7+ Best Motivational Story in Hindi

नमस्कार! , inkhindi पर आपका स्वागत हैं।इस आर्टिकल में हम Motivational Story in Hindi के बारे में बात करने वाले हैं। जीवन में प्रेरणादायक कहानियों (Motivational Story In Hindi) का  एक अलग ही महत्त्व है। जीवन में अक्सर ऐसे क्षण आते हैं, जब हम स्वयं को निराशा के भंवर में फंसा पाते हैं। ऐसे में किसी के बोले गए प्रेरक शब्द या कहीं लिखे प्रेरक वाक्य या फिर प्रेरणादायक कहानियाँ (Inspirational Story In Hindi) हमें निराशा के उस भंवर से बाहर निकालकर नए जोश का संचार करती हैं। 

#1 . World’s Most Peaceful Painting – Motivational Story in Hindi

एक बार की बात है एक बहुत बड़ी आर्ट गैलरी ने कॉन्टेस्ट डिक्लेर किया। उसमें उन्होंने एनाउंस किया कि , जो भी पेन्टर शांति को डिपेक करने वाली वर्ल्ड की सबसे अच्छी पेंटिंग बनाएगा उसको 10 मिलियन डॉलर का इनाम मिलेगा। यह बात पूरी दुनिया में फैल गई और पूरी दुनिया से हजारों पेन्टर्स ने उस कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेंट करने के लिए अपनी अपनी पेन्टिंग्स भेजी। उन हज़ारो पेंटिंग्स मे से उस प्रोग्राम के निर्णायक ने १०० पेंटिंग्स को सेलेक्ट किया। उस सभी पेंटिंग्स की एक्सहिबिशन लगाई गई।

उस बड़े प्रोग्राम में पैन्टेर्स के आलावा मिडिया वाले लोग भी बैठे हुए थे , साथ ही कई सारी संख्या में लोग भी उपस्थित थे। क्योंकी इनाम इतना बढ़िया था इस लिए सबका मन ये जानने ले लिए उतसुख था की कौन जीतेगा। सभी के मन में कई सारे प्रश्न थे “कैसी होगी वो पेंटिंग!!” “इतना बड़ा इनाम किस पेन्टर को मिलेंगा!!” सभी सेल्क्ट की गई पेंटिंग्स अच्छेसे सजाई हुई थी।

World’s Most Peaceful Painting – Motivational Story in Hindi

जहा पर कई सारी पेंटिंग के पास लोगो की भीड़ जमा हुई थी। सभी पेंटिंग्स स्तब्ध कर दे ऐसी थी जिसको देख कर मन शांत हो जाए। प्रत्योगिता बहुत ही कठिन थी क्योंकी सभी पेंटिंग्स एक से बढ़ कर एक थी। यहाँ तक की निर्णायक भी समझ नहीं पा रहे थे की कौन सी पेंटिंग सबसे अच्छी और बढ़िया हैं। आखिर में वो समय आ ही गया , निर्णायक ने एक पेंटिंग सेलेक्ट किया और उसको अच्छी जगह पर शुशोभित कर दिया। सभी लोग , पेन्टर्स और मीडिया वाले लोगो की आतुरता बढ़ती ही जा रही थी क्यों की इनाम इतना बड़ा था।

World's Most Peaceful Painting - Motivational Story in Hindi
World’s Most Peaceful Painting – Motivational Story in Hindi

पर्दा हटते ही सब लोग हैरान रह गए क्यों की उस पेंटिंग इतना ज्यादा शांति को डिपिक नहीं कर रही थी। सबको लगा की सायद उस आयोजनकर्ता या फिर निर्णायक से कोई गलती हुई हैं इसी लिए , उस मे से कई पैन्टेर्स मिल कर उस आयोजनकर्ता के पास गए और उनसे पूछा , “क्या ये कोई गलती हैं!! गलती से आपने कोई गलत पैंटिंग तो वह पर नहीं रख दिया” कार्यक्रम के ओनर ने मुस्कुराकर कहा ,”नहीं, ये पेंटिंग बिलकुल ठीक है निर्णायक ने ही इसे पसंद किया हैं , और यही पेंटिंग को आज का इनाम दिया जाएगा” सारे चित्रकार यह जवाब सुन कर गुस्सा हुए , और उस ओनर पर चिल्लाने लगे। यह देख कर मिडिया वाले उस ओनर के पास गए और सभी अलग अलग प्रश्न करने लगे।

World's Most Peaceful Painting - Motivational Story in Hindi
World’s Most Peaceful Painting – Motivational Story in Hindi

फिर से वो आयोजनकर्ता मुस्कुराया और कहा , “मुझे कुछ कह ने से पहले आप इस पेंटिंग को ध्यान से देखिए , थोड़ा पास से देखिए सायद आपको कुछ ऐसा नजर आये जो दूर से नजर न आ रहा हो!! , क्युकी आप सबने एक चीज तो देख ली की , इस पेंटिंग में आंधी हैं , तूफान हैं , कुछ तहस-नहस हो रहा हैं , आसमान में बिजली कड़क रही है , काले बादल है , यह सब तो आप ने देख लिया लेकिन एक चीज नहीं दी , इस पेंटिंग में एक घर भी है उस घर में एक छोटी सी खिड़की है जहां पर एक आदमी खड़ा हुआ है ध्यान से जा कर के देखिए वो जो आदमी खड़ा है और जिस तरह से बहार देख रहा है , उसके चहेरे पर कोई डर नहीं बल्कि हलकी सी मुस्कान हैं , एक ठहेराव हैं , सुकून हैं और यही है शांति का असली अर्थ।”

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साथ ही ओनर ने विस्तृत में बताते हुए कहा , “असली शांति वो है जो हम महसूस करे , अंदर से शांत होना आवश्यक हैं , मन शांत होना जरूरी हैं। जिसका मन शांत नहीं हैं।क्युकी जिसका मन शांत नहीं उसे आप चाहे जितनी भी सुंदर जगह पर जा कर बिठा दो , वह पर भी वो दुखी ही रहेगा” दूसरी तरफ से जिसका मन शांत हो फिर चाहे बहार जो भी हो रहा है भी वातावरण हैं , चाहे उसके आसपास सब कुछ तहस-नहस हो रहा हो लेकिन वो अंदर से बिलकुल शांत रहेगा और यही हैं शांति का असली मतलब।

बोध : बाहरी दुनिया के सुखो भोग एवं विलाश से सिर्फ तन को शांति मिलती हैं , असल में इंसान भीतर की शांति को प्राप्त कर ले फिर हमेशा आनंदित रहता हैं।

#2. अपने आप से प्यार करना सीखो – Motivational Story in Hindi

एक बार की बात है एक छोटे से गांव में आदमी रहता था , उसके घर के पास एक पहाड़ था। जहा पर वो रोज सुबह सेर करने के लिए जाता था। उस पहाड़ पर वो थोड़ी देर के लिए बैठता और वापस आ जाता। रोज की तरह जो सुबह सुबह जा रहा था।

अपने आप से प्यार करना सीखो - Motivational Story in Hindi
अपने आप से प्यार करना सीखो – Motivational Story in Hindi

पीछे से छोटा सा बेटा आया और उसका हाथ पकड़ कर बोला “में भी आपके साथ चलूँगा” आदमी ने अपने बेटे को थोड़ा सा समझाया , मना किया “रास्ता बहुत छोटा और चढ़ाई बहुत ज्यादा है तुम मेरे साथ नहीं चल पाओगे फिर बेटे ने जिद की तो पिता मान गए” दोनों पहाड़ की ओर चल पड़े। पिता ने अपने बेटे का हाथ पकड़ लिया। पहाड़ और खाई के बिच में से होकर पर्वत की चोटी की तरफ जा रहे थे।

तभी रास्ते में एक बड़ा सा पत्थर आया। बच्चे के पिता इस रस्ते से वाकिफ थे इस लिए साइड से हो कर निकल गए। लेकिन बच्चे का ध्यान कही और था , और इतने उसका पैर पत्थर से टकराया। बच्चे के मुँह से चीख निकल गई। जैसे ही वो चीखा उसकी आवाज़ उन पहाड़ो में गूंजने लगी , इस से पहले बच्चे ने कभी भी अपने आवाज़ की गूंज नहीं सुनी थी। आवाज सुन कर वो थोड़ा सा घभराया , उसे समाज नहीं आया की क्या हो रहा हैं!! उसे लगा की सायद कही कोई हैं जो मेरा मज़ाक उड़ा रहा हैं। उस बच्चे ने बोलै “कौन हो तुम!” फिर से गूंज सुनने के बाद बच्चे को गुस्सा आया। फिर उसने गुस्से से कहा में तुम्हे छोडूंगा नहीं। फिर जैसे ही गूंज को सुना वो गभरा गया। उसने अपने पिता का हाथ कस के पकड़ लिया और पूछा “कौन हैं ये! जो मुझे इतना तंग कर रहा हैं!” उसके पिता थोड़े से मुस्कुराए और खाई की ओर देख कर जोर से बोलै “में तुमसे बहुत प्यार करता हु”

अपने आप से प्यार करना सीखो - Motivational Story in Hindi
अपने आप से प्यार करना सीखो – Motivational Story in Hindi

ये सुनकर बच्चा हैरान हो गया , उसे समझ नहीं आया की जो मेरा मजाक उडा रहा हैं वो उसके पिता को बोल रहा हैं की में तुजसे प्यार करता हु। उसके पिता ने अपने बेटे की ओर देखा और वो समझ गए की उसके मन में क्या चल रहा हैं। फिर दुबारा बोलै “तुम बहुत अच्छे हो” ये सुनकर बच्चा मुस्कुराया और अपने पिता से पूछा “ये क्या हो रहा हैं” फिर उसके पिता ने अपने बेटे को समझाया ,”ये आवाज जो तुम सुन रहे हो वो किसी और की नहीं , परन्तु तुम्हारी आवाज है जो की पहाड़ो में गूंज रही हैं और तुम्हे अपनी ही आवाज सुनाई दे रही है” अगर गुस्से से कहोगे तो सामने गुस्सा आएगा और प्यार से बोलोगे तो प्यार से सुनाई देगा।

बिलकुल ऐसा अपनी जिंदगी में भी होता हैं , जैसा तुम अपने मन में इस जिंदगी के बारे सोचते हो ये ज़िंदगी तुम्हारे लिए बिलकुल वैसी ही हो जाती हैं। अगर तुम मन ही मन अपने आप से बोलते रहोगे की मेरी ज़िंदगी बुरी हैं , तो वो सच में बुरी हो जाएगी। अगर तुम अपनी ज़िंदगी से प्यार करो तो तुम्हारी जिंदगी भी तुम्हे प्यार करने लगेगी। ये बात उस बच्चे के दिमाग में फिर वापिस पहाड़ की और चल पड़े लेकिन बच्चे के दिमाग में बात घूम रही थी। फिर बच्चा खूब हँसा , अपने दोनों हाथ खोले और पूरी ताकत से बोलै “में तुमसे बहुत प्यार करता हु”

बोध :  जिंदगी में सब कुछ सही करने के लिए अपने आप से प्यार करना सीखो , जिंदगी अपने आप अच्छी हो जाएगी।

#3. अपनी नज़र को बदलो – Motivational Story in Hindi

एक बार की बात हैं , एक बहुत बड़ा नेता एक साधु की छोटी से आश्रम में गया। क्योंकि उसने उस साधु के बारे में बहुत सुना था। उसे साधु से मिलने की इच्छा हुई और उसके मन में आया कि मैं एक बार जा करके देखता हूं कि , लोग इतनी तारीफ क्यों करते हो उसकी तो जब वह साथ में गया तो वहां पर एक छोटा सा कमरा था।

अपनी नज़र को बदलो - Motivational Story in Hindi
अपनी नज़र को बदलो – Motivational Story in Hindi

जहां पर एक कालीन बिछा हुआ था वहां पर कुछ लोग नीचे बैठे हुए थे।और साधुजी सामने बैठे हुए थे। वहा पर कुछ सवाल जवाब चल रहे थे जैसे ही वह अंदर गया वह अकेला नहीं था , उसके साथ में चार बॉडीगार्ड भी थे। और उसको ये आदत थी कि , जहां पर भी हो जाता था “लोग अपनी जगह से खड़े हो जाते थे , उसकी तरफ देखते थे , हाथ जोड़ते थे , अपना सर झुकाते थे लेकिन यहां पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ” साधु ने उसकी तरफ देखा तक नहीं क्योंकि वह साधु किसी के सवाल का जवाब दे रहे थे। लेकिन नेता को इस बात पर गुस्सा आ गया। नेता को लगा ये मेरी बेइज्जती है। उस नेता ने साधु की बात को बीच में ही काटते हुए , थोड़ा गुस्से से कहा “मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूं” साधु ने उसकी तरफ देखा और बोले “आप थोड़ी देर रुकिए। पहले मे इनके सवाल का जवाब देलू उसके बाद में आपसे बात करूंगा। तब तक अगर आप चाहे तो बैठ सकते हैं। साधु का उत्तर सुन कर नेता का चेहरा गुस्से से लाल हो गया , फिर उसने अपना सारा गुस्सा उस साधु पर निकाल दिया। अब वो नेता साधु का मान खो कर बुलाने लगा।

नेता ने साधु से कहा , “तुझे पता भी है मैं कौन हूं! और तू किससे बात कर रहा है! साधु ने उसकी तरफ देखा और कहा मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं लेकिन आप जो कोई भी है अगर आप चाहते हैं कि मैं आपके सवाल का जवाब दूं , या आपसे बात करूं तो आपको कुछ देर रुकना होगा। साधु की यह कहते हैं नेता गुस्से से पागल हो गया। वहीं सबके सामने चीखने चिल्लाने लग गया , अब मैं तुझे तेरी औकात दिखाता हु! तूने मुझसे पंगा ले करके ठीक नहीं किया। तुझे पता भी है मैं तेरे बारे में सोचता हूं! साधु ने फिर से उसकी तरफ देखा और कहा मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि , आप मेरे बारे में क्या सोचते हैं आप जो चाहे वह मेरे बारे में सोच सकते है।

अपनी नज़र को बदलो - Motivational Story in Hindi
अपनी नज़र को बदलो – Motivational Story in Hindi

तुम मुझे सुनना चाहता है या नहीं लेकिन मैं तुझे बताऊंगा तू बहुत ही घटिया इंसान है। तू कोई साधु नहीं है तू एक ढोंगी और पाखंडी। और यहां पर जितने भी लोग बैठे हैं उस सबको बेवकूफ बना रहा है।

तेरा बस एक ही मकसद है , इन लोगों की जेब में जितना भी पैसा है वह सब तेरे पास पर आज तो अपने फायदे के लिए इन लोगों का इस्तेमाल कर रहा हैं। और अब मैं तुझे नहीं छोड़ने वाला तेरा पर्दा उठा कर रहूंगा इस पूरी दुनिया के सामने। लेकिन नेता का इतना बोलने के बाद भी उस साधु के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान बनी ही रही।

नेता बोलै , अब बहुत हुआ अब मैं 1 मिनट भी नहीं रुकने वाला लेकिन अभी भी तेरे पास मौका है अगर मुझसे माफ़ी मांगनी है या मुझसे कुछ कहना है तो कह सकता है। इतना सब होने के बाद भी साधु बिलकुल शांत थे। चेहरे पर एक मुस्कान थी। उन्होंने हाथ जोड़ें और कहा कि मुझे आप से कोई गिला शिकवा नहीं है मेरे मन में आपके लिए कोई भी गलत ख्याल नहीं जो भी आपने मेरे बारे में कहा आपकी सोच थी तो मुझे आप में कोई भी बुराई नजर नहीं आती। मुझे आप एक बहुत ही भले इंसान लगते हैं। और साधु के इतना कहते ही , नेता जी का दिमाग सातवे आसमान पर पहुंच गया। उनके चेहरे पर एक अजीब सी खुशी थी। की उस साधु ने वही कहा जो बाकी सब लोग उस नेता को कहते हैं। खुशी-खुशी आश्रम से अपने घर की तरफ चला गया। अपने पिताजी को सारी बात नेता ने विस्तार से बताई।

अपनी नज़र को बदलो - Motivational Story in Hindi
अपनी नज़र को बदलो – Motivational Story in Hindi

सारी बात सुनने के बाद उनके पिता मुस्कुराए और अपने बेटे को देख करके बोले , कि उन्होंने तुम्हारी तारीफ नहीं करी क्योंकि उन्होंने वह कहा कि जो वह खुद है और तुमने जो भी कुछ उनको कहा वो साधु नहीं बल्कि तुम खुद हो। यही बात वेदो में भी कही गई है “यथा दृष्टि तथा सृष्टि” यह दुनिया तुम्हें वैसी नहीं दिखती है जैसी की दुनिया है यह दुनिया तुम्हें ऐसी दिखती है , जैसे तुम खुद हो। जिसकी नजर जैसी है उसके लिए यह दुनिया वैसी ही है। तो अगर तुम अपनी दुनिया को बदलना चाहते हो तो उसका सिर्फ एक तरीका है अपनी नजर को बदलो।

बोध : दुनिया को देखने का नजरिया सही हो तो सब कुछ अपने आप सही हो जाता हैं।

#4. जब भी गुस्सा आये तो यह बात याद रखना – Motivational Story in Hindi

ये कहानी हे एक छोटी सी बच्ची की जिसको बहुत गुस्सा आता था। बात-बात पे गुस्सा आता था। कई बार तो कुछ चीजे जमीन पर फेक देती थी उसके माँ-बाप इस बात को लेकर बहुत चिंतित रहते थे। उनको ये समज नहीं आ रहा था की , वो क्या करे। उन्होंने बहुत कोशिश की अपनी बच्ची को समजने की।एक बार उसकी माँ ने यह बात उसकी टीचर से बताई क्यों की टीचर ही एक ऐसी थी जिसकी वो बात सुनती थी।

उस टीचर ने उनकी माँ की बात सुनी और उसे कहा की , आप चिंता मत करो। आने वाले कुछ दिनों में ही आपकी बच्ची का गुस्सा गायब हो जाएगा। दूसरे दिन वो टीचर आयी क्लास सुरु ही होने वाली थी। उसकी टीचर ने उस बच्ची से कहा , आज हम पढाई नहीं करेंगे , आज हम एक गेम खेलेंगे। यह सुनकर बच्ची खुस हो गयी। फिर टीचर उस बच्ची के साथ घर के पीछे एक दीवार के पास जा कर खड़ी हो गई। और उस टीचर ने उस बच्ची से कहा , गेम ये हैं की “अब जब भी तुम्हे गुस्सा आये तुम्हे एक खिल्ली लेनी हैं और यहाँ आकर इस दीवार पर गाड़ देनी हैं। फिर उस बच्ची ने टीचर से पूछा इस से क्या होगा!! टीचर ने कहा जब ये गेम ख़तम होगा तभी तुम्हे एक इनाम मिलेगा।

जब बच्ची को गुस्सा आता था , वो जाकर एक खिल्ली उस दीवार पर गाड़ देती थी। पहले ही दिन उस दीवार पर उस दीवार पर १० खिल्ली हो गई। लेकिन उन खिल्लिओ को गाड़ ने के लिए उसे बार बार पीछे जाना पड़ता था , तो उसके दिमाग में आया की , जितनी महेनत में इस खिल्ली गाड़ ने में लगाती हु उससे कम महेनत में अपना गुस्सा में कंट्रोल कर सकती हु।

जब भी गुस्सा आये तो यह बात याद रखना - Motivational Story in Hindi
जब भी गुस्सा आये तो यह बात याद रखना – Motivational Story in Hindi

अगले दिन ८ खिल्ले गड़े , फिर ७ फिर ५ , फिर एक दिन ऐसा आया की उसे एक भी बार गुस्सा न आया , और उस दिन एक भी खिल्ली उस दीवार में नहीं थी। बच्ची बहुत खुश होकर अपने टीचर के पास गई और सारी बात उसे बताई , आज मुझे एक भी बार गुस्सा नहीं आया इस लिए आज की एक भी खिल्ली उस दीवार पर नहीं हैं।

क्योंकि मुझे आज एक बार भी गुस्सा नहीं आया है तो मैंने उसको थोड़ी सी शाबाशी दी और मैं उसके साथ में उस दीवार के सामने जाकर के खड़ी हो गई अब टीचर उस बच्ची को कहा कि , गेम अभी खत्म नहीं हुई। अब तुम्हें क्या करना है कि जिस भी दिन तुमको बिल्कुल भी गुस्सा नहीं आता है उस दिन के एंड में तुम एक खिल्ली को इस दीवार से निकाल दोगी। तो बच्ची ने वैसा ही किया लेकिन क्योंकि किले बहुत ज्यादा थी तो १ महीने से भी ज्यादा टाइम लग गया उन सारी चीजों को बाहर निकलने में।

लेकिन एक दिन ऐसा भी आया जब सारी खिल्लिया उस दीवार से बाहर निकल गई , फिर बच्ची बहुत ही खुश हो कर अपने टीचर के पास गई और जाकर बोली की अब उस दीवार पर एक भी खिल्ली नहीं हैं। तो उसकी टीचर उस बच्ची के साथ उस दीवार के सामने जाकर खड़ी हो गई। उसने देखा की एक भी चीजे नहीं बची हे दीवार में।

जब भी गुस्सा आये तो यह बात याद रखना – Motivational Story in Hindi

फिर बच्ची को उसकी फवोरिट चॉकलेट गिफ्ट की , और बोलै की तुम इस गेम को जित गई हो। बच्ची बहुत ही खुश हो गई फिर टीचर ने उस बच्ची से पूछा ,”क्या तुम्हे इस दीवार पर कुछ नजर आ रहा हैं?” बच्ची ने कहा , “नहीं , इस पर कुछ भी नहीं हैं सारी चीजे निकल चुकी हैं”। तो उस टीचरने कहा “एक बार ध्यान से देखो शायद खुश नजर आये”।

बच्ची ने ध्यान से देखा और कहा , “उस खिले के निशान मुझे नजर आ रहे हैं” फिर उसकी टीचर ने बच्ची से कहा जैसे तुमने इस दीवार में खिले गाड़ी हैं , उस खिले को तो तुमने निकाल लिया लेकिन उस निशान को नहीं मिटा सकती। ठीक इसी तरह से होता हैं , “जब तुम गुस्सा करती हो, जब तुम आपने माँ-बाप पर गुस्सा करती हो तब उनके दिल पर चोट लगती हैं , बुरा लगता हैं वह पर एक निशान रह जाता हैं उस निशान को तो फिर तुम चाह कर भी हटा नहीं सकती” ये बात सुनकर बच्ची को अपनी गलती का अहसास हुआ वो भाग कर गई और अपनी माँ को गले लगा लिया। अपनी माँ से कहा “माँ! में आज के बाद आप पे कभी गुस्सा नहीं करुँगी , मुझे समज आ गया हैं की मेने क्या गलती की है” उस दिन के बाद बच्ची ने कभी गुस्सा नहीं किया।

बोध : अपने माँ-बाप को कभी ठेस पहुंचे ऐसा काम नहीं करना चाहिए।

#5. जब दिल दुखी हो तो इसे सुनो! – Motivational Story in Hindi

एक बार एक लड़की ने एक एंट्रेंस एग्जामिनेशन को क्रेक करने की बहुत कोशिश की। बहुत मेहनत करी , लेकिन उसके बाद भी लड़की उसको क्रेक नहीं कर पाए। जिसकी वजह से वह अंदर से पूरी तरह से टूट गई। बहुत परेशान रहने लग गई रहने लग गई। उसके पिता से अपनी बेटी की हालत देखी नहीं गई फिर उन्होंने एक दिन अपनी बेटी को बुलाया और उन्होंने अपनी बेटी को कहा कि तुम मेरे साथ एक बार किचन में चलो मुझे तुम्हें कुछ दिखाना है। किचन में पहले से ही उन्होंने गैस के ऊपर तीन बाउल रखे हुए थे।

फिर उन्होंने उन तीनों बाउल के अंदर पानी भरा। एक के अंदर कुछ आलू डालें , एक के अंदर कुछ अंडे और एक के अंदर कोफ़ी डाली और उसको उबलने के लिए छोड़ दिया उसके बाद में 5 मिनट हो गए ,10 मिनट हो गए , 20 मिनट हो गए और वो वहा अपनी बेटी के साथ खड़े रहे और उसको देखते रहे। बेटी ने फिर आश्चर्य से पूछा , “बाबा आप ये क्या कर रहे हो!” उसके पिता ने कहा की , बस अभी एक मिनिट रुको सब समज आ जाएगा। फिर पहले बाउल में से आलू निकले और एक प्लाट में रख दिए। इसी तरह अंडे और कोफ़ी को भी अलग बरतन में निकल लिया।

फिर अपनी बेटी से प्रश्न पूछते हुए कहा , “बेटी तुम्हे क्या दिख रहा है!!” बेटी को थोड़ा गुस्सा आ गया और उनके बाबा को उत्तर देते हुए कहा , “इसमें देखना क्या हैं , एक में आलू , अंडे और कोफ़ी हैं”

जब दिल दुखी हो तो इसे सुनो! - Motivational Stories
जब दिल दुखी हो तो इसे सुनो! – Motivational Stories

उनके पिता ने हसकर कहा एक बार इनको छू कर देखो सायद तुम्हे मेरा मतलब समज आये। उसने आलू को लिया और दबाया तो वो बिलकुल सॉफ्ट हो चुके थे।

जब दिल दुखी हो तो इसे सुनो! - Motivational Stories
जब दिल दुखी हो तो इसे सुनो! – Motivational Stories

फिर उनके पिता ने अंडे को तोडा तो वो हार्ड थे। बाद मे उस कोफ़ी के कप को उठाकर बच्ची के हाथ में दिया और कहा एक बार इसे सूंघ कर देखो।

जब दिल दुखी हो तो इसे सुनो! - Motivational Stories
जब दिल दुखी हो तो इसे सुनो! – Motivational Stories

कोफ़ी को सूंघते ही उस बच्ची के मुँह पर एक मुस्कान आ गई। उनके पिता ने बात की गहराई बताते हुए कहा की , “तुमने एक बात नोटिस की ये तीनो ही एक ही परिस्थिति में थे फिर भी तीनो ने अलग अलग रिस्पोनड दिया। आलू पहले बहुत हार्ड थे लेकिन गर्म पानी में जाने के बाद बिलकुल सॉफ्ट हो गए। अंडे गरम पानी में जाने से पहले अंदर से बहुत ही कमजोर थे , लेकिन गर्म पानी में रहने के बाद में स्ट्रोंग हो गए। तीसरी थी कोफ़ी , उसने गर्म पानी में जा कर खुद को नहीं बदला परन्तु उस पानी को ही बदल दिया”।

बिलकुल इसी तरह से हमारी ज़िंदगी में भी होता हैं। तुम्हारे ऊपर हैं की तुम इन तीनो मे से क्या बनना चाहते हो।
१ ). आलू जैसा यानि की तुम्हारे जीवन में कुछ मुश्केली आये तो तुम अंदर से टूट जाओ , यानि की कमजोर पर जाओ।
२ ). अंडे के जैसा यानि की जीवन में जैसे कोई मुश्केली आये तो तुम अंदर से और मजबूत हो जाओ।
३). या फिर कोफ़ी के जैसा , ” जब तुम्हारी जिंदगी में कुछ मुश्केले आये तो सिर्फ उसका सामना ही नहीं परन्तु तुम अपनी ज़िंदगी ही बदल दो”।

बोध : जिंगदी की किसी भी परीक्षा में हमेशा बेखौफ हो कर सामना करना चाहिए और ज़िंदगी को ही बदल देना चाहिए।

#6. पत्नी की सजा Motivational Story in Hindi

परम शक्तिशाली और यशस्वी एक प्रतापी राजा था। उसका नाम नंद था। उसके मंत्री का नाम वररुचि था। वह सभी शास्त्रों का ज्ञाता और विचारक था। वह अपनी पत्नी को बहुत चाहता था। एक बार किसी बात पर उसकी पत्नी से उसका कुछ झगड़ा हो गया।

पत्नी उससे नाराज हो गई और अनशन करके प्राण देने पर तुल गई। वररुचि ने उसे बहुत मनाया और पूछा, ‘बताओ-मैं तुम्हारी खुशी के लिए क्या करूँ?’ पत्नी ने कहा-‘तुम अपना सिर मुँड़वाओ और मेरे चरणों में प्रणाम करो।’ वररुचि ने ऐसा ही किया। उसकी पत्नी प्रसन्न हो गई।

इसी प्रकार एक बार राजा नंद की पत्नी भी क्रोध करके कलह मचाने लगी। राजा भी अपनी पटरानी को बहुत प्यार करता था। इसलिए उसने उससे पूछा-‘तुम्हें प्रसन्न करने के लिए मैं क्या करुँ?’

पत्नी बोली-‘तुम घोड़े की तरह अपने मुँह में लगाम लगा लो। फिर मैं तुम पर सवारी करुँगी। तब तुम घोड़े की तरह हिनहिनाना!’ राजा नंद ने विवश होकर पत्नी को प्रसन्न करने के लिए ऐसा ही किया।

अगले दिन राजसभा ने नंद ने महामंत्री वररुचि को मुंडित केश देखकर पूछा-‘अरे महामंत्री, तुमने किस पर्व पर यह मुंडन करवा लिया?’ चतुर महामंत्री से कुछ भी छिपा हुआ नहीं था। उसने कहा-‘महाराज, स्त्री की याचना पर तो लोग घोड़े की तरह हिनहिनाते भी लगते हैं। केश मुँडाना तो कुछ भी नहीं है।’ राजा लज्जित होकर चुप रह गया।”

#7 : सही चुनाव – Motivational Story in Hindi

एक महान राजा अपने साम्राज्य में बहुत अच्छे से राज करते थे और प्रजा के लोक प्रिय भी थे। उस राजा को अपने लिए को अपने राजदरबार के लिए अपने दरबार में एक महत्व के पद हेतु योग्य और भरोसेमंद व्यक्ति की खोज थी। इसी लिए राजा अपने आजु-नाजु केइलाके में युवकों को खोजना शुरू कर दिया। लेकिन राजा व्यक्ति की खोज करने में असफल रहा। तभी राजा को एक महान पुरुष की भेट हुई, जो इसी तरह यदा-कदा अतिथि बनकर सम्मानित हुआ करते थे। उस महा पराक्रमी राजा ने उस वयोवृद्ध संन्यासी के सम्मुख अपने मन की बात प्रकट की –

“”””मैं तय नहीं कर पा रहा हूँ। अनेक लोगों पर मैंने विचार किया। अब मेरी दृष्टि में दो हैं, इन्हीं दोनों में से एक को रखना चाहता हूँ।””””

“”””कौन हैं ये दोनों?””””

“”””एक तो राज परिवार से ही संबंधित हैं, पर दूसरा बाहर का है। उसके पिताश्री बहुत समय पहले हमारे दास हुआ करते थे , वो अब इस दुनिया में नहीं रहे उसका देहांत हो गया है। परन्तु उसका ये बेटा पढ़ा-लिखा सुयोग्य है।””””

“”””और राज परिवार से संबंधित युवक? उसकी योग्यता ‘मामूली’ है।”

“”””आपका मन किसके पक्ष में है?””””

“”””मेरे मन में द्वंद्व है, स्वामी!””””

“”””किस बात को लेकर?””””

“”””राजपरिवार यानि राजघराने का कोई भी रिश्तेदार अच्छा काबिल न होने पर भी हमारा अपना है, और. . .””””

“”””राजन! रोग शरीर में उपजता है तो वह भी अपना ही होता है, पर उसका उपचार जंगलों और पहाड़ों पर उगने वाली जड़ी-बूटियों से किया जाता है। ये चीज़ें अपनी नहीं होकर भी हितकर होती हैं।””””

राजा की आँखों के आगे से धुंध छँट गई। राजा ने अपनी बुद्धिमत्ता के दम पर निरपेक्ष होकर काबिल और सही आदमी को चुन लिया।”

#8 : दूरदृष्टि -Motivational Story in Hindi

बहुत समय पहले की बात है हिमाचल की पहाडीयो में एक बहुत ही ठंडे प्रदेश के एक पहाड़ी गाँव में एक बूढा व्यक्ति रहता था, सभी लोग उस बूढ़े व्यक्ति को महामूर्ख के नाम के नाम से ही पुकारते थे। उसके घर के सामने ही दो बड़े पर्वत थे, जिससे आने जाने में असुविधा होती थी। पहाड़ के दूसरी ओर पहुँचने में कई दिन लग जाते।

बूढ़े व्यक्ति के दो नवजवान पुत्र थे , एक दिन उस व्यक्ति ने अपने दोनो बेटों को बुलाया अपने गांव बुलाया और अपने दोनों पुत्र हाथों में फावड़ा थमाकर दृढ़ता से दोनो को आदेश देते हुए कहा की इस दो पहाड़ के बिच में तूम दोनों को रास्ता बनाना हैं , पिताजी की यह बात सुनकर दोनों भाई आश्चय हुए परन्तु पिताजी की बात न टालते हुए दोनों भाई ने उन पहाड़ो के बीच रास्ता बनाना शुरू कर दिया। यह देखकर कसबे के लोगों नं मजाक उड़ाना शुरू कर दिया- तुम सचमुच महामूर्ख हो। इतने बड़े बड़े पहाड़ों को काटकर रास्ता बनाना तुम बाप बेटों के बस से बाहर है।

बूढ़े ने उत्तर दिया- मेरी मृत्यु के बाद मेरे बेटे यह कार्य जारी रखेंगे। बेटों के बाद पोते और पोतों के बाद परपोते। इस तरह पीढ़ी दर पीढी पहाड़ काटने का सिलसिला जारी रहेगा। हालाँकि पहाड़ बड़े हैं लेकिन हमारे हौसलों और मनोबल से अधिक बड़े तो नहीं हो सकते। हम निरन्तर खोदते हुए एक न एक दिन रास्ता बना ही लेंगे। आने वाली पीढ़ियाँ आराम से उस रास्ते से पहाड़ के उस पार जा सकेंगी।

उस बूढ़े की बात सुनकर लोग दंग रह गए कि जिसे वे महामूर्ख समझते थे उसने सफलता के मूलमन्त्र का रहस्य समझा दिया। गाँव वाले भी उत्साहित होकर पहाड़ काट कर रास्ता बनाने के उसके काम में जुट गए। कहना न होगा कि कुछ महीनों के परिश्रम के बाद वहाँ एक सुंदर सड़क बन गई और दूसरे शहर तक जाने का मार्ग सुगम हो गया। इसके लिये बूढ़े को भी दूसरी पीढ़ी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी।

दृढ़ संकल्प, लगन, और कड़ी मेहनत के साथ-साथ सकारात्मक सोच रहे तो सफलता जल्दी ही प्राप्त हो जाती है।”

#9 : नागरिक का कर्तव्य – Motivational Story in Hindi

लीबिया के लिबलिस शहर के एक प्रमुख अस्पताल में अलगअलग वार्डों में मरीजों को मुख्य डाक्टर के आने का इंतजार था। नर्स, कंपाउंडर आदि बेंचों पर शांति से बैठे थे लेकिन लंबे कद का एक आदमी लंबा चोगा पहने, चहलकदमी करता हुआ प्रत्येक स्थान और वस्तु का गहराई से निरीक्षण कर रहा था, तभी अपनी ओर आते बड़े डाक्टर को देख कर वह व्यक्ति ठिठका।

डाक्टर ने पूछा, “”””ऐ मिस्टर, कौन हो तुम? यहां क्या कर रहे हो?””””

वह व्यक्ति बोला, “”””डाक्टर, मेरे पिता बहुत बीमार है।””””

इस पर डाक्टर बोला, “”””बीमार हैं तो उन्हें यहां भरती कराओ।””””

“”””वह शारीरिक रूप से अच्छे न थे यानि की कमजोर हैं। इस वजह से उनको यहां लाना शक्य(संभव) नहीं है। उस व्यक्ति ने बड़े ही करुण और आदर पूर्वक डॉक्टर को आने को उनके साथ चलने की गुजारिस की।

लेकिन डाक्टर ने उसे झिड़क दिया, “”””क्या बेहूदगी है? मैं तुम्हारे घर कैसे जा सकता हूं?””””

“”””उस व्यक्ति ने कहा , भले ही दर्दी मर जाए, उसके बाद भी आप नहीं जा सकते?”””” ।

डाक्टर ने गुस्सा हो गए और उसे उचे आवाज में डांटते हुए कहा, “”””तुम कुछ ज्यादा ही बोल रहे हो , ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है। तुम्हें भलक भी हैं की , तुम किस से बात कर रहे हो!!। मे एक चीफ सिविल सर्जन हु , बड़े लोगो से इस तरह बात की जाती है?””””

डॉक्टर का ऐसा मिजाज देख कर उस व्यक्ति से रहा नहीं गया और उसने भी सामने अकड़ दिखते गए , सख्ती से उत्तर दिया, “”””मैं ने अभी तक तो बहुत शराफत बरती है, लेकिन मुझे तुम से बात करने का ढंग सीखने की जरूरत नहीं है डाक्टर । तुम भी नहीं जानते कि तुम किस से बात कर रहे हो।””””

अब डाक्टर के मिजाज का दिखाना न था , वो और भी गुसा हो गए। उसने अस्पताल के वार्ड अटेंडेंट को उची आवाज से पुकारा और कहा, “”””इस आदमी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं हैं , पागल को पागलखाने भिजवा दो।””””

जैसे ही अटेंडेंट आगे बढ़ा, उस लंबे व्यक्ति ने अपना चोगा उतार फेंका। डाक्टर ने देखा, सामने कोई साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि सैनिक वरदी में एक रोबदार कर्नल खड़ा था। अब तो डाक्टर भी खुद सकपका गया। अपने देश के राष्ट्रपति कर्नल गद्दाफी को सामने देख कर उस के होश उड़ गए।

कर्नल गद्दाफी ने आदेश दिया, डाक्टर, अब तुम्हारे लिए लीबिया में कोई जगह नहीं है। मैं एक अस्पताल का नहीं, पूरे देश का अनुशासित सेनापति और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हूं। जो लोग अपना कर्तव्य निभाना नही जानते, उन्हें इस देश में रहने का कोई हक नहीं।””””

राष्ट्रपति के आदेश पर तत्काल अमल हुआ और सबक मिला कि राष्ट्र सेवा प्रत्येक नागरिक का सर्वोच्च कर्तव्य है।”

मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , हिंदी चुटकुले और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “Best Motivational Story in Hindi” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

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