Success Story in Hindi of Sundar Pichai, Steve Jobs, Jeff Bezos

Success Story in Hindi of Sundar Pichai, Steve Jobs, Jeff Bezos

Hello! दोस्तों आप सभी का Inkhindi.com पर स्वागत हैं। सफलता पाना हर व्यक्ति की प्राथमिक इच्छा होती हैं, हर कोई चाहता है कि वो भी एक सफल व्यक्ति बन सकें। लेकीन Success हासिल करना इतना आसान काम नहीं है, सफल बनने के लिए हमें , सफल व्यक्ति के जीवन चरित्र पढ़ने चाहिए। जब किसी महान व्यक्ति की success story पढ़ते हैं तो हमें उससे प्रेरणा मिलती हैं एवं राह मिलती हैं। आज में आपको Real Success Story in Hindi में बताने वाला हु।आशा करता हु की आप भी अपने जीवन में बड़े से बड़ा काम कर अपनी खुद की एक Success Story बनाए।

Sundar Pichai Success Story in Hindi

हर भारतीय की गर्व की बात है कि गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई हमारे भारतीय हैं। सुंदर पिचाई केवल गूगल का ही नहीं परंतु गूगल की पैरंट कंपनी अल्फाबेट का अभी सीईओ है। आज के हिसा टिकल में हम बहुत ही टैलेंटेड और इंटेलिजेंट पर्सनालिटी के बारे में जानेंगे। आज हम सुंदर पिचाई की लाइफ को करीब से देखेंगे। पिचाई सुंदरराजन का जन्म 1972 मैं तमिलनाडु के एक शहर मदुरई में एक मिडल क्लास फैमिली में हुआ था। इनके पिता रघुनाथ पिचाई जी.इ.सी नाम की कंपनी में इलेक्टिकल इंजीनियर थे। इनकी माता मिस.लक्ष्मी इनके जन्म से पहले एक स्टेनोग्राफर का काम करती थी। एक आम मिडल क्लास फेमिली की तरह उस समय इनकी फॅमिली भी एक दो रूम के अपार्टमेंट में रहा करती थी। और उस समय इनकी फाइनेंसियल सिचुएशन का आप इस बात से अंदाज़ा लगा सकते हैं की , इनके पिता को अपने लिए एक स्कूटर खरीदने में ३ साल तक सेविंग्स और वेइट करना पड़ा था। जब वो १४ साल के थे तब जाकर उनके घर लेनलाइन टेलीफ़ोन आया था। सुन्दर पिचाई शुरुआत से ही काफी होनहार और इंटेलिजेंट थे।

Sundar Pichai Success Story in Hindi
Sundar Pichai – Success Story in Hindi

इन्होंने 1993 में आई.आई.टी खड़कपुर से अपनी मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इंजीनियरिंग कंप्लीट करने के बाद इन्होंने स्टैंडफॉड से शिष्यवृत्ती हासिल की और मटीरियल साइंस एंड सेमीकंडक्टर फिजिक्स में एम.एस करने के लिए यूएस चले गए। तभी सुंदर पिचाई की फ्लाइट का खर्च उसके पिता की 1 साल की सैलरी के बराबर था। कुछ समय का प्लान यह था कि वह एम.एस पूरा करते ही फिर पी.एच.डी की पढ़ाई शुरू कर देंगे। फिर इन्होंने बीच में ही उन्होंने ये आइडिया ड्रॉप कर दिया और 1995 में applied materials नाम की कंपनी में as an engineer काम करने लगे। परंतु उन्होंने इस कंपनी में ज्यादा समय काम नहीं किया। फिर एम.बी.ए की पढ़ाई करने के लिए उन्होंने यह जॉब छोड़ दी। Wharton University of Pennsylvania मैं एम.बी.ए के लिए एडमिशन ले लिया। 2002 में MBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने मैकेंजी में as a management cursontan जॉब जॉइन कर ली। कुछ ही दिनों बाद अपनी गर्लफ्रेंड अंजलि से शादी कर ली।

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सन 2006 में इन्होंने फाइनली Precident of product management की पोस्ट पे गूगल में जॉब जॉइन कर ली। और उसी साल गूगल ने अपना फ्री मेल सर्विस GMAIL लॉन्च किया था। गूगल जॉइन करने के बाद उनका शुरुआती प्रोजेक्ट एक गूगल टूलबार का था। यह टूलबार उस समय काफी महत्वपूर्ण था क्यों की इस टूलबार की मदद से लोगो के पास Internet Explorer पर गूगल को डिफ़ॉल्ट Search Engine बनाने का ऑप्शन आता था। तब Eric Emerson Schmidt गूगल के CEO थे। उस टाइम पर सुंदर पिचाई ने Eric Schmidt को बोला की “Google Toolbar प्रोजेक्ट तो ठीक हैं पर हमें आपना खुद का एक ब्राउज़र भी बनाना चाहिए” परन्तु ये सुन कर Eric Emerson ज्यादा खुश न हुए और उनका आईडिया ठुकरा दिया। Eric Emerson ने ये कहा की Internet Explorer मार्किट में पहले से ही एक अच्छे ब्राउज़र के तोर पर EXIST हैं ; हम अपना ब्राउज़र बना कर कुछ खास न कर पाएंगे इस लिए अभी सिर्फ GOGGLE TOOLBAR पर ही ध्यान दो।

Sundar Pichai Success Story in Hindi
Sundar Pichai – Success Story in Hindi

तब सुंदर पिचाई ने कहा एक दिन Microsoft अपना खुद का एक Search Engine बना लेगा , सायद हमें उसके पहले अपना ब्राउज़र बना लेना चाहिए।पर इस बात पर भी Eric Schmidt ने ज्यादा ध्यान न दिया।

फिर एक दिन वही हुआ जो सुंदर पिचाई ने बहुत पहले ही कह दिया था। Microsoft ने रातो रात Internet Explorer से गूगल को हटा कर BING को default Search Engine बना दिया।एक ही रात में गूगल ने अपने ३०० मिलियन कस्टमर्स लूस कर दिए। तभी पिचाई और उसकी टीम ने बचा हुआ GOOGLE TOOLBAR का काम जी-जान लगा कर पूरा कर दिया और GOOGLE TOOLBAR मार्केट में लॉन्च कर दिया। जिससे लोगो को एक ऑप्शन आ जाता था जिस से लोग वापस गूगल को अपना default Search Engine बना लेते थे। इस टूलबार की वजह से खोये हुए ८०% कस्टमर्स भी वापस आ गए।

तब तक Eric Schmidt सुंदर पिचाई की वैल्यू समज आ गई थी। इस घटना ने Eric Schmidt को सुंदर का प्रपोज़ल मनने को मजबूर कर दिया।और फिर GOOGLE CHROME को २००८ में पिचाई की टीम ने लॉन्च कर दिया।कुछ ही समय के अंदर वर्ल्ड का सबसे बढ़िया वेब ब्राउज़र CHROME बन गया था।

Sundar Pichai - success story in Hindi
Sundar Pichai – success story in Hindi

गूगल के इस प्रोडक्ट से सुंदर पिचाई को Internationally बहुत recognition मिली। २००८ में ही इन्हे Wise Precident Of Product Development की पोस्ट पर प्रमोट कर दिया गया। जिसके बाद गूगल के हर प्रोडक्ट पिचाई के द्वारा लॉन्च होने लगे। २०१२ में इन्हे Senior Wise Precident Of Chrome OR Apps की पोस्ट पर प्रमोट कर दिया गया।

एक ही साल बाद इन्हे Android के प्रोजेक्ट को लिड करने की जिन्मेदारी सोपि गई। जहा इन्होने अंडोरिड ओने की शुरुआत की और ५ बिलियन लोजो तक OS को पहुंचाया। और बहुत ही कम समय में सुंदर पिचाई को दोबारा प्रोमोट कर के २०१४ में Head Of Product की पोस्ट दे दी गई।

Sundar Pichai Success Story in Hindi
Sundar Pichai – Success Story in Hindi

इस टाइम पर सुंदर पिचाई को ऑलमोस्ट हर दूसरी कंपनी से ऑफर आने लगे थे। यह तक की इनको ट्विटर से भी ये ऑफर आया की Head Of Product की पोस्ट से ट्विटर को जॉइन करे। हैरानी की बात तो ये है की Microsoft के CEO की पोस्ट के लिए भी As a Candidate consider किया गया था। परन्तु पीछे ने गूगल के साथ अपनी loyalty नहीं छोड़ी। और आखिर में २०१५ में सुंदर पिचाई को GOOGLE CEO की पोस्ट पर प्रमोट कर दिया गया। कई बार पीछे को सबसे अच्छा CEO भी बताया गया हैं। २०१९ में इन्हे ALPHABET का भी CEO बना दिया गया। अभी सुंदर पिचाई मोस्ट पावरफुल लोगो में से मने जाते हैं। हमारे लिए गर्व की बात तो ये हे की एक इंडियन आज वर्ल्ड की टॉप कंपनी का CEO हैं। ये थी सुंदर पीछे की लाइफ स्टोरी।

Steve Jobs Success Story in Hindi

Steve Jobs Success Story in Hindi
Steve Jobs – Success Story in Hindi

इस बात को याद रखना कि मैं बहुत जल्दी मर जाऊंगा , मुझे अपनी जिंदगी के बड़े निर्णय लेने में सबसे मददगार होते हैं। क्योंकि जब मैं एक बार मौत के बारे में सोचता हूं , अब सारी उम्मीद सारा गर्व ,असफल होने का डर सब कुछ कायम जाता है। और सिर्फ वही बचता है , जो वाकई में जरूरी है। ऐसा कहना है दुनिया के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति स्टीव जॉब्स का। जिन्होंने अपने संघर्ष के दम पर वह मुकाम हासिल किया जो की हर किसी के बस की बात नहीं। ऐपपल कंपनी के को – फाउंडर इस अमेरिकी को दुनिया सिर्फ एक सक्सेसफुल एंटरप्रेन्योर बिजनेसमैन और इन्वेंटर के रूप में ही नहीं जानती है।

बल्कि उन्हें विश्व की मोटिवेशनल स्पीकर्स में भी कहीं ऊंचा दर्जा प्राप्त है। स्टीव जॉब्स का जन्म 24 फरवरी 1955 को कैलिफोर्निया में हुआ था। स्टीव की मां कॉलेज में पढ़ने के दौरान ही स्टीव को जन्म दिया था और तब उनकी शादी किसी के साथ भी नहीं हुई थी। इसी वजह से वह स्टीव को अपने पास नहीं रखना चाहती थी। और उन्होंने इस स्टीव को किसी को गोद देने का फैसला कर लिया। स्टीव जॉब्स को कैलिफोर्निया में रहने वाले पोल और कारला जॉब्स ने गोद लिया। वह मिडल क्लास फैमिली से थे।

Steve Jobs Success Story in Hindi
Steve Jobs – Success Story in Hindi

उनके पास ज़्यादा पैसे नहि हुआ करते थे। फिर भी वो स्टीव कि हर ज़रूरत को पूरा करते थे। उन्हें सबसे अच्छें स्कूल में पढ़ाया। स्टीव कि प्रारम्भिक सिकशा मोंटा लोमा स्कूल में हुई थी। और १९७२ में अपने college की पढ़ाई के लिए Read college में admission ले लिया जो कि वहा की सबसे महंगी कॉलेज थी। जिसकी वाज से उनके माता पिता हर प्रयास के बाद भी फ़ीस नहि भर पाते थे। स्टीव को भी अपने परिवार वालों को प्रॉब्लम में देख कर रहा नहि गया। इस लिए अपनी फ़ी भरने के लिए कोल्डड्रिंक्स के बॉटल बेचना सरूँ कर दिया ओर पैसों की कमी होने के कारण पास के मंदिर में जाकर वहा मिलने वाला मुफ़्त खाना खाने लगे। अपने होटेल का किराया बचाने के लिए अपने दोस्त के कमरे में ज़मीन पर ही सो जया करते थे।

इतन कुछ करने के बावजुत भी फ़ीस के पैसे नहि हो पाते थे। ओर अपने माता पिता को महेनत करता देख उससे रहा नहि गया। ओर अंत में उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया। उसके बाद वो अपना सारा समय अपने पहेले से सोचे बिज़्नेस पर लगाने लगे। स्टीव ने अपने स्कूल के दोस्त के साथ मिल कर अपने पिता के छोटे से गेरेज में Macintosh नामक Operating System तैयार किया। ओर इस बनाए हुए सॉफ़्ट्वेर को बेचने के लिए ऐपल नेम के कम्प्यूटर का अविष्कार करना चाहते थे।

लेकिन पैसों की कमी के कारण ये संभव नहि था। उनकी ये समस्या उनके एक मित्र माइक ने दूर कर दी। उसके बाद १९७६ में मात्र २० बरस की उमर में उन्होंने ऐपल कंपनी की स्थापना की। स्टीव ओर उसके मित्रों की कड़ी महेनत से देख ते ही देखते कुछ सालो में ऐपल कम्पनी एक छोटे ऐ गेरज से बढ़ कर २ अरब डॉलर ओर ४००० कर्मचारी वाली कम्पनी बन चुकी थी। लेकिन स्टीव कि ये उपलब्धि ज़्यादा देर तक नहि रही। उनके पार्ट्नर से आपस में मन भेद होने के कारण ऐपल कम्पनी की लोक प्रियता कम होने लगी। धीरे धीरे कम्पनी क़र्ज़ में डूब गई। जिसके बाद डिरेक्टर की मीटिंग हुई , उसमें सारे दोष स्टीव पर ठहरा कर सन. १९५० में उन्हें कम्पनी से बाहर कर दिया। ये उनके जीवन का सबसे दुखद पल था। क्यू की जिस कम्पनी को उसी ने कड़ी महेनत से बनाया था उसी का वो अब हिस्सा नहि रहे थे। स्टीव के जाते ही कम्पनी की हालत बहुत ही ख़राब हो गई।

Steve Jobs Success Story in Hindi
Steve Jobs – Success Story in Hindi

ऐपल से बिदा ले कर स्टीव जॉब्स ने Pixler ओर Next-ink दो कम्पनी की सूरुआत की , वो भी सफल रही। ऐपल अब धीरे धीरे टूट दी जा रही थी। एस देखते हुए ऐपल के डिरेक्टर ने स्टीव जॉब्ज़ से वापस आने की गुज़रिस की। १९९६ में स्टीव बे फिर से ऐपल जोईन कर लिया। ओर Pixler को ऐपल के साथ जोड़ दिया।

ऐपल के मालिक अभी स्टीव ही थे। स्टीव जब ऐपल में बापस आए तभी २५०+ प्रॉडक्ट्स थे। उन्होंने आने में बाद केवल १० प्रॉडक्ट्स कर दी। ओर इनहि १० प्रॉडक्ट्स पर ध्यान देने लगे। उनका मानना था की प्रोडक्ट की क्वॉलिटी पर ध्यान देना चाहिए। १९९८ में उन्हो ने I-Mac को लोंच किया। उसके बाद iPad , iPhone भी लोंच किए। iPhone full form “Intelligent Phone” हैं। apple india careers २०१७ में सुरु हो गया हैं , यानि की एप्पल के फ़ोन इंडिया में assembling होना सुरु हो गए हैं। अभी के समय में apple jobs india भी मुमकिन हैं।कोई भी इंडियन अपनी महेनत के बलबूते पर एप्पल में जॉब ले सकता हैं।

५ ओकटोबर २०११ को सेन्सर के कारण स्टीव का निधन गो गया। लेकिन आज भी उनकी लोक प्रियता बरकरार हैं। स्टीव का मानना था कि “जो लोग पागलों की तरह सोच ते हैं की दुनिया बदली जा सकती हैं , सच में वही दुनिया बदलते हैं”।उनके अंतिम शब्द निचे लिखे गए हैं।

Steve jobs - success story in Hindi
Steve jobs – success story in Hindi

Steve jobs last Words :

I reached the pinnacle of success in the business world. In others' eyes, my life is an epitome of success However, aside from work , i have little joy In the end, wealth is only a fact of life that i am Accustomed to At this moment, lying on the sick bed and recalling my whole life , I realised that all the recognition and wealth that i took so much pride in have paled and become meaningless in the face of impending death.
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You can employ someone to drive the car for you , make money for you , but you can not have someone to bear the sickness for you. Material things lost can be found but there is one thing that can never be found when it is lost : "Life"
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When a perosn goes into the operating room , he will realize that there is one book that he has yet to finish reading : "Book of Healthy life" Whichever stage in life we are at right now , with time , we will face the day when the curtain comes down…Treasure love for your family , love for your spouse , love for your friends , Treat yourself well. Cherish others.
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As we grow older and hence wiser , we slowly realize that.. Wearing a $300 or $30 watch ; they both tell the same time… Whether we carry a $300 or $30 wallet / handbag ; the amount of the money inside is the same.
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You will realize , your true inner happiness dose not come from the material things of this world. Whether you fly first or economy class , if the plance goes down - you go down with it…Therefore i hope you realize when you have mates , buddies and old friends, brothers and sisters , who you chat with , laugh with , talk with , have sing song with , talj about north - south -east - west or haven and earth , That is True happiness!!
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Five Undeniable facts of life :
 -> Don't educate your child to be rich. Educate them to be happy so when they Grow up , they will know the value of things , not price.
-> Best Awarded words in London…"Eat your food as your medicines otherwise, you have to eat medicines for food."
-> The ones who love you never leave you for another because even if there are 100 reasons to give up , he or shr will find one reason to hold on.
-> There is a big difference between human being and being human ; only a few really understand it.
-> You are loved when you are born. You will be loved when you die. In between , you have to manage!

Jeff Bezos Success Story in Hindi

Jeff Bezos Success Story in Hindi
Jeff Bezos – Success Story in Hindi

26 अगस्त 2020 को ऐमेज़ॉन के फाउंडर और सीईओ जेफ बेज़ोस दुनिया के पहले ऐसे इंसान बने जिसकी Net Wroth २०० बिलियन यूएस डॉलर से भी ज्यादा हो गई। ना सिर्फ विश्व के इतिहास में ये पहली बार हुआ , बल्कि उस दिन दुनिया के दूसरे सबसे Rich Person Bil gates की Net Wroth ओर जेफ बेज़ोस की Net Wroth के बीच ९० बिलियन यूइस डॉलर का फर्क था।

जेफ़ बीज़ास का जन्म १२ जनवरी १९६४ को यूनाइटेड स्टेट्स ओफ़ अमेरिका में न्यू मेक्सिको स्टेट में हुआ था। इनके जन्म के समय इसकी माँ १७ साल की हाई स्कूल की विध्यार्थी थी। उनके पिता एक बाइक शोप के ओनर थे। पिता के सरनेम के अकोर्डिंग उसका नेम Jeffery Preston Jorgensen रखा गया था। पर उसकी माँ ओर पिता का रिश्ता ज़्यादा लम्बा नहि चला। स न. १९६५ में दोना का दिवोर्स हो गया। जब बीज़ॉस ४ साल के थे तभी उसकी माँ ने दूसरी सदी कर ली। सदी के बाद माइक ने जेफ़ नो adobe कर लिया। ओर उसका सर नेम बदलकर bezos रख दिया गया। उसको १० साल की उम्र में पता चला की वो एक अडोप्टेड चाइल्ड है। उसके फ़ाधर माइक नहि परंतु Ted है। जेफ़ की माता ने उसे सही रह दिखने में अहेम भूमिका दी थी। सादी के बाद माइक अपनी नोकरी की वजह से उनके परिवार को लेकर यूएस में सिफ़ट हो गए। ओर यह पर जेफ़ को अपनी पढ़ाई के साथ साथ अपने नाना के फार्म में कई चीजों को सीखने का मोका मिला।

Success story in hindi

छूटियो के दौरान जेफ़ अपने नाना की मदद के लिए काफ़ी कुछ करते थे। कभी ट्रक को ठीक करना तो कभी फार्म में सेलटर बनाने के काम को सीखना। जेफ़ अपने इंटर्व्यू में बताते है की उन्होंने अपने नाना से काफ़ी कुछ सिखा। जेफ़ के जीवन ने एक एसा समय आया की जब परिवार को काम की वजह से टेक्सस को छोड़ ना पड़ा। ओर एक नई जगह Florida में। सिफ़्ट होना पड़ा। Bezos ने हाई स्कूल में अड्मिशन लिया ओर अपनी आगे मी पढ़ाई सरूँ की। उस टाइम पर पढ़ने के साथ साथ उन्होंने पैसा कमाने हेतु McDonalds में नोकरी भी की।

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इतना ही नहीं परंतु इस दौरान वह University of Florida जाकर साइंस प्रोग्राम भी अटेंड किया करते थे। यह सब कुछ करने के बाद भी जैफ बेजॉस अपने हाईस्कूल के टॉपर थे। इसके बाद उन्होंने Princeton यूनिवर्सिटी से 1986 में बीएसई इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कंप्यूटर साइंस की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद इनके पास कई सारे जॉब ऑफर्स थे। पर इन्होंने Fitel नाम के एक स्टार्टअप से अपना कैरियर शुरू किया। फिर कुछ टाइम बाद इन्होंने बैंकिंग इंड्रस्ट्री जॉइन कर ली।

Jeff Bezos Success Story in Hindi
Jeff Bezos – Success Story in Hindi

फिर 1990 में इन्होंने D.E SHAW & CO नाम कि कंपनी जॉइन की। जब जेफ 30 साल के थे तभी उसे इस कंपनी का सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बना दिया गया। जेफ अपने इंटरव्यूज में बताते हैं कि , वे उस समय अच्छी सैलरी कमा रहे थे और बहुत अच्छी लाइफ स्पेंट कर रहे थे। पर कहीं ना कहीं वो जानते थे कि पैसा सिर्फ एक टूल है। ये जानते थे कि इन्हे लाइफ में कुछ ऐसा करना है जो आज तक किसी ने ना किया हो।

Success story in hindi

इस लिए उन्होंने अपनी जॉब छोड़ ने का फैसला लिया। ये निर्णय करना उसके लिए आसान नहीं था। एक दिन वो अपनी पत्नी के पास गए और उसे बताया , की से एक ऑनलाइन बुक स्टोर खोलना चाहते हैं।इनकी वाइफ मान गई। फिर भी वो अपने इस विचार से पूरी तरह से sure नहीं थे।कुछ दिन बाद यही आइडिया अपने बॉस को सुनाया। बॉस ने कहा आइडिया बूज नहीं परंतु जिसके पास तुम्हारे जैसा जॉब हो उसे ये नहीं करना चाहिए।उस समय जेफ ने सोचा कि आज में अपना बिजनेस नहीं करूंगा तो शायद मुझे अफसोस रह जाएगा।

बस यही सोच कर जेफ ने जॉब छोड़ दी। और अपने बिजनेस के लिए इन्वेस्टर कि तलाश में लग गए। यह जिस भी इन्वेस्टर्स को अपना आइडिया पेस करने जाते थे , उसे साफ साफ बता देते थे कि आपका पैसा डूबने के चांस ७०% है।

Jeff Bezos Success Story in Hindi
Jeff Bezos – Success Story in Hindi

क्यों की ये पहली बार होगा कि कोई इंटरनेट ओर कॉमर्स को मिक्स करने वाला है।Jeff Bezos की success story की शुरुआत यहा से हुई। कुछ इन्वेस्टर्स मान गए।फाइनली 5 जुलाई 1994 को जेफ ने अपने गेराज से amazon ki शुरुआत कि। स्टार्टिंग में amazon पर सिर्फ books बेचा करते थे। पर ये सुरुसात से ही जानते थे कि ये इंटरनेट पर सिर्फ book नहीं परंतु वो सब कुछ बेचना चाहते हैं जो लोग हररोज उपयोग करते हो।

Book ऐसा पहला होगा जिसे लोग ऑनलाइन खरीदना पसंद करेंगे। इसी लिए उन्होंने पहले बुक बेचना शुरू किया फिर धीरे धीरे music or video भी सेल करने शुरु कर दिया। शुरुआती दिनों में जेफ ओर उसकी टीम amazon पर आने वाले हर एक ऑर्डर को एक अचीवमेंट मानते थे। इस लिए जेफ ने अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए एक बैल इंटॉल करवा दिया। किन्तु amazon ki grow इतना जलदी हुआ कि वो बैल हटानी पड़ी।

सभी ठीक ठाक चल रहा था तभी सन २००० में आए डॉट कोम क्रैश की वजह से amazon को भी काफी नुकसान जेलना पड़ा।amazon फिर थोड़ी खोट में भी गई परंतु अपनी स्टेटेजी ओर नसीब की वजह से amazon को बचाने में कामयाब रहे।उस दौरान १४% लोगो को निकालना पड़ा। कई सारे सेंटर भी बंद करने पड़े। उन्होंने अमेजॉन को 3 प्रिंसिपल के आधार पर चलाया।

1).Customer first
2).Stay innovative
3).Be patient

Innovative का मतलब यहां पर हम परफेक्ट नहीं है यह था। हम लगातार अपनी कमियां पता लगाते रहेंगे और उसे सुधारने की कोशिश जारी रखेंगे। अमेजॉन का लोगो उसकी झरनी को पूरी तरह से दिखा देता है। अमेजॉन का एरो जो ए से शुरू होकर जेड तक जाता है वह यह दर्शाता है कि आपको सभी वस्तुएं यहां से मिल जाएंगी। Books से लेकर सब कुछ तक का सफर

Blue Origin
Blue Origin Success story in hindi

जेफ अमेजॉन तक ही नहीं रुके। वह और भी कुछ बड़ा करना चाहते थे। उन्होंने सन 2000 में ही हुमन स्पेस फ्लाइट सर्विस शुरू कर दी थी। जिसका नाम था blue origin. ब्लू ओरिजिन का विजन है कि वह चाहते हैं , जैसे लोग हवाई जहाज के जरिए घूम पाते हैं ऐसे ही स्पेस फ्लाइट के जरिए पूरा वर्ल्ड ट्रैवल कर पाए।

लोगों ने जेब का मजाक उड़ाया , तब जिस ने यही कहा कि , इंटरनेट से पहले लोग सिर्फ दुकान पर जाकर ही सामान खरीदते थे किसी ने यह सोचा भी नहीं था कि इंटरनेट के माध्यम से वस्तुएं खरीदी जा सकती है। तो शायद आप अभी स्पेस ट्रैवल को इंपॉसिबल समझ रहे हो , क्या पता यही कल का सच हो। जिसका यह गोल कभी न था कि वह वर्ल्ड का रिचेस्ट पर्सन बने। ऐसा करना चाहते थे कि जिससे लोगों को परेशानी होगी और उसे मदद मिल सके।

मेरा नाम निश्चय है। में इसी तरह की हिंदी कहानिया , हिंदी चुटकुले और सोशल मीडिया से संबंधित आर्टिकल लिखता हु। यह आर्टिकल “Success Story in Hindi of Sundar Pichai, Steve Jobs, Jeff Bezos” अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे फेसबुक इंस्टाग्राम आदि में फॉलो करे।

3 thoughts on “Success Story in Hindi of Sundar Pichai, Steve Jobs, Jeff Bezos”

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