रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi

प्रस्तावना

रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi : हमारे देश मैं विभिन्न त्यौहार मनाये जाते है , जैसे की दीपावली , दशेरा ,होली उनसब मै रक्षाबंधन भी एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार हिन्दू धर्म के लोग श्रद्धापूर्वक से मानते है , रक्षाबंधन प्राचीन काल से ही मनाया जाता है । इस दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती है।

रक्षाबंधन भाई बहन के बिच प्रेम का प्रतिक है। इस त्यौहार को सभी लोग खुसीसे मनाते है। हमारे यहाँ एक ऐसा त्यौहार है जिसमे भाई अपनी बहन को उसकी रक्षा का वचन देता है। रक्षाबंधन एक धागा ही नहीं बल्कि विश्वास एवं कर्त्तव्य का प्रतिक है जैसे की हम सभी लोग जानते है। यह त्यौहार बस एक वचन तक सिमित नहीं है बल्कि भाई अपनी बहन की हर ख़ुशी का ख्याल रखता है।रक्षाबंधन के अवसर पर बाजार में बहोत रौनक रहती है। आज के समय में बाजार में रंगबेरंगी राखियो से बाजारकी रौनक और बढ़ जाती है। लोग तरह-तरह की राखियो को खरीदते है और भाई अपनी बहन के लिए उपहार भी लेते है।

रक्षाबंधन का अर्थ :

रक्षाबंधन का अर्थ ‘रक्षा करने वाला ‘ अर्थात बहन के द्वारा भाई को बाँधा गया धागा ” रक्षा-सूत्र ” है , भाई अपनी बहन को रक्षा करने का वचन देता है। इस दिन बहने अपने भाइयो को सूत की राखी बांध कर अपने जीवन की रक्षा का उत्ततरदायित्व उन पर सोंपती है।

रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi

रक्षाबंधन कब मानते हैं ?

भारतीय धर्म संस्कृति अनुसार रक्षाबंधन का यह त्यौहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसलिए इसे “श्रावणी ” भी कहते है।इस दिन बहन अपने भाई के मस्तक पर टीका मांगकर के उन्हें रक्षा के बंधन में भांडती है , जिसे राखी कहते है और भाई अपनी बहन के पैर छूकर आशीर्वाद लेते है इसमें बहन अपने भाई की तरक्की होने आर्शीर्वाद भी देती है। भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है , इस प्रकार से यह त्यौहार भाई बहन को स्नेह की डोर से बांधता है।

रक्षाबंधन कैसे मानते हैं ?

रक्षा बंधन के दिन सभी लोग अपने-अपने घरो में सबसे पहले एक रंगोली बनाते है। उस रंगोली के पास भाई और बहन बैठते है , फिर बहन भाई को रोली और चावल से तिलक लगाती है। बहन भाई को राखी बांधती है और मिठाई खिलाकर कर पानी पिलाती है। फिर भाई अपनी बहन के पैर छूकर आशीर्वाद लेता है और भाई अपनी बहन को उपहार अवश्य देते है। इस तरह से रक्षा बंधन मानते है और घर पर बहोत सी मिठाईया बनती है। सभी लोग रक्षा बंधन मनाने बाद मिल-जुलकर मिठाईया खाते है।

रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi

यदि हम लोग रक्षाबंधन के त्योहार पर गांव पर आरक नजर करे तो पाएंगे की इस त्यौहार पर गांव में अत्याधिक ख़ुशी होती है। क्युकी गांव में बड़े परिवार होते है और जब बहने राखी बांधती है तो भाइओ के पुरे हाथ में राखी ही राखी दिखाई देती है जिसके कारण भाईओ का राखी भरा हाथ बहोत ही सुंदर लगता है तो इसप्रकार से रक्षा बंधन का त्यौहार हर्ष एवं उल्लास से मनाया जाता है।

रक्षाबंधन क्यों मानते है ?

रक्षाबंधन के पीछे कथाए प्रचलित है जो की निम्न लिखित है : –

पौराणिक कथा :

यह कथा बहुत प्रसिद्ध है , एक बार राजा बलि अपने यग्न पूर्ण करके उसने स्वर्ग पर अपना अधिकार करने का प्रयत्न किया। यह सब देखकर देवराज इन्द्र ने भगवन विष्णु जी के पास जाकर उनसे मदद के लिए कहा और भगवन विष्णु से प्रार्थना की – “प्रभु आज स्वर्ग में जो विपत्ति आयी है कृपया उसका समाधान करे ” फिर भगवान विष्णु ने वामन ब्राह्मण का रूप बनाकर राजा बलि के पास गए और राजा बलि से भिक्षा मांगी। ब्राह्मण जी ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी , राजा बलि बहुत अभिमानी व्यक्ति था , राजा बलि ने अपने गुरु के मना करने के के बाद भी तीन पग भूमि दान कर दी , फिर भगवान विष्णु ने सारा धरती आकाश नाप करके राजा बलि को पाताल भेज दिया। राजा बलि ने अपनी भक्ति के बल से भगवान विष्णुजी को अपने सामने रखने का वचन ले लिया , यह सब देखकर लक्षमी जी चिंतित हुयी।

लक्ष्मी जी परेशान होकर नारदजी के पास गयी और उन्हें सब बताया फिर नारदजी ने लक्ष्मीजी को सलाह दी। लक्ष्मी जी बलि के पास गयी और राजा बलि को रक्षा सूत्र बांधकर उसे अपना भाई बना लिया और भेट स्वरूप लक्ष्मीजी ने विष्णुजी को माँगा। इसप्रकार से लक्षमी जी विष्णुजी को अपने साथ ले आई। जिस दिन लक्ष्मी जी ने रक्षा सूत्र बांधा था उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी।

ऐतिहासिक कथा :

एक बार की बात है मेवाड़ कि रानी कर्मावती थी। कर्मावती बहुत ही अच्छे स्वभाव की स्री थी। वह एक वीर यौद्धा थी। वह अपने राज्य की जनता के लिए बहुत कुछ करती थी और उन सभी लोगो की रक्षा करती थी। फिर एक दिन रानी कर्मावती को सुचना मिली की उसके राज्य पर बहादुर शाह मेवाड़ पर आक्रमण करने वाला है।

रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi

रानी को बहुत चिंता हुई और वह अपने राज्य के बारेमे सोचने लगी ,रानी को कोइ उपाय नहीं मिला तो रानी ने मुग़ल बादशाह हुमायु को भेट स्वरुप राखी भेजी और कहा भाई मेरी रक्षा करो। हुमायु अपनी सेना के साथ में बाढ़ पर पहुँच गया और वहफिर वह पर उसका युद्ध बहादुर शाह से हुवा। इसप्रकार से हुमायु ने कर्मावती की रक्षा की।

महाभारत में राखी की कथा :

महाभारत में भी एक कथा प्रसिद्ध है जो राखी मनाने के बारेमे बताती है, जब श्री कृष्ण जी ने अपने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया।तब कृष्ण जी की उंगली में भी चोंट आ गई। तब उस समय द्रौपदी अपनी साड़ी फाड़ कर कृष्ण की उंगली में बांधी तब कृष्ण जी ने द्रौपदी को वचन दिया कि वह भी उसकी रक्षा करेंगे, जिस दिन द्रौपदी ने उंगली में साड़ी बांधी थी उसदिन श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था।

रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi

अंत: हम यह कह सकते हे कि रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम, विश्वास एवं रक्षा का प्रतीक है। एक भाई अपनी बहन की रक्षा कर्ता है जब हमने रक्षाबंधन के बारेमे प्रसिद्ध कथाएं पढ़ी तो जाना कि इसका महत्व कितना ज्यादा है, यह एक धागा ही नहीं बल्कि रक्षा-सूत्र है जो बहोत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जिस प्रकार से भाई अपनी बहन की रक्षा करता है उसी प्रकार से हमे एक और रक्षा करने का वचन लेना चाहिए, हमे वृक्ष की रक्षा करने का वचन लेना चाहिए, हम सभी लोग को वृक्ष की रक्षा करनी चाहिए और ज्यादा से ज्यादा मात्रा मे वृक्ष लगाने चाहिए ताकि हम अपने पृथ्वी को सुरक्षित रख सके और आने वालि पीढ़ी को एक सुरक्षित पर्यावरण दे सके।

Short Raksha Bandhan Essay in Hindi

  • रक्षाबंधन हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहारों में से एक हैं , जो पुरे भारत में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।
  • यह त्यौहार सावन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
  • इस त्यौहार के राखी के त्यौहार के नाम से भी जाना जाता हैं।
  • यह त्यौहार भाई-बहन के प्यार का प्रतिक है।
  • इस दिन सभी बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उन्हें मिठाई भी खिलाती है उपरांत उसकी लम्बी उम्र की दुआ भी करती है।
  • इस दिन भाई अपनी बहन को आजीवन रक्षा करने का वादा और सौगात देते है।
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
  • बहने पूजा की थाली को कुमकुम , दिया , मिठाई और राखी से सजाती हैं।
  • रक्षाबंधन से पहले बाजार में कई अलग अलग तरह की रखिया मिलती है।
  • सभी घरो में स्वादिष्ट पकवान और मिष्ठान बनाए जाते है।
  • रक्षाबंधन त्यौहार समाज में शांति और भाईचारे का संदेश फैलता है।
Raksha Bandhan Essay in Hindi

रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Short Essay in Hindi

  • रक्षाबंधन हिन्दुओ का प्रसिद्ध त्यौहार है।
  • रक्षाबंधन के राखी का त्यौहार भी कहा जाता है।
  • यह त्यौहार भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्यौहार है।
  • यह त्यौहार सावन महीने की पूनम को मनाया जाता है।
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi
  • रक्षाबंधन का अर्थ है – “रक्षा का बंधन”।
  • यह त्यौहार भारत देश में उत्साह से मनाया जाता है।
  • इस दिन भाई-बहन अपने भाई के माथे पर टिका लगाकर उसकी कलाई पर राखी बांधती है।
  • भाई भी अपने बहन को हर मुसीबत से बचाने का वचन देता है।
  • इस दिन भाई-बहन भाई के स्वास्थ्य , समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना करती है।
  • यह त्यौहार भारत देश की संस्कृति और परंपरा का अमूल्य त्यौहार है।

Raksha Bandhan slogan :

सबसे प्यारा भाई-बहन का नाता ,
रक्षाबंधन का त्यौहार खुशिया ले आता।
कच्चे सूत धागे का अटूट बंधन ,
भाई-बहन का पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन।
बहन ने भाई के हाथो में बांध कर डोरी ,
रस्मो और नातो से अपनी दुनिया जोड़ी।

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मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , निबंध , कविताए , भाषण और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “रक्षाबंधन पर निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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