनके साथ खेत में हर समय साथ जुड़ा रहता है। जो थोड़ी बहुत जमीन होती है उसीसे उनका गुजारा होता है। इनकी खेती मौसम पर निर्भर करती है। फलतः दैव्य प्रकोप होते ही इनकी रूह काप जाती है। सूखा मौसम होने पर इनके लहराते खेत जल जाते है तथा बाढ़ आने पर बह जाते है।

भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

भारतीय कृषक कम पढ़े-लिखे होते है। साक्षरता के अभाव में इन्हे कृषि के अन्यत किस्म की जानकारी नहीं हो पाति है। यह वैज्ञानिक ढंग से खेती नहीं कर पते है। अजानता और अन्धविश्वास के चलते इनका परिवार बढ़ता जाता है। पैसो के अभाव में किसान सादी विवाह के समय अपने खेत भी बेच देते है। इनकी दसा हमेशा दयनीय रहती है।

भारतीय किसानो की दसा सुधारने ,उन्हें खुशाल बनाने के लिए सरकार को फ़सल बिमा योजना चालू करनी चाहिए सहकारी बैंको से किसानो को खाद्य तथा पैसो की मदद दी जानि चाहिए। सहकारी कृषि को बढ़ावा देना चाहिए। खेती के अभाव पर कुटीर उद्योग की स्थापन करनी चाहिए। बच्चो के लिए शिक्षा का निशुलक प्रावधान किया जाना चाहिए। अन्यथा किसान रोयेगा तो भारत की आत्मा रोयेगी।

#निबंध : 5(600 शब्द)
  • प्रस्तावना

कुछ वर्षो से भारत मे एक खेती की नयी तकनीक अपनायी जा रही है I जिसे “जैविक खेती” कहा जाता हे I इसमें अनाज उत्पादन में लागत कम और अनाज उत्पादन ज्यादा होता है I

भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

खेती करने के इस तरीके में रासायनिक खाद्यो कीटनाशकों की जगह जैविक खाद्यो व जैविक कीटनाशकों का प्रयोग किया जाता है I जिससे फ़सल अच्छी गुणवत्ता वाल पैदा होती है, वह नयी तकनीक है जिसमें रासायनिक खाद्यो व कीटनाशकों का प्रयोग बजाय जैविक खाद्य, हरि खाद्य, गोबर खाद्य, गोबर गैस खाद्य, केंचुआ खाद्य का प्रयोग किया जाता है, खेती के इस नए तरीके को जैविक खेती कहा जाता है I

  • जैविक खेती का उदेश्य

जैविक खेती करने का मुख्य उदेश्य मिट्टी की उर्वरक शक्ति बनाए रखने के साथ-साथ फसलों का उत्पादन भी बढ़ाना है I वातावरण को प्रदूषण मुक्त बनाना है I मिट्टी की गुणवत्ता को कायम रखना और प्राकृतिक संसाधनों को बचाना है I मानव स्वास्थ सबंधित बीमारियों को दूर करना हैI उत्पादन को अधिक और लागत को कम करना है I

  • जैविक खेती अपनाने का कारण

जैविक खेती अपनाने का मुख्य कारण १९६६-६७ के बाद खेती के क्षेत्र मे अपनायी गयी वह पश्चिमी तकनीक जिसे “हरित क्रांति” के नाम से जाना जाता है। खेती करने के इस तरीके से ज्यादा फ़सल उगाने के लिए खेतों में अत्याधिक रासायनिक खाद्यो तथा कीटनाशकों का प्रयोग किया जाने लगा है I जिससे फ़सल तो अच्छी हुई लेकिन जमीन की उर्वरता को खत्म ही कर दिया I

भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

साथमें इसने कयी घातक बीमारिया ही पैदा करदी I इससे लोगों के स्वास्थ्य में बुरा प्रभाव पड़ता है, वातावरण प्रदुषित होता है, प्राकृति-प्रदत स्त्रोत स्वाहा हो गए । इससे भूमि की उर्वरक क्षमता बनी रहती है I और जैविक खाद्यो का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होता रहता है I

  • जैविक खेती के फायदे

जैविक खाद्यो के प्रयोग से वातावरण प्रदूषण रहित रहता है I अनेक बीमारियों से इंसान व पशु,पक्षियों का बचाव होता है I फ़सल की अच्छी पैदावार होती है I जैविक खेती के द्वारा उगाया गया अनाज उच्च गुणवत्ता का होता है, जो स्वस्थ की दृष्टि से भी उतम होता है I जैविक के द्वारा उगाये गए अनाज की कीमत ज्यादा होती है, जिससे आमदनी में बढ़ोतरी होती है यानी कम लागत में अच्छा मुनाफा I

  • मिट्टी की दृष्टि से फायदे
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi
भारतीय कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi

मिट्टी से भी जैविक खाद्य लाभप्रद है I भूमि की जल-धारण क्षमता बढ़ती है और भूमि से पानी का वाष्पीकरण कम होता है I जैविक खाद्य का प्रयोग करने से मित्रकीट भी नष्ट नहीं होते I तथा मित्रकीटों व जीवाणुओ की संख्या में बढ़ोतरी होती है। जो भूमि की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करते रहते है I भूमि में नाइट्रोजन का स्थिरीकरण बढ़ता है तथा मिट्टी का कटौती भी कम होती है I

  • पर्यावरण की दृष्टि से फायदे

जैविक खेती पर्यावरण की दृष्टि से भी लाभकारी है I इससे भूमि के जल-स्तर में बढ़ोत्तरी होती है I मिट्टी खाद्यपदार्थ और जमीन में पानी के माध्यम से होने वाला प्रदूषण भी कम होता है । खाद्य बनाने के लिए कचरे का उपयोग करने से बीमारियाँ भी कम हो जाती है I

  • उपसंहार

भारत को कृषि प्रधान देश माना जाता है I भारत में कृषि की परंपरा का इतिहास बहुत पुराना है और इस देश की ७०% जनता अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर रहती है I जैविक खेती रसायन से होने वाले दुष्प्रभाव से पर्यावरण का बचाव करती है I भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि करती है I फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी होती है I

अत: हमें खेतों में उपलब्ध जैविक साधनो की मदद से खाद्य, कीटनाशक दवा, चूहा नियंत्रण के लिए दवा इत्यादि बनाकर उनका उपयोग करना चाहिए I इन तरीकों के उपयोग से फ़सल भी अधिक मिलेगी और अनाज, फल, सब्जियां भी इस विषमुक्त और उत्तम मिलेगी I

संबधित जानकारी :

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “कृषि पर निबंध | Agriculture Essay in Hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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